खुला गड्ढा, बंद सिस्टम और खुलती पोल! जानें जनकपुरी बाइक हादसे में अब तक के 10 बड़े अपडेट
दिल्ली जनकपुरी मामले में अलग-अलग जानकारी निकलकर सामने आ रही है. फिलहाल पुलिस उस शख्स की तलाश कर रही है जिसे सबसे पहले इस हादसे की जानकारी दी गई थी. इसके साथ ही पुलिस ने एक शख्स को हिरासत में भी लिया है.
Delhi pit fall incident: देश की राजधानी दिल्ली में लापरवाही और संवेदनहीनता की एक भयावह तस्वीर सामने आई थी, जिससे पूरे देश के लोग नाराज नजर आ रहे हैं. दरअसल, पश्चिमी दिल्ली के जनकपुरी इलाके में 25 वर्षीय कमल ध्यानी की मौत एक खुले और बिना सुरक्षा वाले गड्ढे में गिरने के बाद हो गई.
हैरानी की बात यह है कि कमल करीब आठ घंटे तक उस गड्ढे में पड़ा रहा, लेकिन न तो समय पर मदद मिली और न ही किसी ने उसे बाहर निकालने की कोशिश की. जब अगली सुबह जब पुलिस को उसकी लाश मिली तो बहुत देर हो चुकी थी.
क्या है इस मामले में अब तक के 10 बड़े अपडेट?
- पुलिस ने इस मामले में ठेकेदार राजेश कुमार प्रजापति को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि मजदूर योगेश फरार है. परिवार का आरोप है कि जब वे रात में कमल को ढूंढते हुए गड्ढे के पास पहुंचे और वहां मौजूद एक मजदूर से पूछा कि क्या कोई इसमें गिरा है, तो उसने मना कर दिया. पुलिस इस दावे की भी जांच कर रही है.
- पुलिस ने इस मामले में एक शख्स को हिरासत में भी लिया है और उससे पूछताछ की जा रही है.
- एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी दरादे शरद भास्कर के मुताबिक, एक चश्मदीद जो शादी से लौट रहा था, उसने बाइक को गड्ढे में गिरते देखा. उसने पास मौजूद एक गार्ड को बताया, जिसने आगे यह जानकारी वहां काम कर रहे मजदूर योगेश को दी. योगेश ने गड्ढे में झांककर देखा और बाइक की हेडलाइट जलती हुई देखी, साथ ही अंदर एक इंसानी आकृति भी नजर आई.
- इसके बाद योगेश ने ठेकेदार राजेश प्रजापति को सूचना दी. राजेश 5 से 20 मिनट के भीतर अपनी कार से मौके पर पहुंचा. उसे पता था कि एक बाइक गड्ढे में गिरी है, लेकिन इसके बावजूद उसने न तो पुलिस को फोन किया, न एंबुलेंस बुलाई और न ही किसी तरह की बचाव कोशिश की. पूरी रात कमल उसी गड्ढे में पड़ा रहा.
- डीसीपी ने कहा है कि इस घटना में शामिल हर जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. सीसीटीवी फुटेज की गहन जांच की जा रही है और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा.
- इस पूरे मामले में पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं. कमल के जुड़वां भाई करण ध्यानी ने बताया कि वे रातभर अपने भाई को ढूंढते रहे और इस दौरान डाबड़ी, विकासपुरी और सागरपुर समेत कई पुलिस थानों के चक्कर लगाए. लेकिन उन्हें कोई ठोस मदद नहीं मिली. करण के मुताबिक, पुलिस ने केवल कमल की आखिरी लोकेशन बताई और कहा कि वहीं तलाश करें.
- पुलिस का कहना है कि उन्होंने मेडिकल-लीगल केस रिकॉर्ड, बाइक का रजिस्ट्रेशन नंबर और मोबाइल लोकेशन डेटा की जांच की, जिसके बाद मामला जनकपुरी थाने तक पहुंचा.
- इस मामले में एफआईआर दर्ज की गई है, जिसमें साफ कहा गया है कि गड्ढे के आसपास न तो कोई बैरिकेडिंग थी, न चेतावनी बोर्ड और न ही सुरक्षा गार्ड तैनात था।
- पीड़ित परिवार की ओर से पैरवी कर रहीं अधिवक्ता आस्था चतुर्वेदी ने इसे “पूरी तरह से लापरवाही” करार दिया. उन्होंने कहा कि दिल्ली जल बोर्ड की ओर से कोई भी बुनियादी सुरक्षा उपाय नहीं किए गए थे.
क्या है मामला?
कमल ध्यानी एक निजी बैंक में काम करता था और शुक्रवार रात करीब 12 बजे घर लौट रहा था. दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) के जरिए सीवर के काम के लिए खोदा गया 15 से 20 फुट गहरा गड्ढा जनकपुरी में सड़क के बीच खुला छोड़ दिया गया था. वहां न तो बैरिकेडिंग थी, न रिफ्लेक्टर, न चेतावनी बोर्ड और न ही कोई लाइटिंग. कमल अपनी बाइक से उसी रास्ते से गुजर रहा था और अनजाने में सीधे गड्ढे में गिर गया.





