Begin typing your search...

कौन हैं प्रतीक जैन जिसके यहां चल रही ED की छापेमारी, ममता बनर्जी की एंट्री से मचा बवाल, जानें पीके कनेक्शन

केंद्रीय जांच एजेंसी Enforcement Directorate ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पॉलिटिकल कंसल्टेंसी फर्म I-PAC के डायरेक्टर प्रतीक जैन के ठिकानों पर छापेमारी की है. कोलकाता के सॉल्ट लेक इलाके में I-PAC ऑफिस और प्रतीक जैन के आवास सहित कई जगहों पर तलाशी ली गई. इस कार्रवाई के दौरान पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री Mamata Banerjee खुद मौके पर पहुंचीं और ED पर राजनीतिक उत्पीड़न का आरोप लगाया. I-PAC की स्थापना चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने की थी. रेड के बाद बंगाल की राजनीति में हलचल तेज हो गई है.

कौन हैं प्रतीक जैन जिसके यहां चल रही ED की छापेमारी, ममता बनर्जी की एंट्री से मचा बवाल, जानें पीके कनेक्शन
X
( Image Source:  ANI )
नवनीत कुमार
Edited By: नवनीत कुमार

Updated on: 8 Jan 2026 2:12 PM IST

केंद्रीय जांच एजेंसी Enforcement Directorate ने पॉलिटिकल कंसल्टेंसी फर्म I-PAC से जुड़े ठिकानों पर बड़ी कार्रवाई करते हुए मनी लॉन्ड्रिंग मामले में छापेमारी की है. यह छापे I-PAC के डायरेक्टर प्रतीक जैन से जुड़े बताए जा रहे हैं. गुरुवार सुबह एक साथ कई जगहों पर तलाशी शुरू हुई, जिससे राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई. जांच एजेंसी इस पूरे नेटवर्क के वित्तीय लेन-देन को खंगाल रही है.

ईडी की टीमें कोलकाता के सॉल्ट लेक इलाके में सक्रिय रहीं, जहां I-PAC का कार्यालय और प्रतीक जैन का आवास स्थित है. सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली जोन से आए अधिकारी बुधवार रात ही कोलकाता पहुंच गए थे. गुरुवार सुबह तीन से पांच अलग-अलग ठिकानों पर एकसाथ तलाशी शुरू की गई. इसके अलावा पोस्टा इलाके में एक कारोबारी के घर पर भी छापा मारा गया, जिससे जांच के दायरे के विस्तार के संकेत मिले हैं.

क्या है I-PAC?

I-PAC यानी इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी की स्थापना चुनावी रणनीतिकार Prashant Kishor ने 2014 के लोकसभा चुनावों से पहले की थी. 2019 के बाद यह फर्म पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस और राज्य सरकार के साथ लगातार काम करती रही. I-PAC ने 2021 के विधानसभा चुनाव और 2024 के लोकसभा चुनाव में पार्टी की रणनीति में अहम भूमिका निभाई. हालांकि, अब प्रशांत किशोर सक्रिय राजनीति में हैं और संगठन से अलग हो चुके हैं.

जांच के घेरे में प्रतीक जैन

ईडी सूत्रों के अनुसार, प्रतीक जैन जिस बिल्डिंग में रहते हैं, उसकी तीसरी मंजिल पर तलाशी अभियान चलाया गया. उनके घर के साथ-साथ सेक्टर-5 स्थित I-PAC ऑफिस में भी दस्तावेजों और डिजिटल डेटा की जांच की जा रही है. एजेंसी यह समझने की कोशिश कर रही है कि कथित वित्तीय अनियमितताओं का नेटवर्क कहां तक फैला है. फिलहाल ईडी ने आधिकारिक तौर पर मामले का पूरा विवरण साझा नहीं किया है.

कौन है प्रतीक जैन?

प्रतीक जैन देश की जानी-मानी पॉलिटिकल कंसल्टेंसी फर्म Indian Political Action Committee (I-PAC) के डायरेक्टर और सीनियर रणनीतिकार माने जाते हैं. वह लंबे समय से चुनावी रणनीति, डेटा एनालिटिक्स, ग्राउंड मैनेजमेंट और राजनीतिक कैंपेन डिजाइन से जुड़े रहे हैं. I-PAC की स्थापना भले ही चुनावी रणनीतिकार Prashant Kishor ने की हो, लेकिन बाद के वर्षों में संगठन के ऑपरेशनल और स्ट्रैटेजिक फैसलों में प्रतीक जैन की भूमिका काफी अहम रही है. खासकर बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के साथ काम के दौरान उन्हें पार्टी की चुनावी मशीनरी का मजबूत स्तंभ माना गया.

प्रतीक जैन को “बैकएंड स्ट्रैटेजिस्ट” के तौर पर जाना जाता है, जो सीधे मंच पर दिखने की बजाय डेटा, बूथ लेवल प्लानिंग और आईटी सिस्टम के जरिए चुनावी रणनीति तैयार करते हैं. 2021 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव और 2024 के लोकसभा चुनाव में I-PAC की सक्रिय भूमिका के दौरान प्रतीक जैन संगठन के प्रमुख चेहरों में रहे. अब प्रवर्तन निदेशालय की छापेमारी के बाद प्रतीक जैन अचानक सुर्खियों में आ गए हैं और उनका नाम राजनीतिक रणनीति से आगे कथित वित्तीय जांच और सियासी विवाद के केंद्र में आ गया है.

ममता बनर्जी की एंट्री से बढ़ा सियासी तापमान

छापेमारी के बीच पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री Mamata Banerjee खुद प्रतीक जैन के आवास पर पहुंचीं. उनका मौके पर जाना राजनीतिक रूप से बेहद अहम माना जा रहा है. इससे यह संकेत मिला कि राज्य सरकार इस कार्रवाई को सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि सियासी दबाव के रूप में देख रही है. ममता की मौजूदगी से माहौल और ज्यादा संवेदनशील हो गया.

ED पर राजनीतिक उत्पीड़न का आरोप

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने ईडी की कार्रवाई पर तीखी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने आरोप लगाया कि यह छापा पार्टी के आईटी और रणनीतिक दस्तावेज हासिल करने के लिए डाला गया है. ममता ने कहा कि यह सब राजनीतिक साजिश के तहत किया जा रहा है और केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग हो रहा है. उन्होंने इसे सीधे तौर पर विपक्ष को डराने की कोशिश करार दिया.

TMC IT विभाग भी जांच के दायरे में

ममता बनर्जी ने दावा किया कि ईडी ने Trinamool Congress के आईटी विभाग से जुड़े दस्तावेज भी खंगाले हैं. उनका कहना है कि पार्टी की रणनीति और संवेदनशील डेटा को निशाना बनाया जा रहा है. मुख्यमंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि मतदाता सूची से नाम हटाने और डेटा के दुरुपयोग जैसे मुद्दों को दबाने के लिए यह कार्रवाई की जा रही है.

कानूनी जांच बनाम सियासी टकराव

I-PAC और प्रतीक जैन से जुड़ी ईडी की छापेमारी अब सिर्फ एक वित्तीय जांच नहीं रही, बल्कि केंद्र और राज्य के बीच सियासी टकराव का नया मोर्चा बन गई है. एक तरफ ईडी इसे मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ी वैध जांच बता रही है, वहीं दूसरी ओर राज्य सरकार इसे लोकतंत्र और विपक्ष पर हमला करार दे रही है. आने वाले दिनों में यह मामला जांच एजेंसियों और राजनीति—दोनों के लिए बड़ी परीक्षा साबित हो सकता है.

India Newsममता बनर्जी
अगला लेख