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दिल्‍ली के मंदिरों पर आतंकियों की बुरी नजर, लाल किले को लश्कर-ए-तैयबा बना सकता है निशाना; सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर

खुफिया एजेंसियों ने चेतावनी दी है कि पाकिस्तानी आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा दिल्ली के प्रमुख मंदिरों को निशाना बना सकता है. रेड फोर्ट और चांदनी चौक क्षेत्र को सबसे संवेदनशील माना गया है.

Red Fort on terror Radar
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( Image Source:  ANI )
प्रवीण सिंह
Edited By: प्रवीण सिंह4 Mins Read

Updated on: 21 Feb 2026 11:34 AM IST

दिल्ली में आतंकी हमले की साजिश को लेकर खुफिया एजेंसियों ने हाई अलर्ट जारी किया है. इनपुट्स के मुताबिक पाकिस्तान आधारित आतंकी संगठन लश्‍कर-ए-तैयबा(LeT) राजधानी के प्रमुख धार्मिक स्थलों को निशाना बनाने की फिराक में है. सबसे ज्यादा खतरा लाल किला और चांदनी चौक इलाके में स्थित मंदिरों पर जताया जा रहा है.

इंटेलिजेंस सूत्रों के अनुसार, आतंकवादी IED (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) से हमला करने की योजना बना सकते हैं. खासतौर पर चांदनी चौक क्षेत्र के एक मंदिर को संभावित टारगेट बताया गया है. सूत्रों का कहना है कि देश के अन्य प्रमुख मंदिर भी लश्कर-ए-तैयबा के रडार पर हैं और किसी बड़े हमले की साजिश रची जा रही है.

इस्लामाबाद ब्लास्ट का बदला लेने की साजिश?

खुफिया एजेंसियों को यह भी जानकारी मिली है कि आतंकी संगठन 6 फरवरी को पाकिस्तान की राजधानी इस्‍लामाबाद में एक मस्जिद के पास हुए धमाके का बदला लेने के इरादे से भारत में बड़ा हमला करना चाहता है. सूत्रों के मुताबिक, आतंकी नेटवर्क भारत में सांप्रदायिक तनाव फैलाने और बड़े धार्मिक स्थलों को निशाना बनाने की रणनीति पर काम कर रहा है.

नवंबर 2025 के रेड फोर्ट ब्लास्ट से जुड़ता खतरा

यह अलर्ट ऐसे समय आया है जब राजधानी अब भी 10 नवंबर 2025 को रेड फोर्ट के पास हुए कार बम धमाके से उबर नहीं पाई है. उस हमले में रेड फोर्ट मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर-1 के पास विस्फोटकों से भरी कार में धमाका हुआ था, जिसमें 12 लोगों की मौत हो गई थी और कई गाड़ियां आग की चपेट में आ गई थीं. इस घटना ने दिल्ली की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए थे.

NIA जांच को मिला 45 दिन का और वक्त

इस केस की जांच कर रही राष्‍ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने मामले की जांच पूरी करने के लिए समय बढ़ाने की मांग की थी. दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट स्थित विशेष NIA अदालत ने जांच एजेंसी को 45 दिन का अतिरिक्त समय दे दिया है. साथ ही, इस मामले में गिरफ्तार 7 आरोपियों की न्यायिक हिरासत 13 मार्च तक बढ़ा दी गई है.

सुरक्षा एजेंसियों ने क्‍या कहा?

इंटेलिजेंस इनपुट के बाद दिल्ली पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों को धार्मिक स्थलों, खासकर रेड फोर्ट और चांदनी चौक क्षेत्र में निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं. सूत्रों का कहना है कि मंदिरों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में अतिरिक्त फोर्स तैनात की जा रही है और CCTV और ड्रोन से निगरानी बढ़ाई जा रही है. साथ ही संदिग्ध गतिविधियों पर तुरंत कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं.

खुफिया सूत्रों के दावे में क्‍या?

इंटेलिजेंस सूत्रों ने चेतावनी दी है कि “दिल्ली में रेड फोर्ट के सामने धमाके की आशंका है. चांदनी चौक इलाके में स्थित मंदिर को निशाना बनाया जा सकता है. लश्कर-ए-तैयबा IED अटैक की योजना बना रहा है. देश के बड़े मंदिर भी उनके रडार पर हैं.” दिल्ली में आतंकी खतरे को लेकर जारी यह अलर्ट सिर्फ राजधानी ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए चेतावनी माना जा रहा है. रेड फोर्ट ब्लास्ट केस की जांच अभी पूरी नहीं हुई है और अब नए इनपुट्स से यह साफ है कि आतंकी संगठन धार्मिक स्थलों को टारगेट कर माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर सकते हैं. सुरक्षा एजेंसियों ने आम लोगों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें और अफवाहों से बचें.

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