पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों से पहले राजनीतिक माहौल बेहद दिलचस्प और अनिश्चित नजर आ रहा है. स्टेट मिरर की ग्राउंड रिपोर्ट्स संकेत दे रही हैं कि इस बार 'साइलेंट वोटर' चुनाव का सबसे बड़ा गेमचेंजर बन सकता है. जमीनी स्तर पर कई ऐसे मतदाता सामने आ रहे हैं जो खुलकर अपनी पसंद जाहिर नहीं कर रहे, लेकिन बातचीत में बदलाव की चाह जरूर झलक रही है. माना जा रहा है कि यही वर्ग अंतिम परिणाम को प्रभावित कर सकता है. मुख्य मुकाबला BJP और TMC के बीच माना जा रहा है, जहां ध्रुवीकरण एक अहम भूमिका निभा सकता है. दोनों पार्टियां अपने-अपने वोट बैंक को मजबूत करने में जुटी हैं. ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या ग्राउंड रिपोर्ट्स में दिख रही 'खामोश लहर' वाकई चुनावी नतीजों में बदलाव लाएगी, या फिर परिणाम सभी को चौंका देंगे.