हिमंता कैबिनेट के 12 मंत्री कौन? जो शुक्रवार को लेंगे मंत्री पद की शपथ, तीन चेहरे होंगे नए- देखिए लिस्ट
असम में मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की कैबिनेट का शुक्रवार को विस्तार होने जा रहा है. इस दौरान कुल 12 मंत्री शपथ लेंगे. मंत्रिमंडल में तीन नए चेहरों को जगह मिलने की चर्चा है, जबकि कई मौजूदा विधायकों को भी मंत्री पद की जिम्मेदारी मिल सकती है.
असम की राजनीति में शुक्रवार का दिन बेहद अहम होने जा रहा है. मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा अपनी नई सरकार के मंत्रिमंडल का पहला बड़ा विस्तार करने जा रहे हैं. इस विस्तार में 12 विधायकों को कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ दिलाई जाएगी. खास बात यह है कि इनमें तीन ऐसे चेहरे भी शामिल हैं जो पहली बार मंत्री बनेंगे. मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X के जरिए नए मंत्रियों के नामों की घोषणा की है. शपथ ग्रहण समारोह 5 जून को दोपहर 12:45 बजे आयोजित होगा.
कौन-कौन विधायक लेंगे मंत्री पद की शपथ?
सरमा सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार में जिन 12 नेताओं को शामिल किया जा रहा है, उनमें भाजपा के 11 विधायक और सहयोगी दल असम गण परिषद (AGP) के एक विधायक शामिल हैं. इन नेताओं में अश्विनी राय सरकार, अशोक सिंघल, बिमल बोरा, बिस्वजीत दैमारी, जयंत मल्लबरुआह, कौशिक राय, केशव महंत, कृष्णेंदु पॉल, नीलिमा देवी, पियूष हजारिका, डॉ. रणोज पेगू और सुसांत बोरगोहेन शामिल हैं.
कौन हैं तीन नए चेहरे?
इस मंत्रिमंडल विस्तार में सबसे ज्यादा चर्चा तीन नए चेहरों को लेकर है. अश्विनी राय सरकार, नीलिमा देवी और सुसांत बोरगोहेन पहली बार मंत्री पद की शपथ लेने जा रहे हैं. नीलिमा देवी पहली बार विधायक बनी हैं और सीधे मंत्रिमंडल में जगह मिलने से उनका राजनीतिक कद बढ़ा है. वहीं अश्विनी राय सरकार और सुसांत बोरगोहेन को भी पार्टी ने बड़ा भरोसा देते हुए कैबिनेट में शामिल करने का फैसला किया है.
पूर्व विधानसभा अध्यक्ष बिस्वजीत दैमारी को भी मिली जगह
पूर्व लोकसभा सांसद और हाल ही में असम विधानसभा के अध्यक्ष रहे बिस्वजीत दैमारी को भी मंत्रिमंडल में शामिल किया जा रहा है. दैमारी 2021 से 2026 तक विधानसभा अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं. अब उन्हें पहली बार राज्य सरकार में मंत्री पद की जिम्मेदारी मिलने जा रही है.
केशव महंत फिर बनेंगे मंत्री
भाजपा की सहयोगी पार्टी असम गण परिषद (AGP) के वरिष्ठ नेता केशव महंत को भी मंत्रिमंडल में जगह दी गई है. केशव महंत पिछली एनडीए सरकार में भी मंत्री रह चुके हैं. ऐसे में उन्हें प्रशासनिक अनुभव का फायदा मिलेगा और सहयोगी दल को भी सरकार में प्रतिनिधित्व मिलेगा.
कौन-कौन मंत्री पहले भी संभाल चुके हैं जिम्मेदारी?
मंत्रिमंडल में शामिल किए जा रहे कई नेता पहले भी हिमंत बिस्वा सरमा सरकार का हिस्सा रह चुके हैं. इनमें अशोक सिंघल, बिमल बोरा, जयंत मल्लबरुआह, कौशिक राय, कृष्णेंदु पॉल, पियूष हजारिका और डॉ. रणोज पेगू जैसे नाम शामिल हैं. इन नेताओं के पास शासन और प्रशासन का अनुभव है, इसलिए सरकार ने एक बार फिर उन पर भरोसा जताया है.
12 मई को बनी थी नई सरकार
गौरतलब है कि हिमंत बिस्वा सरमा ने 12 मई को लगातार तीसरी बार सत्ता में लौटी एनडीए सरकार के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी. उस समय उनके साथ चार नेताओं को भी मंत्रिमंडल में शामिल किया गया था. इनमें पूर्व केंद्रीय मंत्री रामेश्वर तेली, अजन्ता नियोग, एजीपी अध्यक्ष अतुल बोरा और बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट के चरण बोरो शामिल थे.
अभी भी दो मंत्री पद रहेंगे खाली
असम विधानसभा में कुल 126 सदस्य हैं. संवैधानिक नियमों के अनुसार मुख्यमंत्री समेत राज्य में अधिकतम 19 मंत्री बनाए जा सकते हैं. शुक्रवार को 12 नए मंत्रियों के शामिल होने के बाद भी मंत्रिमंडल में दो पद खाली रह जाएंगे. माना जा रहा है कि भविष्य में राजनीतिक और क्षेत्रीय संतुलन को देखते हुए इन पदों को भरा जा सकता है.
विधानसभा चुनाव में NDA ने लगातार तीसरी बार बनाई सरकार
हाल ही में हुए असम विधानसभा चुनाव में भाजपा नीत एनडीए गठबंधन ने लगातार तीसरी बार सत्ता पर कब्जा जमाया. 126 सदस्यीय विधानसभा में एनडीए को 102 सीटें मिलीं. इनमें भाजपा ने अकेले 82 सीटों पर जीत दर्ज की. वहीं कांग्रेस 19 सीटों तक सिमट गई. एआईयूडीएफ और राइजोर दल को दो-दो सीटें मिलीं, जबकि तृणमूल कांग्रेस एक सीट जीतने में सफल रही.
क्यों अहम माना जा रहा है यह मंत्रिमंडल विस्तार?
राजनीतिक जानकारों के मुताबिक यह विस्तार केवल मंत्री पद बांटने तक सीमित नहीं है. इसके जरिए भाजपा ने अनुभवी नेताओं और नए चेहरों के बीच संतुलन बनाने की कोशिश की है. साथ ही 2026 के बाद के राजनीतिक समीकरणों, क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व और संगठनात्मक मजबूती को ध्यान में रखते हुए मंत्रिमंडल की नई टीम तैयार की गई है. ऐसे में शुक्रवार का शपथ ग्रहण समारोह असम की राजनीति के लिए काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है.




