GATE 2026 Exam में हाई-टेक नकल का पर्दाफाश, जूतों में ब्लूटूथ, बाहर से Google पर सॉल्व होते थे सवाल
ग्रेजुएट एप्टीट्यूड टेस्ट इन इंजीनियरिंग (GATE) 2026 परीक्षा के दौरान छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में पुलिस ने एक हाई-टेक नकल रैकेट का पर्दाफाश किया है.
GATE exam cheating racket
ग्रेजुएट एप्टीट्यूड टेस्ट इन इंजीनियरिंग (GATE) 2026 परीक्षा के दौरान छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में पुलिस ने एक हाई-टेक नकल रैकेट का पर्दाफाश किया है. जांच के दौरान DD नगर पुलिस स्टेशन क्षेत्र के ION Digital Zone परीक्षा केंद्र के पास संदिग्ध गतिविधियां देखी गईं और जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 6 लोगों को गिरफ्तार किया गया. इस गिरोह पर आरोप है कि उन्होंने ब्लूटूथ डिवाइसेज़, मोबाइल फोन और विशेष उपकरणों का उपयोग कर परीक्षा प्रक्रिया में धांधली करने की योजना बनाई थी.
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों में हरियाणा के तीन ग्रैजुएट इंजीनियरिंग तथा उनके सहयोगी शामिल हैं. पूछताछ में आरोपियों ने यह स्वीकार किया कि उन्होंने उम्मीदवारों को परीक्षा में पास कराने के लिए इस तरह की योजना बनाई थी और इसके लिए उनकी मांग 2-3 लाख रुपये प्रति पेपर थी.
कैसे बनी नकल की हाई-टेक योजना?
पुलिस के मुताबिक, नकल की साजिश बेहद उन्नत तकनीक पर आधारित थी. आरोपी छात्रों ने अपने जूतों और कानों के अंदर माइक्रो ब्लूटूथ डिवाइसेज छुपा रखे थे. परीक्षा केंद्र के बाहर खड़े उनके सहयोगी इन ब्लूटूथ डिवाइसेज के माध्यम से प्रश्न केंद्र के अंदर बैठे उम्मीदवारों से सुनते और फिर उन प्रश्नों के उत्तर Google पर खोजकर वापस भेजते थे.
DD नगर पुलिस के DCP (West) संदीप पटेल ने बताया 'हमारी टीम ने परीक्षा केंद्र के आसपास सीक्रेट निगरानी रखी थी. परीक्षा केंद्र के पास संदिग्ध गतिविधियों के दौरान इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के साथ कुछ व्यक्तियों को देखा गया. जांच के दौरान नकल में इस्तेमाल होने वाले डिवाइस बरामद किए गए.'
क्या हैं आरोपियों के नाम?
1. दरशन सहवाग (26 साल)
2. नरेंद्र कुमार चंद्रा (29 साल)
3. बंटी कुमार (38 साल)
4. सुमित सहवाग (30 साल)
5. लक्ष्मीनारायण (36 साल)
6. अमर चंद (32 साल)
इन सभी के कब्जे से 3 ब्लूटूथ ईयर डिवाइसेज, 4 अन्य ब्लूटूथ उपकरण, 8 मोबाइल फोन, 3 सिम कार्ड और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामान जब्त किया गया है. सभी आरोपियों को कोर्ट में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है. उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(2) और 61(2), आईटी एक्ट की धारा 66 और Public Examinations (Prevention of Unfair Means) Act की धारा 10(1) के तहत मामला दर्ज किया गया है.





