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सेहत से नहीं होगा सौदा! हरियाणा सरकार ने गुटखा-पान मसाला पर लगाया बैन, जानें बेचने पर कितना लगेगा जुर्माना

हरियाणा सरकार ने सेहत की लड़ाई में एक ऐतिहासिक फैसला लिया है. राज्य में गुटखा, पान मसाला, फ्लेवर्ड या सेंटेड टोबैको, खरा और ऐसे ही तमाम तंबाकू आधारित उत्पादों पर एक साल का बैन लगा दिया गया है. साथ ही, इन चीजों को बेचने पर जुर्माना और जेल की सजा भी तय की है.

सेहत से नहीं होगा सौदा! हरियाणा सरकार ने गुटखा-पान मसाला पर लगाया बैन, जानें बेचने पर कितना लगेगा जुर्माना
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( Image Source:  ANI )
हेमा पंत
Edited By: हेमा पंत3 Mins Read

Updated on: 5 Dec 2025 4:53 PM IST

सेहत के साथ किसी भी तरह का समझौता बर्दाश्त नहीं करने के मैसेज के साथ हरियाणा में नायब सिंह सैनी की सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. राज्य में गुटखा और पान मसाला की बिक्री, स्टोरेज और डिस्ट्रीब्यूशन पर अब पूरी तरह से बैन लगा दिया गया है. सरकार का कहना है कि तंबाकू और इससे बने उत्पाद न केवल कैंसर जैसी घातक बीमारियों की जड़ हैं बल्कि युवा पीढ़ी को तेजी से इसकी गिरफ्त में ले रहे हैं.

इस बैन के साथ ही सरकार ने साफ कर दिया है कि अगर कोई इस नियम को तोड़ता पाया गया, तो उसे भारी जुर्माने और सख्त कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा. यह कदम न केवल लोगों की सेहत को बचाने की दिशा में अहम माना जा रहा है बल्कि समाज में बढ़ती लत और उससे जुड़े खतरों को रोकने की एक ठोस पहल भी है.

सेहत पर मंडराता खतरा

फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन विभाग का कहना है कि ये प्रोडक्ट्स सिर्फ लत नहीं, बल्कि गंभीर बीमारियों की जड़ हैं. गुटखा और पान मसाले का लगातार खाने से मुंह के कैंसर, सांस की बीमारियों और दिल की दिक्कतों का कारण बन सकता है. इतना ही नहीं, इन चीजों में मौजूद हानिकारक पदार्थ शरीर की जेनेटिक कंटेंट पर भी असर डाल सकते हैं, जिससे आने वाली पीढ़ियों पर असर पड़ सकता है. रिपोर्ट्स बताती हैं कि इनमें हैवी मेटल्स, एंटी-केकिंग एजेंट्स (अनुमेय सीमा से अधिक), सिल्वर लीफ, बाइंडर्स और कई बैन केमिकल्स पाए जाते हैं.

नूह जैसे जिलों पर खास नजर

सरकार ने इस आदेश को लागू कराने के लिए सख्त निर्देश दिए हैं. एसपी, जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी और जनसंपर्क अधिकारियों तक निर्देश भेजे गए हैं. खासतौर पर नूह जैसे जिलों पर खास नजर रखी जाएगी, क्योंकि यहां तंबाकू के प्रोडक्ट्स की खपत ज्यादा है.

कानून और जागरूकता की ताकत

खाद्य विभाग ने साफ किया है कि सिर्फ बैन लगाना ही काफी नहीं है. लोगों को इन उत्पादों के खतरों के बारे में जागरूक करना भी जरूरी है. इसलिए आने वाले समय में बड़े पैमाने पर जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे, जिनमें जनता को यह बताया जाएगा कि इन उत्पादों का सेवन न सिर्फ हेल्थ के लिए खतरनाक है बल्कि अब कानूनी रूप से भी अपराध है.

कितना लगेगा जुर्माना?

अगर इस बैन के बावजूद भी कोई गुटखा और पान मसाला बेचता है, तो उस पर 10 लाख रुपये का जुर्माना लगेगा. इतना ही नहीं, अगर किसी की मौत हुई तो उम्रकैद तक की सजा मिल सकती है.

हरियाणा न्‍यूज
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