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अशोकधाम में भगदड़, गंगा-कमला में डूबे मासूम... सावन के सोमवार पर बिहार में 3 बड़े हादसे- 14 मौतों के पीछे की क्या है पूरी कहानी

बिहार में सावन के सोमवार को तीन अलग-अलग हादसों में 14 लोगों की मौत हो गई. लखीसराय में भगदड़ से 7 महिलाओं की जान गई, जबकि पटना और कटिहार में 7 बच्चों की नदी में डूबने से मौत हुई.

अशोकधाम में भगदड़, गंगा-कमला में डूबे मासूम... सावन के सोमवार पर बिहार में 3 बड़े हादसे- 14 मौतों के पीछे की क्या है पूरी कहानी
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बिहार में सोमवार का दिन हादसों से भरा रहा. राज्य में तीन अलग-अलग घटनाओं में 14 लोगों की मौत हो गई. मृतकों में 7 महिलाएं और 7 बच्चे शामिल हैं. लखीसराय में मंदिर के पास भगदड़ में 7 महिलाओं की मौत हुई, जबकि पटना और कटिहार में गंगा और कमला नदी में डूबने से 7 बच्चों की जान चली गई.

एक तरफ लखीसराय में अशोकधाम मंदिर के पास भगदड़ मची जिसमें सात लोगों की मौत हो गई. वहीं दूसरी घटना पटना के पटना के कटिहार से सामने आई है, जहां 7 बच्चों की डूबने से मौत हो हई. आइये डिटेल में जानते हैं दोनों मामले.

लखीसराय का क्या है पूरा मामला?

लखीसराय में सोमवार को अशोकधाम स्टेशन से मंदिर की ओर जाने वाले रास्ते में भगदड़ मच गई. सावन के तीसरे सोमवार के मौके पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु स्नान और पूजा के लिए पहुंचे थे. इसी दौरान यह हादसा हुआ. भगदड़ में 7 महिलाओं की मौत हो गई, जबकि 12 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं. अधिकारियों ने बताया कि मृतकों की संख्या बढ़ सकती है.

कैसे मची भगदड़?

लखीसराय के जिलाधिकारी शैलेंद्र कुमार के मुताबिक, एक बिजली का पोल पुरुषों की कतार की तरफ गिर गया था. इसके बाद श्रद्धालुओं के बीच यह अफवाह फैल गई कि बिजली का तार गिरने से लोग करंट की चपेट में आ गए हैं. हालांकि, बाद में पता चला कि वह तार बिजली का नहीं, बल्कि डिश या इंटरनेट सेवा से जुड़ी केबल थी.

अफवाह फैलते ही श्रद्धालुओं में अचानक घबराहट फैल गई. पुरुषों की कतार में भीड़ का दबाव बढ़ा और इसका असर महिलाओं की कतार पर भी पड़ा. देखते ही देखते कई महिलाएं एक-दूसरे के ऊपर गिर गईं. इसी दौरान 7 महिलाओं की मौत हो गई.

सीएम सम्राट चौधरी ने क्या कहा?

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने लखीसराय हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों को 4-4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया है. घटना के दौरान कतार में मौजूद एक श्रद्धालु ने बताया कि उस समय काफी भीड़ थी. इसी बीच यह अफवाह फैल गई कि एक पोल गिर गया है और लोगों को करंट लग गया है. अफवाह सुनते ही लोग घबराकर अपनी जान बचाने के लिए भागने लगे. इसी दौरान बैरिकेडिंग टूट गई और कई श्रद्धालु एक-दूसरे के ऊपर गिर गए.

पटना का क्या है मामला?

सोमवार को बिहार के पटना और कटिहार में दो अलग-अलग घटनाओं में 7 बच्चों की डूबने से मौत हो गई. पटना में एक ही परिवार की 7 लड़कियां गंगा में नहाने गई थीं. यह घटना बख्तियारपुर थाना क्षेत्र के रानीसरिया गांव के पास हुई. बताया गया कि सुबह करीब 5 बजे सभी लड़कियां गंगा में स्नान करने गई थीं. नहाने के दौरान 4 लड़कियां गंगा में डूब गईं, जबकि 3 लड़कियों को स्थानीय लोगों ने बचा लिया.

अब तक 2 शव बरामद

हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने बचाव की कोशिश शुरू की. अब तक 2 लड़कियों के शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि 2 लड़कियां अभी भी लापता हैं. मृत लड़कियों की उम्र 14 से 17 साल के बीच बताई गई है.

लड़कियों को कैसे बंचाया गया?

चश्मदीदों के मुताबिक, जब लड़कियां डूबने लगीं तो दूसरे गांव के एक व्यक्ति ने उनकी तरफ बांस का डंडा बढ़ाया. 3 लड़कियों ने बांस को पकड़ लिया, जिसके बाद उन्हें सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया. हालांकि, 4 लड़कियां पानी के तेज बहाव में बह गईं. घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची. लापता लड़कियों की तलाश के लिए SDRF के 6 जवानों और 2 गोताखोरों को लगाया गया.

सभी लड़कियां एक ही परिवार की थीं

बताया गया कि ये सभी लड़कियां पूर्व ग्राम प्रधान किरण देवी के परिवार से थीं और आपस में चचेरी बहनें थीं. मृतकों में आरती कुमारी और नंदनी कुमारी बहनें थीं. दी गई जानकारी के मुताबिक, नंदनी और राधिका के शव बरामद कर लिए गए हैं, जबकि आरती और बबली कुमारी अभी लापता हैं.

स्थानीय लोगों ने क्या कहा?

स्थानीय लोगों का आरोप है कि गंगा में अवैध बालू खनन की वजह से नदी में करीब 10 से 15 फीट गहरे गड्ढे बन गए हैं. लोगों का कहना है कि इन गड्ढों के कारण नदी की गहराई बढ़ गई, जिससे हादसा हुआ. हालांकि, इस आरोप की स्वतंत्र पुष्टि की जानकारी सामने नहीं आई है.

कटिहार में कमला नदी में 3 बच्चों की मौत

कटिहार जिले में भी सोमवार को एक अलग हादसा हुआ. फलका थाना क्षेत्र में कमला नदी में नहाने के दौरान 3 बच्चों की डूबने से मौत हो गई. बताया गया कि बच्चे नदी में नहाने के लिए गए थे. इसी दौरान 3 बच्चे डूब गए. 4 अन्य बच्चों को सुरक्षित बचा लिया गया. मृत बच्चों की पहचान 13 साल के सत्यम कुमार, 9 साल के दिव्यांशु कुमार और 11 साल के अमन कुमार के रूप में हुई है. डॉक्टर पूजा कुमारी ने बताया कि तीनों बच्चों को अस्पताल लाए जाने तक उनकी मौत हो चुकी थी. बच्चों की मौत के बाद परिवारों और स्थानीय लोगों में अफरा-तफरी और दहशत का माहौल बन गया.

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