बिहार के अशोक धाम से यूपी के हाथरस तक...2 साल में वो 10 खौफनाक भगदड़, जिनमें गई सैकड़ों लोगों की जान
बिहार के अशोक धाम से यूपी के हाथरस तक, पिछले 2 साल में भारत में कई बड़े भगदड़ हादसे हुए, जानें 2024 से अब तक के 10 खौफनाक हादसे, जिनमें सैकड़ों लोगों की जान चली गई.
बिहार के लखीसराय जिले के अशोक धाम मंदिर में भगदड़ मच गई. रिपोर्ट के मुताबिक, मंदिर में भगदड़ जैसी स्थिति बनने से 7 लोगों की मौत हो गई, जबकि 12 लोग घायल हुए हैं. घायलों को इलाज के लिए सदर अस्पताल ले जाया गया है. इनमें से कई की हालत गंभीर बताई जा रही है. अब तक सामने आई जानकारी के मुताबिक, सभी घायल महिलाएं हैं.
इस हादसे ने एक बार फिर भारत में बड़े आयोजनों के दौरान भीड़ को संभालने की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं. धार्मिक यात्राओं और मंदिरों के त्योहारों से लेकर रेलवे स्टेशन और यहां तक कि क्रिकेट टीम की जीत के जश्न तक, पिछले कुछ वर्षों में कई बार बड़ी भीड़ कुछ ही मिनटों में जानलेवा भगदड़ में बदल गई. आइए जानते हैं 2024 से अब तक भारत में हुए 10 बड़े भीड़ हादसों के बारे में, जिनमें कई लोगों की जान चली गई.
1. अशोक धाम मंदिर, लखीसराय – अगस्त 2026: 7 मौतें
बिहार के लखीसराय स्थित अशोक धाम मंदिर में यह ताजा हादसा हुआ. बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की मौजूदगी के बीच कथित तौर पर भगदड़ जैसी स्थिति बन गई. इस हादसे में 7 लोगों की मौत की खबर है, जबकि 12 लोग घायल हुए हैं. घायलों को सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है. इनमें से कई की हालत गंभीर बताई जा रही है. अब तक जिन लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है, वे सभी महिलाएं हैं.
अशोक धाम लखीसराय का प्रमुख शिव मंदिर है और धार्मिक मौकों पर यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं. जिला प्रशासन भी अशोक धाम को लखीसराय के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल करता है.
2. करूर, तमिलनाडु – सितंबर 2025: 41 मौतें
भारत के हाल के सबसे बड़े भीड़ हादसों में से एक तमिलनाडु के करूर में हुआ था. यह हादसा किसी मंदिर या धार्मिक आयोजन में नहीं, बल्कि राजनीतिक रैली के दौरान हुआ. 27 सितंबर 2025 को करूर में विजय की रैली के दौरान भीड़ बेकाबू हो गई और भगदड़ जैसी स्थिति बन गई. विजय उस समय तमिलगा वेत्री कझगम के कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे. बाद में तमिलनाडु के तत्कालीन मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने मृतकों की संख्या 41 बताई थी. हादसे में कई अन्य लोग घायल भी हुए.
3. श्रीकाकुलम, आंध्र प्रदेश – नवंबर 2025: 9 मौतें
1 नवंबर 2025 को आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम जिले के कासिबुग्गा स्थित श्री वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में भगदड़ हुई. अधिकारियों के मुताबिक, इस हादसे में 9 श्रद्धालुओं की मौत हो गई. एक धार्मिक कार्यक्रम के दौरान मंदिर में करीब 25 हजार श्रद्धालु पहुंच गए थे. बताया गया कि मंदिर परिसर की क्षमता करीब 2 हजार लोगों की थी. हादसे में शुरुआती तौर पर 18 लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई थी.
4. मनसा देवी मंदिर, हरिद्वार – जुलाई 2025: 8 मौतें
27 जुलाई 2025 को उत्तराखंड के हरिद्वार में मनसा देवी मंदिर जाने वाले पैदल रास्ते पर भगदड़ मच गई. इस हादसे में 8 लोगों की मौत हो गई और 28 लोग घायल हुए. मृतकों में एक 6 साल का बच्चा भी शामिल था. हादसे में घायल हुए कई लोगों की हालत गंभीर बताई गई थी. यह घटना उस रास्ते पर हुई, जिसका इस्तेमाल श्रद्धालु हर की पैड़ी से मनसा देवी मंदिर की ओर जाने के लिए करते हैं. इस हादसे ने यह भी दिखाया कि भीड़ प्रबंधन सिर्फ मंदिर के अंदर ही नहीं, बल्कि मंदिर तक पहुंचने वाले रास्तों, पैदल मार्गों और संकरे रास्तों पर भी जरूरी है.
