'कस्टम अधिकारी' बताकर फिल्मी स्टाइल में लूटा 15 किलो सोना, मशहूर 'गोल्ड थीफ' सुबोध सिंह पर है शक
पटना में अपराधियों ने फिल्मी अंदाज में ‘कस्टम अधिकारी’ बनकर 15 किलो सोना लूट लिया. जांच में यह वारदात कुख्यात सुबोध सिंह गैंग के पुराने पैटर्न से मेल खा रही है.
बिहार की राजधानी पटना में एक चौंकाने वाली घटना हुई है. बीच सड़क पर अपराधियों ने खुद को 'कस्टम अधिकारी' बताकर 15 किलो सोने की लूट कर ली. इस घटना ने पूरी पुलिस विभाग को हिला कर रख दिया है. इस लूट में जो तरीका अपनाया गया, उसमें बहुत ज्यादा चालाकी और पेशेवर प्लानिंग दिखाई दे रही है. पुलिस और जानकारों का मानना है कि यह तरीका बिहार के मशहूर 'गोल्ड चोर' सुबोध सिंह के गिरोह की पुरानी स्टाइल से बिल्कुल मेल खाता है.
सुबोध सिंह कोई साधारण अपराधी नहीं है. वह एक बहुत बड़ा मास्टरमाइंड है, जो जेल की अंदर से पूरे देश में ज्वेलरी शोरूम और बैंक डकैतियों की साजिश रचता है. सुबोध सिंह सिर्फ 12वीं पास है, लेकिन उसकी दिमागी चालाकी और संगठन बनाने की काबिलियत इतनी ज्यादा है कि आज 9 अलग-अलग राज्यों की पुलिस उसके नाम से डरती है. पटना जिले के मोकामा का रहने वाला यह गैंगस्टर अब तक लगभग 500 किलो सोना लूट चुका है. फिलहाल वह पटना की बेउर जेल में बंद है.
पटना लूट में पुराना पैटर्न दोहराया गया
रविवार को पटना में जो लूट हुई, उसमें अपराधियों ने 'कस्टम अधिकारी' का भेष बनाया. यह सुबोध सिंह के गिरोह का पुराना और पसंदीदा तरीका है. उसके गुर्गे अक्सर फर्जी पुलिस वाले या आयकर अधिकारी बनकर लोगों को धोखा देते हैं. इस बार अपराधियों ने 5 दिनों तक जगह की रेकी की, यानी जगह का जायजा लिया. उन्होंने सोने वाले बैग से जीपीएस डिवाइस निकालकर फेंक दिया. इतनी सावधानी और प्लानिंग देखकर साफ जाहिर होता है कि इसके पीछे कोई बहुत बड़ा और अनुभवी खिलाड़ी है. इसलिए पुलिस का शक सुबोध सिंह के गिरोह पर ही जा रहा है.
सुबोध सिंह पर 45 से ज्यादा केस और 20 करोड़ की नई लूट
सुबोध सिंह पर हत्या, लूट और डकैती जैसे 45 से भी ज्यादा गंभीर मामले दर्ज हैं. साल 2022 में जब उसे गिरफ्तार किया गया था, तब उसके पास से 15 किलो सोना बरामद हुआ था. अब पटना में 20 करोड़ रुपये मूल्य के सोने की लूट हो गई है. जो पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बन गई है. जांचकर्ताओं का कहना है कि सुबोध सिंह जब बेउर जेल में वापस आया, उसके बाद बिहार में सोने की लूट की घटनाओं में अचानक काफी बढ़ोतरी हो गई है. इसलिए जांच की मुख्य नजर उसी पर टिकी हुई है.
9 राज्यों में फैला सुबोध सिंह का आतंक
सुबोध सिंह का गिरोह सिर्फ बिहार तक सीमित नहीं है. उसके खिलाफ बिहार, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, झारखंड, मध्य प्रदेश, राजस्थान, गुजरात, उत्तराखंड और महाराष्ट्र इन नौ राज्यों में दर्जनों मुकदमें दर्ज हैं. पुलिस के रिकॉर्ड के मुताबिक, पिछले 10 सालों में इस गिरोह ने करीब 500 किलो सोना लूटा है. तनिष्क, मुथूट फाइनेंस और मणप्पुरम जैसे बड़े-बड़े गोल्ड लोन और ज्वेलरी कंपनियों को निशाना बनाना इस गिरोह की सबसे बड़ी खासियत है.
जेल से चलता है हाई-टेक नेटवर्क
सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि सुबोध सिंह जेल की चारदीवारी के अंदर बैठकर अपना पूरा नेटवर्क चला रहा है. वह पुलिस की ट्रैकिंग से बचने के लिए VPN सर्वर और VoIP कॉल्स का इस्तेमाल करता है. इंस्टाग्राम, फेसबुक मैसेंजर और दूसरे इंटरनेट ऐप्स के जरिए वह अपने लोगों को निर्देश देता है. जेल प्रशासन की नाक के नीचे से वह हथियारों की सप्लाई और गाड़ियों का इंतजाम भी करवा लेता है.
गिरोह का कॉर्पोरेट स्टाइल काम करने का तरीका
सुबोध सिंह का गिरोह किसी बड़ी कंपनी की तरह व्यवस्थित तरीके से काम करता है. इसमें अलग-अलग टीमों को अलग-अलग जिम्मेदारियां दी जाती हैं:
पहली टीम: जगह की रेकी करती है और असली लूट को अंजाम देती है
दूसरी टीम: लूटे गए सोने को सुरक्षित जगह पर ले जाती है
तीसरी टीम: लूटे गए सोने को पिघलाकर अलग-अलग राज्यों के बाजारों में बेचने का काम करती है
सुबोध सिंह का सफर
मुखबिर से मास्टर चोर तकसुबोध सिंह पटना जिले के मोकामा का रहने वाला है. शुरू में 1996 तक वह छोटे-मोटे अपराध करता था. 1999 में वह बिहार पुलिस का मुखबिर (इनफॉर्मर) बन गया. इस दौरान उसने पुलिस की काम करने की तरीके और कानून की कमजोरियों को बहुत अच्छी तरह समझ लिया. 2008 में कोलकाता और रायपुर में बैंक डकैती करने के बाद उसने अपना खुद का संगठित गिरोह बनाया. 2015 में जेल से छूटने के बाद उसने बड़े ज्वेलरी शोरूमों को अपना मुख्य टारगेट बना लिया.
लूट के बाद फ्लाइट से भागने की योजना
सुबोध सिंह के गुर्गे लूट करने के बाद जल्दी से भागने के लिए अक्सर फ्लाइट का इस्तेमाल करते हैं. वह जेल में छोटे-छोटे अपराधियों को भी प्रोफेशनल लुटेरा बनने की ट्रेनिंग देता है. वह उन्हें सिखाता है कि फर्जी अधिकारी बनकर या वीआईपी कपड़ों में शोरूम में कैसे घुसना है और बिना कोई सबूत छोड़े कैसे गायब हो जाना है.




