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करोड़ों का सोना, 50 लाख से ज्यादा कैश- छत्तीसगढ़ शराब घोटाला मामले में ED की बड़ी कार्रवाई, रिटायर्ड IAS से लेकर मैनेजिंग डायरेक्टर तक शामिल

छत्तीसगढ़ शराब घोटाले में ED ने रायपुर समेत 4 जिलों में छापेमारी कर 5.39 करोड़ की संपत्ति जब्त की है. इस मामले में अब तक 9 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं और 2883 करोड़ के घोटाले की जांच तेज हो गई है.

करोड़ों का सोना, 50 लाख से ज्यादा कैश- छत्तीसगढ़ शराब घोटाला मामले में ED की बड़ी कार्रवाई, रिटायर्ड IAS से लेकर मैनेजिंग डायरेक्टर तक शामिल
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( Image Source:  ANI )

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने छत्तीसगढ़ में हुए बड़े शराब घोटाले की जांच को लेकर ताजा अपडेट दिया है. ED की टीम 30 अप्रैल को इस मामले में बड़ी कार्रवाई करके कई जगहों पर छापेमारी की थी. ED ने रविवार को प्रेस रिलीज जारी करके बताया कि उनकी टीम ने छत्तीसगढ़ के रायपुर, दुर्ग, भिलाई और बिलासपुर जिलों में कुल 13 जगहों पर तलाशी ली. ये सभी जगहें शराब के व्यापारियों, चार्टर्ड अकाउंटेंट्स, दूसरे कारोबारियों और कंपनियों से जुड़ी हुई थी. ED को शक है कि इन लोगों ने घोटाले से मिले गलत पैसे को हासिल करने, छिपाने, रखने या इधर-उधर करने का काम किया था.

तलाशी के दौरान ED की टीम को 53 लाख रुपये नकद और करीब 3.234 किलोग्राम सोने के गहने मिले. इन गहनों की अनुमानित कीमत लगभग 4.86 करोड़ रुपये बताई जा रही है. इस तरह कुल 5.39 करोड़ रुपये की संपत्ति ED ने जब्त कर ली. इसके अलावा, टीम को कई जरुरी डाक्यूमेंट्स, डिजिटल उपकरण (जैसे लैपटॉप, मोबाइल, हार्ड डिस्क) और डेटा भी मिला है. इन सबको अब एक्सपर्ट टीम पूरी तरह से जांच कर रही है.

कितना बड़ा है घोटाला?

यह पूरा घोटाला 2019 से 2022 तक के समय में हुआ था. इसमें राज्य में शराब खरीदने, लाइसेंस देने और बेचने के दौरान रिश्वत वसूलने की बड़ी साजिश रची गई थी. आर्थिक अपराध शाखा (EOW) और भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने अपनी चार्जशीट में इस घोटाले से पैदा हुए गलत पैसे (अपराध की आय) की रकम लगभग 2,883 करोड़ रुपये बताई है. ED की जांच में सामने आया है कि यह एक सुनियोजित और संगठित आपराधिक साजिश थी, जिसमें राजनीतिक नेता, बड़े अधिकारी, शराब फैक्टरियों के मालिक, FL-10A लाइसेंस वाले लोग और उनके सहयोगी शामिल थे.

अब तक कितनी गिरफ्तारियां हुईं?

ED ने अब तक 9 लोगों को गिरफ्तार किया है. इनमें शामिल हैं:

एक रिटायर्ड IAS अधिकारी

CSMC के तत्कालीन मैनेजिंग डायरेक्टर

तत्कालीन आबकारी आयुक्त

तत्कालीन आबकारी मंत्री

तत्कालीन मुख्यमंत्री के बेटे

तत्कालीन मुख्यमंत्री के उप सचिव

जांच अभी कई दिशाओं में चल रही है. इसमें शराब डिस्टिलरी मालिक, कैश हैंडल करने वाले लोग, हवाला के जरिए पैसे भेजने वाले, लाइसेंस वाले लोग और राजनीतिक सहयोगी शामिल हैं.

संपत्तियां कुर्क की गईं

ED ने 6 प्रोविजनल अटैचमेंट ऑर्डर जारी किए हैं. इनके तहत लगभग 380 करोड़ रुपये की चल और अचल संपत्तियां जब्त कर ली गई हैं. इनमें घर, दुकानें, बैंक में पड़े पैसे, गाड़ियां, गहने और शेयर शामिल हैं. ये संपत्तियां आरोपियों और उनकी बेनामी कंपनियों की हैं. नई दिल्ली की ED की एडजुडिकेटिंग अथॉरिटी ने कई मामलों में इन कुर्कियों को पक्का भी कर दिया है.

कोर्ट में क्या चल रहा है?

ED ने रायपुर की विशेष अदालत में 6 अभियोजन चार्जशीट दाखिल की हैं. इनमें कुल 81 आरोपी और कंपनियां शामिल हैं. इन मामलों की सुनवाई विशेष अदालत, छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में चल रही है. 30 अप्रैल की ताजा छापेमारी से और भी मजबूत सबूत मिले हैं. ED अब इन सबूतों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई करेगी. जांच अभी भी पूरी तरह से जारी है.

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