5. बेंगलुरु RCB जश्न – जून 2025: 11 मौतें
4 जून 2025 को बेंगलुरु में एक ऐसा जश्न मातम में बदल गया, जो क्रिकेट प्रशंसकों के लिए खुशी का मौका था. रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के पहली बार IPL खिताब जीतने के बाद हजारों प्रशंसक एम चिन्नास्वामी स्टेडियम के आसपास जश्न मनाने के लिए पहुंचे. देखते ही देखते स्टेडियम के बाहर भीड़ की स्थिति बेकाबू हो गई. इस हादसे में 11 लोगों की मौत हो गई, जबकि 56 लोग घायल हुए.
6. लैराई देवी मंदिर, गोवा – मई 2025: 6 मौतें
3 मई 2025 को गोवा के उत्तरी गोवा जिले के शिरगांव में लैराई देवी मंदिर के वार्षिक उत्सव के दौरान भगदड़ मच गई. इस हादसे में 6 लोगों की मौत हुई और दर्जनों लोग घायल हुए. अधिकारियों के मुताबिक, कम से कम 30 लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई थी. इनमें से कुछ घायलों को गंभीर हालत में इलाज की जरूरत पड़ी. यह घटना सुबह के शुरुआती घंटों में हुई, जब मंदिर के वार्षिक उत्सव के लिए हजारों श्रद्धालु वहां पहुंचे थे.
7. नई दिल्ली रेलवे स्टेशन – फरवरी 2025: 18 मौतें
15 फरवरी 2025 को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर भगदड़ में 18 लोगों की मौत हो गई. मृतकों में 5 बच्चे भी शामिल थे. यह हादसा उस समय हुआ, जब बड़ी संख्या में यात्री प्रयागराज में चल रहे महाकुंभ के लिए जा रहे थे. प्लेटफॉर्म 14 और 15 के आसपास यात्रियों की भारी भीड़ जमा हो गई थी. बड़ी संख्या में यात्रियों के अचानक एक जगह इकट्ठा होने से स्थिति बिगड़ गई और भगदड़ मच गई.
8. महाकुंभ, प्रयागराज – जनवरी 2025: 37 मौतें
प्रयागराज में आयोजित महाकुंभ दुनिया के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में से एक है. 29 जनवरी 2025 को महाकुंभ के दौरान भीड़ के दबाव से बड़ा हादसा हुआ. यह हादसा उस दिन हुआ, जब बड़ी संख्या में श्रद्धालु संगम पर स्नान के लिए पहुंचे थे. शुरुआत में उत्तर प्रदेश सरकार ने 30 लोगों की मौत और 60 लोगों के घायल होने की जानकारी दी थी. बाद में राज्य सरकार ने आधिकारिक मृतक संख्या बढ़ाकर 37 कर दी.
9. तिरुपति – जनवरी 2025: 6 मौतें
8 जनवरी 2025 को आंध्र प्रदेश के तिरुपति में भी भगदड़ का हादसा हुआ. इस घटना में 6 श्रद्धालुओं की मौत हो गई. श्रद्धालु वैकुंठ द्वार दर्शन के लिए टोकन लेने का इंतजार कर रहे थे. घटना विष्णु निवासम और बैरागी पट्टेडा के पास हुई, जहां बड़ी संख्या में लोग दर्शन के टोकन के वितरण का इंतजार कर रहे थे. तिरुमला तिरुपति देवस्थानम ने 6 श्रद्धालुओं की मौत की पुष्टि की थी.
10. हाथरस, उत्तर प्रदेश – जुलाई 2024: 121 मौतें
2 जुलाई 2024 को उत्तर प्रदेश के हाथरस में हुआ भीड़ हादसा हाल के वर्षों की सबसे बड़ी धार्मिक त्रासदियों में से एक है. धार्मिक कार्यक्रम के दौरान भीड़ के दबाव और भगदड़ के कारण 121 लोगों की मौत हो गई. मृतकों में बड़ी संख्या महिलाओं की थी. बच्चों की भी मौत हुई थी. उत्तर प्रदेश पुलिस ने मृतकों की संख्या 121 बताई थी. बताया गया कि कार्यक्रम में मौजूद लोगों की संख्या उस संख्या से काफी ज्यादा थी, जिसके लिए अनुमति दी गई थी. कार्यक्रम खत्म होने के दौरान बड़ी संख्या में लोग एक साथ बाहर निकलने लगे. इसी दौरान भगदड़ की स्थिति बनी.




