5 साल में अर्थव्यवस्था 45% उछाल, कम हुए अपराध... सीएम हिमंता ने बताया कैसे बदली असम की तस्वीर
असम ने पिछले पांच वर्षों में एक नया मुकाम हासिल किया है. मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के नेतृत्व में राज्य की अर्थव्यवस्था में 45% की जबरदस्त वृद्धि दर्ज की गई है, जबकि अपराध दर में भी उल्लेखनीय कमी आई है. विकास, कानून-व्यवस्था, बुनियादी ढांचा और सामाजिक कल्याण में हुए इन बदलावों ने असम की तस्वीर पूरी तरह बदल दी है. मुख्यमंत्री ने हाल ही में बताया कि कैसे आर्थिक प्रगति, निवेश और सुधारों के जरिए असम आज देश के सबसे तेजी से आगे बढ़ते राज्यों में से एक बन गया है.
बीते पांच वर्षों में असम ने चुपचाप, लेकिन मजबूती के साथ अपनी पहचान बदली है. कभी पिछड़ेपन और सीमित संसाधनों से जूझने वाला यह राज्य अब देश की सबसे तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्था बनकर उभरा है.
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मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने राज्य की प्रगति का लेखा-जोखा पेश करते हुए बताया कि असम न केवल आर्थिक मोर्चे पर आगे बढ़ा है, बल्कि कानून-व्यवस्था, बुनियादी ढांचे, स्वास्थ्य, शिक्षा और सामाजिक कल्याण के क्षेत्र में भी बड़े बदलावों का गवाह बना है.
अर्थव्यवस्था ने पकड़ी रफ्तार
रिज़र्व बैंक के आंकड़ों का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि 2020 से 2025 के बीच असम की अर्थव्यवस्था में लगभग 45 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है, जो राष्ट्रीय औसत से कहीं अधिक है. राज्य की आर्थिक क्षमता करीब 4 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 7.41 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच चुकी है. इसके साथ ही प्रति व्यक्ति आय में भी जबरदस्त उछाल आया है, जो पांच साल में 54 प्रतिशत बढ़ी है. यह बदलाव असम को एक विकसित राज्य की ओर ले जाने का संकेत देता है.
कानून-व्यवस्था में बड़ा सुधार
मुख्यमंत्री के अनुसार, नए आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन में असम देश में सबसे आगे है. बीते वर्षों में अपराध दर्ज होने की संख्या में उल्लेखनीय गिरावट आई है. जहां 2021 में शिकायतों का आंकड़ा सवा लाख से अधिक था, वहीं अब यह घटकर करीब 44 हजार रह गया है. जांच की गुणवत्ता में भी सुधार हुआ है. चार्जशीट दाखिल होने की दर बढ़कर 81 प्रतिशत तक पहुंच गई है और सजा दिलाने की दर में भी कई गुना इजाफा हुआ है.
नशे के खिलाफ निर्णायक लड़ाई
राज्य में नशे के कारोबार पर कड़ा प्रहार किया गया है. पिछले पांच वर्षों में हजारों करोड़ रुपये मूल्य के मादक पदार्थ जब्त किए गए हैं. साथ ही बड़ी संख्या में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों की पहचान कर उन्हें वापस भेजा गया है. सरकार का दावा है कि भविष्य में यह कार्रवाई और तेज़ की जाएगी.
पुल, सड़क और सुरंगों से बदली तस्वीर
असम में कनेक्टिविटी को नई दिशा देने के लिए कई मेगा प्रोजेक्ट्स पर काम चल रहा है. ब्रह्मपुत्र नदी पर नए पुलों का निर्माण, रिंग रोड, एलिवेटेड कॉरिडोर और देश की सबसे लंबी नदी पुल परियोजना राज्य को भौगोलिक रूप से जोड़ने का काम कर रही है. काजीरंगा में प्रस्तावित एलिवेटेड वाइल्डलाइफ कॉरिडोर और गोहपुर-नुमालीगढ़ अंडरवाटर टनल जैसे प्रोजेक्ट भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किए जा रहे हैं.
स्वास्थ्य और ऊर्जा के क्षेत्र में निवेश
स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए मेडिकल कॉलेजों का आधुनिकीकरण किया जा रहा है और नए संस्थान खोले जा रहे हैं. कैंसर के इलाज को लेकर राज्य ने खास पहल की है, जहां कई विशेष अस्पताल शुरू हो चुके हैं और अत्याधुनिक तकनीक लाने की तैयारी है. ऊर्जा क्षेत्र में जलविद्युत और सौर ऊर्जा परियोजनाओं से असम आत्मनिर्भर बनने की ओर बढ़ रहा है.
निवेश और रोजगार का नया केंद्र
असम अब निवेशकों के लिए आकर्षक गंतव्य बन चुका है. बड़े औद्योगिक प्रोजेक्ट, रिफाइनरी विस्तार और गैस नेटवर्क जैसी योजनाओं ने राज्य की औद्योगिक क्षमता को मजबूत किया है. सरकार ने लाखों युवाओं को सरकारी नौकरियां दी हैं और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए वित्तीय सहायता योजनाएं शुरू की हैं.
शिक्षा और सामाजिक कल्याण पर फोकस
छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए आर्थिक सहयोग देने की नई योजना शुरू की जा रही है, जिससे कमजोर वर्ग के युवाओं को पढ़ाई जारी रखने में मदद मिलेगी. महिलाओं, किसानों और चाय बागान श्रमिकों के लिए भी कई योजनाएं लागू की गई हैं, जिनका सीधा लाभ लाखों लोगों तक पहुंचा है.
मुख्यमंत्री के अनुसार, असम आज विकास, सुशासन और समावेशी प्रगति के रास्ते पर मजबूती से आगे बढ़ रहा है. अर्थव्यवस्था की रफ्तार, कानून-व्यवस्था में सुधार, आधुनिक बुनियादी ढांचा और सामाजिक योजनाएं-इन सभी ने मिलकर असम को एक नए युग में प्रवेश दिलाया है, जहां विकास सिर्फ आंकड़ों तक सीमित नहीं, बल्कि आम लोगों की ज़िंदगी में दिखाई दे रहा है.





