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मुंबई नहीं, दिल्ली में लग्जरी का नया रिकॉर्ड? चर्चा में हैं 1000 और 1,111 करोड़ की ये प्रॉपर्टीज़

दिल्ली की अल्ट्रा लग्जरी प्रोपर्टी फिलहाल खबरों में है. लुटियंस बंगला जोन की इस प्रोपर्टी को करीब 1,111 करोड़ रुपयों में खरीदे जाने की बात हो रही है. इसके साथ ही जवाहरलाल नेहरू के पहले आधिकारिक आवास को भी खरीदे जाने की बात हो रही है.

मुंबई नहीं, दिल्ली में लग्जरी का नया रिकॉर्ड? चर्चा में हैं 1000 और 1,111 करोड़ की ये प्रॉपर्टीज़
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( Image Source:  AI GENERATED IMAGE- SORA )
समी सिद्दीकी
Edited By: समी सिद्दीकी

Published on: 15 Feb 2026 1:23 PM

Delhi Ultra Luxury Properties: दिल्ली के अल्ट्रा-लक्जरी प्रॉपर्टी बाजार में इस समय हलचल मची हुई है. भगवान दास रोड स्थित लगभग 1,000 करोड़ रुपये की एक आलीशान कोठी को लेकर एक प्रमुख फूड एंड बेवरेज इंडस्ट्री के मालिक के साथ हाई लेवल बातचीत चल रही है.

करीब 3.2 एकड़ में फैली यह संपत्ति टिहरी गढ़वाल के महाराजा मनुजेंद्र शाह की ऑनरशिप में है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, वही खरीदार जवाहरलाल नेहरू के पहले आधिकारिक आवास को भी करीब 1,111 करोड़ रुपये में खरीदने के लिए बातचीत कर रहा है.

क्या ये हैं दिल्ली के सबसे बड़ा रेज़िडेंशियल सौदे?

अगर इनमें से कोई भी सौदा अंतिम रूप लेता है, तो यह दिल्ली के इतिहास के सबसे बड़े रेज़िडेंशियल सौदों में शामिल होगा. हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, इससे पहले बड़े बंगले की बिक्री आमतौर पर 500–600 करोड़ रुपये से ज्यादा नहीं पहुंची थी.

क्यों है इतनी महंगी है ये प्रोपर्टी?

दिल्ली का लक्जरी रियल एस्टेट बाजार मुंबई से अलग तरह की सख्त पाबंदियों के तहत काम करता है. लुटियंस बंगला जोन (LBZ) में पुनर्विकास, ऊंचाई और फ्लोर एरिया रेशियो (FAR) को लेकर कड़े नियम हैं, ताकि इलाके की विरासत संरक्षित रह सके. रिपोर्ट के मुताबिक, ये फेमस संपत्तियां रिकॉर्ड कीमत हासिल करने के बावजूद पुनर्विकास की संभावना से ज्यादा अपनी लोकेशन, विरासत और बड़े एरिया की वजह से ज्यादा वैल्यू की मानी जाती हैं.

ऐस तरह की प्रोपर्टीज़ को क्यों खरीदते हैं लोग?

सैविल्स इंडिया में रेजिडेंशियल सर्विसेज की मैनेजिंग डायरेक्टर और हेड श्वेता जैन ने रिपोर्ट में कहा,"पूरा फ्लोर कमर्शियल के तौर पर इस्तेमाल नहीं किया जा सकता, जमीन के इस्तेमाल में बदलाव (CLU) की इजाजत नहीं है और ऊंचाई पर सख्त सीमा लागू है. ये संपत्तियां अहम तौर पर खुद इस्तेमाल के लिए खरीदी जाती हैं और चुनिंदा अल्ट्रा-हाई-नेट-वर्थ व्यक्तियों के लिए ट्रॉफी एसेट होती हैं."

दो प्रोपर्टीज़ में किसका सौदा हुआ?

भगवान दास रोड और मोतीलाल नेहरू रोड दो संपत्तियां फिलहाल लीजहोल्ड हैं. भगवान दास रोड स्थित एस्टेट लगभग 3.2 एकड़ में फैला है और मानक जांच प्रक्रिया के तहत एक पब्लिक नोटिस जारी किया गया है. रिपोर्ट के मुताबिक, इस प्रोपर्टी के लिए एक टर्म शीट पर हस्ताक्षर हो चुके हैं, जबकि मोतीलाल नेहरू रोड स्थित बंगले के लिए सेल एग्रीमेंट किया जा चुका है.

रियल एस्टेट विशेषज्ञों का कहना है कि अगर इन सौदों में से एक भी पूरा होता है, तो यह दिल्ली के लक्जरी हाउसिंग बाजार में नया मानक तय कर सकता है. हाल ही में LBZ (लुटियंस बंगला जोन) में छोटे प्लॉट्स की बिक्री 17–18 लाख रुपये प्रति वर्ग गज तक पहुंची है. ऐसे में बड़े एस्टेट की कीमतें बढ़ी हैं, जिससे 1,000 करोड़ रुपये के सौदे संभव लग रहे हैं. दिल्ली के ये प्रतिष्ठित घर अब ऐसे खरीदारों को आकर्षित कर रहे हैं, जो पुनर्विकास से अधिक विरासत और विशिष्टता को प्राथमिकता देते हैं.

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