शहजाद पूनावाला ने फिर से दिया इस्तीफा, पहला BJP ने नहीं स्वीकारा, क्या आर्थिक स्थिति है वजह, पढ़ें Resignation Letter
शहजाद पूनावाला ने एकबार फिर से भाजपा को लेटर लिखकर अपना इस्तीफा स्वीकार करने की अपील की है. इससे पहले उनका पहला लेटर पार्टी ने स्वीकार नहीं किया था.
Shehzad Poonawalla
भाजपा के दिग्गज प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने जबसे पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा किया है, तबसे वे सुर्खियों में हैं. हालांकि इस्तीफा देने के बाद भी शहजाद विपक्ष और राहुल गांधी पर हमला बोलते रहे हैं. लेकिन खास बात ये है कि अभी तक भाजपा ने उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं किया है. जिसको लेकर शहजाद पूनावाला ने एकबार फिर से भाजपा से अपने इस्तीफे को स्वीकार करने की अपील की है.
जिसको लेकर उन्होंने सोमवार 17 अगस्त को फिर से पार्टी के अध्यक्ष नितीन नबीन को एक लेटर लिखा और कहा कि उन्होंने पार्टी छोड़ने का अपना फैसला पक्का कर लिया है. पूनावाला ने इससे पहले 30 जुलाई को भाजपा के सभी पदों और प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देने की पेशकश की थी, लेकिन पार्टी ने उनके इस्तीफे को स्वीकार करने से इनकार कर दिया था.
नए लेटर में शहजाद ने क्या लिखा?
पूनावाला ने अपने पत्र में कहा "यह बेहद मार्मिक था और मैं वास्तव में आभारी हूं कि पार्टी ने मेरे इस्तीफे पत्र को तुरंत स्वीकार करने से इनकार कर दिया और मुझसे अपने फैसले पर पुनर्विचार करने का अनुरोध किया. लेकिन लंबे और गहन विचार-विमर्श के बाद, मैं इस अंतिम निर्णय पर पहुंचा हूं कि मैं भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता और सक्रिय प्राथमिक सदस्यता के पद से मुझे मुक्त करने के लिए दबाव डालना चाहूंगा."
अपने पत्र में पूनावाला ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं अमित शाह, राजनाथ सिंह तथा बीएल संतोष के प्रति आभार व्यक्त किया. पूनावाला के पत्र से संकेत मिलता है कि पार्टी छोड़ने का उनका फैसला पार्टी के प्रति किसी व्यक्तिगत दिक्कत की बजाय परिस्थितियों से जुड़ा है.
क्या है उनके इस्तीफे की वजह?
पूनावाला ने भाजपा से इस्तीफा देने के पीछे वित्तीय और व्यक्तिगत परिस्थितियों को भी प्रमुख वजह बताया. उन्होंने कहा कि उन्हें निजी क्षेत्र में जाने की आवश्यकता है और मौजूदा परिस्थितियां उनके लिए महत्वपूर्ण हो गई हैं. उन्होंने अपने फैसले को लेकर पार्टी नेतृत्व के साथ पहले भी विस्तार से बातचीत किए जाने का उल्लेख किया है.
पूनावाला ने एक अन्य बयान में पार्टी के भीतर कुछ व्यक्तियों के साथ तनाव की ओर भी इशारा किया. उन्होंने कहा "पिछले कुछ दिनों की घटनाओं, कुछ व्यक्तियों के कारण जिनके बारे में मैंने आपको विस्तार से बताया है, ने मुझे अपने पहले के निर्णय को मजबूत करने और उस पर कायम रहने के लिए मजबूर किया है."
कब बदला था सोशल मीडिया बायो?
पूनावाला ने जुलाई में अपने पुराने बायो में बदलाव किया था. उस समय उनके बायो में भाजपा का कोई जिक्र नहीं था. उनके मौजूदा बायो में लिखा है "धर्म, इस्लाम, संस्कृति, हिंदू, विचारधारा-भारतीय, लेखक: जीएसटी की यात्रा; प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आजीवन अनुयायी." बायो में बदलाव को भी उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर सामने आए संकेतों में गिना गया.
कब कांग्रेस छोड़कर भाजपा में हुए थे शामिल?
शहजाद पूनावाला ने 2017 में कांग्रेस छोड़ दी थी. कांग्रेस के तत्कालीन अध्यक्ष पद के चुनाव की प्रक्रिया को लेकर विवाद के बाद उन्होंने पार्टी से अलग होने का फैसला किया था. इसके बाद वह भाजपा में शामिल हुए और पार्टी में उन्हें राष्ट्रीय प्रवक्ता की जिम्मेदारी दी गई. समय के साथ वह भाजपा के प्रमुख मीडिया चेहरों में शामिल हो गए.




