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'मैं रशियन नहीं, बिहारी हूं'; रोजी नेहा सिंह को क्यों बंद करना पड़ा बिजनेस? देखिए VIDEO

सोशल मीडिया पर ‘बिहार की रशियन गर्ल’ के नाम से वायरल हुई रोजी नेहा सिंह ने बताया कि एक मजाकिया वीडियो ने उनकी जिंदगी मुश्किल बना दी. लगातार ट्रोलिंग, गंदे कमेंट और ऑनलाइन परेशानियों के चलते रांची में चल रहा उनका लिट्टी-चिकन स्टॉल बंद करना पड़ा. नेहा का कहना है कि उन्हें न तो व्यूज चाहिए और न ही वायरल होना, वह बस शांति से अपना बिजनेस करना चाहती हैं.

मैं रशियन नहीं, बिहारी हूं; रोजी नेहा सिंह को क्यों बंद करना पड़ा बिजनेस? देखिए VIDEO
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( Image Source:  Social Media )
सागर द्विवेदी
By: सागर द्विवेदी

Published on: 6 Jan 2026 7:22 PM

बिहार के सोनपुर की रहने वाली रोजी नेहा सिंह, जिन्हें सोशल मीडिया पर 'बिहार की रशियन गर्ल' के नाम से पहचान मिली, अब वायरल होने के अनुभव को अपनी जिंदगी की सबसे बड़ी परेशानी बता रही हैं. सोशल मीडिया पर उनका वीडियो वायरल होने जा रहा है जिसमें कहा कि, “मुझे अब कोई व्यूज नहीं चाहिए. मैं सिर्फ शांति से अपना बिजनेस चलाना चाहती हूं. ट्रोल्स से मैं पूरी तरह तंग आ चुकी हूं.”

नेहा बताती हैं कि वह पहले ब्यूटिशियन के तौर पर काम करती थीं और कुकिंग उनका शौक था. इसी शौक को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने झारखंड की राजधानी रांची में लिट्टी-चिकन का एक स्टॉल खोला. अपने स्टॉल की पहचान बढ़ाने के लिए उन्होंने सोशल मीडिया पर शौकिया वीडियो बनाना शुरू किया. धीरे-धीरे उनके वीडियो पर लोग कमेंट करने लगे. कई लोग उनकी लुक की वजह से उन्हें ‘रशियन’ या विदेशी कहने लगे. ऐसे सवालों से परेशान होकर नेहा ने एक मजाकिया वीडियो बनाया, जिसमें उन्होंने बिहारी अंदाज़ में साफ कहा कि वह कोई रशियन नहीं, बल्कि “खांटी बिहारी लड़की” हैं. यही वीडियो देखते ही देखते वायरल हो गया.

वायरल होने के बाद बढ़ा दबाव, ट्रोलिंग ने छीनी चैन

नेहा के मुताबिक, जब लाखों व्यूज आए तो शुरुआत में उन्हें भी अच्छा लगा और उन्होंने इसी तरह के मिलते-जुलते कंटेंट बनाना शुरू कर दिया. लेकिन जल्द ही माहौल बदल गया. लोगों ने सवाल-जवाब से आगे बढ़कर ट्रोल करना शुरू कर दिया. गंदे कमेंट, निजी सवाल और लगातार कंटेंट बनाने का दबाव उनके लिए असहनीय होता चला गया. उन्होंने बताया कि कई ब्लॉगर और कंटेंट क्रिएटर उनके स्टॉल पर आने लगे. कुछ ने सच में सपोर्ट किया, लेकिन कई लोग सिर्फ अपने फायदे के लिए आए. जब नेहा हर किसी के साथ वीडियो नहीं बना पाईं या समय नहीं दे सकीं, तो वही लोग भी उन्हें ट्रोल करने लगे.

ऑनलाइन ट्रोलिंग से ऑफलाइन परेशानियां तक

नेहा की परेशानी सिर्फ सोशल मीडिया तक सीमित नहीं रही. वह बताती हैं कि लोग ट्रोल करते-करते उनकी दुकान तक पहुंचने लगे. कई बार शराब पीकर लोग स्टॉल पर आ जाते थे, जबरदस्ती फोटो और सेल्फी लेने की कोशिश करते थे. मना करने पर डराने और परेशान करने की घटनाएं भी सामने आईं. इन हालातों के चलते आखिरकार नेहा को रांची में चल रही अपनी लिट्टी-चिकन की दुकान बंद करनी पड़ी.

'मुझसे गलती हो गई, अब बस सुकून चाहिए'

नेहा कहती हैं कि उनका परिवार सोशल मीडिया की दुनिया, वायरल होना या मॉनेटाइजेशन जैसी चीजों से बिल्कुल अनजान है. “मुझे आज भी नहीं पता कि लाखों व्यूज आने पर कमाई कैसे होती है. मैंने बस अपने काम की पब्लिसिटी के लिए वीडियो बनाए थे. वायरल होने के चक्कर में मेरी जिंदगी उलझ गई.” “मुझसे गलती हो गई कि मैंने कंटेंट बनाना शुरू किया. अब मुझे कोई व्यूज नहीं चाहिए. मैं बस कहीं शांति से अपनी दुकान खोलकर बिना किसी डर और परेशानी के काम करना चाहती हूं.” रोजी नेहा सिंह की कहानी सोशल मीडिया की चमक-दमक के पीछे छुपे उस स्याह सच को दिखाती है, जहां वायरल होना कई बार सफलता नहीं, बल्कि एक बोझ बन जाता है.

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