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जंतर-मंतर पर अनशन करने वाली Neha Bora पहुंची झारखंड, किसने और क्यों उन पर फेंकी स्याही? इस बात से है नाराजगी

रांची में JPSC-JSSC परीक्षा में कथित अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों के विधानसभा मार्च के दौरान AISA अध्यक्ष नेहा बोरा पर एक व्यक्ति ने स्याही फेंक दी। प्रदर्शनकारियों ने आरोपी को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। नेहा बोरा ने परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग की है।

Neha Bora Ink Attack During Ranchi Student Protest Over JPSC-JSSC Exam Irregularities
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Ink Attack On Neha Bora: दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोज जनता पार्टी के प्रदर्शन में शामिल ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन की प्रेसिडेंट नेहा बोरा झारखंड की राजधानी रांची पहुंची. यहां वह JPSC-JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों के प्रदर्शन में शामिल हुई. हालांकि, इस दौरान विवाद खड़ा हो गया. विधानसभा की ओर निकाले गए मार्च में AISA अध्यक्ष नेहा बोरा पर एक अज्ञात व्यक्ति ने स्याही फेंक दी. पुलिस के मुताबिक, घटना के बाद आरोपी को प्रदर्शनकारियों ने पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया.

घटना बिरसा मुंडा स्टेडियम से झारखंड विधानसभा की ओर जा रहे छात्र मार्च के दौरान हुई. नेहा बोरा ने आरोप लगाया कि जब वह अपने साथियों के साथ मार्च में मौजूद थीं, तभी एक व्यक्ति ने उन पर स्याही फेंकी.

आरोपी ने नेहा बोरा पर क्यों फेंकी स्याही?

पुलिस के अनुसार, घटना के बाद आरोपी ने कथित तौर पर नेहा बोरा के प्रति अपनी नाराजगी जताई और उनके कुछ राजनीतिक विचारों का विरोध करने की बात कही. आरोपी ने उन पर उमर खालिद का समर्थन करने का आरोप लगाया और उन्हें ‘एंटी-नेशनल’ कहा. आरोपी ने कहा, "मुझे नेहा बोरा पसंद नहीं है. वह उमर खालिद का समर्थक है, इसलिए स्याही फेंकी. हमें कोई फर्क नहीं पड़ता.ये सभी देशद्रोही हैं."

कौन है आरोपी?

नेहा बोरा ने आरोप लगाया कि आरोपी की पहचान हजारीबाग के रहने वाले 26 वर्षीय अमरनाथ पांडेय के रूप में हुई है. उन्होंने उसे RSS से जुड़ा हुआ बताया. नेहा ने कहा कि वह विनोबा भावे विश्वविद्यालय से हिंदी ऑनर्स की पढ़ाई कर रहे हैं.

'छात्रों के प्रदर्शन को दबाने की हो रही कोशिश'

घटना के बाद नेहा बोरा ने इसे छात्रों के प्रदर्शन को दबाने की कोशिश बताया. उन्होंने कहा कि जो लोग छात्रों के हित में खड़े होने का दावा करते हैं, उन्हीं से जुड़े लोग छात्रों के मार्च के दौरान उन पर स्याही फेंक रहे हैं.

परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता की मांग

नेहा बोरा ने कहा कि झारखंड ही नहीं, बल्कि पूरे देश में होने वाली प्रतियोगी परीक्षाएं सरकारी संस्थानों की निगरानी में पारदर्शी और जवाबदेह तरीके से होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि पेपर लीक या परीक्षा में गड़बड़ी होने पर पूरी जिम्मेदारी केवल निजी एजेंसियों पर डालकर सरकार अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकती. AISA की ओर से मांग की गई कि परीक्षा प्रक्रिया में शामिल उन निजी एजेंसियों को हटाया जाए, जिन पर अनियमितता और भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं. संगठन ने संबंधित सरकारी अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की भी मांग की.

10 अगस्त के छात्र आंदोलन को समर्थन

नेहा बोरा ने कहा कि छात्र संगठनों की ओर से 10 अगस्त को दिए गए आंदोलन के आह्वान का वह समर्थन करेंगी और छात्रों के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर आवाज उठाती रहेंगी. उन्होंने उन राजनीतिक दलों से भी छात्रों की मांगों का समर्थन करने की अपील की, जिन्होंने पिछले महीने छात्रों के प्रदर्शन के दौरान एकजुटता दिखाई थी. उनका कहना है कि जयपाल सिंह मुंडा मैदान में प्रदर्शन कर रहे छात्रों की मांगों पर भी इन दलों को अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए.

फिलहाल घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है. छात्र संगठनों की मांग है कि परीक्षा में कथित गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच हो और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जाए.

झारखंड में कब से और क्यों हो रहा छात्रों का प्रदर्शन

  • झारखंड की राजधानी रांची में छात्रों का प्रदर्शन 25 जुलाई से जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में चल रहा है. यह विरोध प्रदर्शन राज्य की JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित धांधली, घोटालों और पेपर लीक के खिलाफ हो रहा है.
  • छात्रों की मांग है कि सरकारी नौकरियों में लगातार हो रहे पेपर लीक की घटनाओं और भ्रष्टचार की सीबीआई और ईडी से जांच करवाई जाए. उन्होंने 14वीं JPSC प्रीलिम्स परीक्षा को रद्द करने, OMR शीट को सार्वजनिक करने और पूरी भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शी सुधार लाने की मांग की है.
  • हालांकि, सरकार ने स्थिति को संभालने के लिए प्रदर्शन कर रहे छात्रों से बातचीत के लिए एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है. लेकिन छात्र अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं.
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