कौन हैं रकीबुल हुसैन? असम कांग्रेस से भूपेन बोरा के इस्तीफे की बने वजह
भूपेन बोरा ने अपने इस्तीफे के पीछे पार्टी के सांसद रकीबुल हुसैन को मुख्य कारण बताया. उन्होंने आरोप लगाया कि असम में कांग्रेस की असली बागडोर हुसैन के हाथों में है.
Rakibul Hussain
असम कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष भूपेन बोरा ने विधानसभा चुनाव से ठीक पहले पार्टी से इस्तीफा दे दिया है, जिससे राज्य की राजनीतिक हलचल तेज हो गई है. भूपेन बोरा ने अपने इस्तीफे के पीछे पार्टी के सांसद रकीबुल हुसैन को मुख्य कारण बताया. उन्होंने आरोप लगाया कि असम में कांग्रेस की असली बागडोर हुसैन के हाथों में है, जबकि पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष गौरव गोगोई केवल नाममात्र के नेता हैं.
भूपेन बोरा के इस्तीफे के बाद राज्य की सियासी पार्टियों में हलचल तेज हो गई है. भाजपा के वरिष्ठ नेता और असम के सीएम हिमंता बिस्वा सरमा ने घोषणा की कि बोरा 22 फरवरी को भाजपा में शामिल होंगे. यह दौरा इस्तीफे के एक दिन बाद हुआ और दोनों नेताओं की मुलाकात लगभग डेढ़ घंटे तक चली.
कौन हैं रकीबुल हुसैन?
रकीबुल हुसैन धुबरी से सांसद और पूर्व मंत्री रह चुके हैं. उन्हें असम में कांग्रेस के सबसे प्रभावशाली मुस्लिम नेता के रूप में जाना जाता है. 2024 के लोकसभा चुनाव में हुसैन ने एआईयूडीएफ प्रमुख बदरुद्दीन अजमल को 10 लाख से अधिक वोटों से हराया था. इससे पहले अजमल लगातार तीन बार धुबरी सीट जीत चुके थे.
हुसैन ने 2001 से 2024 तक नागांव जिले की समागुरी विधानसभा सीट से विधायक के रूप में कार्य किया. उनके सांसद बनने के बाद हुए उपचुनाव में उनके बेटे तंजील हुसैन को टिकट मिला, लेकिन वह अपने पिता की जीत का सिलसिला बरकरार रखने में सफल नहीं हो सके.
क्या है असम चुनाव में रकीबुल की भूमिका?
असम विधानसभा चुनाव, जो मार्च-अप्रैल में होने की संभावना है उसमें रकीबुल हुसैन कांग्रेस की रणनीति का अहम हिस्सा हैं. पूर्व मुख्यमंत्री तरुण गोगोई के करीबी रहे हुसैन पर उनके बेटे गौरव गोगोई का भरोसा भी काफी है. मुस्लिम आबादी लगभग 30 प्रतिशत होने के कारण कांग्रेस को हुसैन जैसे नेताओं की जरूरत है, ताकि एआईयूडीएफ जैसी क्षेत्रीय पार्टियों के प्रभाव को रोका जा सके.
हालांकि, राजनीतिक जानकारों का मानना है कि ऊपरी असम में हुसैन की छवि उतनी अच्छी नहीं है. भाजपा उन पर राज्य सरकार में वन मंत्री रहते हुए घुसपैठियों को संरक्षण देने का आरोप लगाती रही है.
क्या बोले हिमंता विस्वा सरमा?
भूपेन बोरा से मुलाकात करने के बाद सीएम हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा कि 'भूपेन बोरा 2021 से 2025 तक असम कांग्रेस अध्यक्ष रहे हैं. वे लंबे समय से विपक्षी दल में संघर्ष कर रहे थे. भाजपा में शामिल होने के बाद उन्हें अपनी इच्छानुसार काम करने का मंच मिलेगा.





