पेट्रोल-डीजल के बाद अब CNG भी महंगी, दिल्ली-NCR में फिर बढ़े दाम, 15 मई से अब तक 6 रुपये प्रति किलो का इजाफा
दिल्ली-NCR में सीएनजी की कीमतों में फिर बढ़ोतरी हुई है. 15 मई से अब तक सीएनजी के दाम 6 रुपये प्रति किलो बढ़ चुके हैं। जानिए नई कीमतें और कब-कब बढ़े दाम.
CNG Price Hike: पेट्रोल-डीजल के बाद अब सीएनजी की कीमतों में भी लगातार बढ़ोतरी देखने को मिल रही है. मंगलवार सुबह दिल्ली-एनसीआर में सीएनजी के दाम में 2 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी कर दी गई.
नई बढ़ोतरी के बाद दिल्ली में सीएनजी की कीमत 83.09 रुपये प्रति किलो हो गई है. इससे पहले शनिवार को भी सीएनजी के दाम में 1 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी की गई थी.
कितनी बार बढ़ चुके हैं दाम?
15 मई से अब तक सीएनजी के दाम में कुल चार बार बढ़ोतरी हो चुकी है. 15 मई को 2 रुपये प्रति किलो, 17 मई को 1 रुपये प्रति किलो, 23 मई को 1 रुपये प्रति किलो और अब 2 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी की गई है. 15 मई से अब तक सीएनजी की कीमत में कुल 6 रुपये प्रति किलो का इजाफा हो चुका है.
वहीं, सोमवार को पेट्रोल और डीजल के दाम भी बढ़ाए गए थे. 15 मई से अब तक पेट्रोल-डीजल की कीमतों में यह चौथी बढ़ोतरी थी.
प्रमुख शहरों में CNG के नए दाम
दिल्ली में अब CNG की कीमत 83.09 रुपये प्रति किलो हो गई है. वहीं नोएडा, गाजियाबाद और ग्रेटर नोएडा में CNG 91.70 रुपये प्रति किलो के भाव पर मिल रही है. गुरुग्राम में इसकी कीमत 88.12 रुपये प्रति किलो पहुंच गई है, जबकि अजमेर में CNG के दाम 92.44 रुपये प्रति किलो दर्ज किए गए हैं.
कहां कितनी है कीमत?
दिल्ली: 83.09 रुपये प्रति किलो
नोएडा: 91.70 रुपये प्रति किलो
गाजियाबाद: 91.70 रुपये प्रति किलो
गुरुग्राम: 88.12 रुपये प्रति किलो
ग्रेटर नोएडा: 91.70 रुपये प्रति किलो
अजमेर: 92.44 रुपये प्रति किलो
CNG महंगी होने का क्या होगा असर?
CNG की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी का असर अब आम लोगों की जेब पर भी पड़ सकता है. देश के कई शहरों में बसें, टैक्सियां और दूसरे कमर्शियल वाहन बड़ी संख्या में CNG पर चलते हैं. ऐसे में ईंधन महंगा होने से पब्लिक ट्रांसपोर्ट की लागत बढ़ने की संभावना जताई जा रही है. ट्रांसपोर्ट ऑपरेटर बढ़े हुए खर्च का असर यात्रियों पर डाल सकते हैं, जिससे बस, ऑटो और टैक्सी किराए में बढ़ोतरी हो सकती है.
मिडिल ईस्ट तनाव का भी असर?
CNG समेत ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी ऐसे समय हुई है जब मिडिल ईस्ट में तनाव लगातार बढ़ रहा है. खासतौर पर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज क्षेत्र को लेकर वैश्विक स्तर पर चिंता बढ़ी हुई है. यह समुद्री मार्ग दुनिया की तेल सप्लाई के लिए बेहद अहम माना जाता है और दुनिया के करीब पांचवें हिस्से का तेल इसी रास्ते से गुजरता है.
इस क्षेत्र में बढ़ते तनाव का असर अंतरराष्ट्रीय फ्यूल मार्केट पर भी देखने को मिल रहा है. ऊर्जा कीमतों में तेजी आने से भारत में भी पेट्रोल, डीजल और CNG जैसी ईंधन कीमतों पर दबाव बढ़ गया है.




