कौन है गुलफिशा फातिमा? दिल्ली हिंसा मामले में 5 साल बाद जेल से बाहर निकलते ही ऐसा हुआ स्वागत, देखें वीडियो
Who Is Gulfisha Fatima:; दिल्ली दंगों से जुड़े एक बड़े मामले में कड़कड़डूमा कोर्ट ने चार आरोपियों को राहत देते हुए रिहा करने के आदेश जारी किए हैं, जिनमें गुलफिशा फातिमा का नाम भी शामिल है. तिहाड़ जेल से बाहर आते ही गुलफिशा के स्वागत का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, जिसके बाद लोग यह जानने को उत्सुक हो गए कि आखिर गुलफिशा फातिमा कौन हैं?
Who Is Gulfisha Fatima: दिल्ली दंगों से जुड़े एक बड़े मामले में कड़कड़डूमा कोर्ट ने चार आरोपियों को राहत देते हुए रिहा करने के आदेश जारी किए हैं, जिनमें गुलफिशा फातिमा का नाम भी शामिल है. तिहाड़ जेल से बाहर आते ही गुलफिशा के स्वागत का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, जिसके बाद लोग यह जानने को उत्सुक हो गए कि आखिर गुलफिशा फातिमा कौन हैं?
हालांकि, इसी मामले में अदालत ने मुख्य आरोपी माने जा रहे उमर खालिद और शरजील इमाम को जमानत देने से साफ इनकार कर दिया. इस फैसले के बाद एक ओर जहां कुछ आरोपियों की रिहाई पर चर्चा हो रही है, वहीं दूसरी ओर गुलफिशा फातिमा की पृष्ठभूमि और उन पर लगे आरोपों को लेकर भी बहस तेज हो गई है.
तिहाड़ जेल से बाहर आते ही चर्चा में आई गुलफिशा
रिहाई के बाद तिहाड़ जेल के बाहर गुलफिशा फातिमा का जिस तरह से स्वागत किया गया, उसने सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान खींच लिया. वीडियो वायरल होने के बाद लोग यह जानने की कोशिश करने लगे कि गुलफिशा फातिमा का नाम दिल्ली दंगों के मामले में क्यों चर्चा में रहा है?
कौन है गुलफिशा फातिमा?
दिल्ली की रहने वाली गुलफिशा फातिमा एक एमबीए ग्रेजुएट हैं. वह दिल्ली दंगों से जुड़ी कथित बड़ी साजिश के मामले में आरोपी बनाई गई एकमात्र महिला हैं. जाफराबाद पुलिस स्टेशन में उनके खिलाफ हत्या, दंगा और राजद्रोह जैसे गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया गया था.
किन आरोपों में हुई थी गिरफ्तारी?
आरोपों के मुताबिक, गुलफिशा फातिमा मुस्लिम स्टूडेंट्स ऑफ जामिया से जुड़ी हुई थीं और नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के विरोध प्रदर्शनों में सक्रिय भूमिका निभा रही थीं. 23 फरवरी 2020 को गुलफिशा और अन्य आरोपियों ने सीलमपुर और जाफराबाद इलाके में सैकड़ों महिलाओं को एकत्र किया और जाफराबाद मेट्रो स्टेशन का रास्ता जाम कर दिया. आरोप यह भी है कि भीड़ को मिर्च स्प्रे और पत्थरबाजी के लिए उकसाया गया.
UAPA के तहत नहीं मिली थी जमानत
हालांकि गुलफिशा फातिमा को कुछ मामलों में पहले जमानत मिल चुकी थी, लेकिन गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम यानी यूएपीए के तहत दर्ज केस में उन्हें लंबे समय तक राहत नहीं मिली. इसी वजह से वह करीब पांच साल तक तिहाड़ जेल में बंद रहीं.





