एविएशन बूम! CM हिमंता का एलान - माजुली से मानस तक 4 एयरपोर्ट, मोरन इमरजेंसी स्ट्रिप चीन के खिलाफ आएगा काम
सीएम हिमंता बिस्वा सरमा ने असम के माजुली, दीफू, उमरांगसो और मानस में चार नए एयरपोर्ट बनाने की घोषणा की. गुवाहाटी के नए टर्मिनल से 22 फरवरी से लैंडिंग ऑपरेशन शुरू होंगे. मोरन इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी (ELF) को लेकर CM ने इसे नेशनल सिक्योरिटी से जुड़ा अहम एसेट बताया.
नॉर्थ ईस्ट में इंफ्रास्ट्रक्चर की रफ्तार अब सिर्फ कनेक्टिविटी की कहानी नहीं, बल्कि स्ट्रेटेजिक तैयारी का संकेत भी बनती दिख रही है. CM हिमंता बिस्वा सरमा ने असम में चार नए एयरपोर्ट बनाने का ऐलान करते हुए साफ कहा कि मोरन की इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी (ELF) कोई साधारण परियोजना नहीं, बल्कि नेशनल सिक्योरिटी से जुड़ा अहम एसेट है.
माजुली, दीफू, उमरांगसो और मानस जैसे दूर-दराज और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण इलाकों में एयरपोर्ट निर्माण का प्लान रीजनल कनेक्टिविटी को नई दिशा देगा. वहीं गुवाहाटी के नए टर्मिनल पर 22 फरवरी से एयरक्राफ्ट लैंडिंग ऑपरेशन शुरू होने जा रहे हैं, जो असम को नॉर्थईस्ट के बड़े एविएशन हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है.
मोरन ELF को लेकर उठे सवालों पर CM का सख्त रुख यह संकेत देता है कि राज्य सरकार इसे सिर्फ विकास नहीं, बल्कि आपदा प्रबंधन और संभावित आपात स्थितियों के लिहाज से भी जरूरी मानती है.
क्या असम में बनने जा रहे हैं 4 नए एयरपोर्ट?
Himanta Biswa Sarma ने 15 फरवरी 2026 को असम के एविएशन सेक्टर को बड़ा बूस्ट देने का ऐलान किया. उन्होंने कहा कि असम सरकार ने चार नए एयरपोर्ट बनाने की योजना तैयार की है. ये एयरपोर्ट माजुली, दीफू, उमरांगसो और मानस में प्रस्तावित हैं. मुख्यमंत्री के मुताबिक, ये इलाके भौगोलिक रूप से दूर-दराज और रणनीतिक रूप से बेहद अहम हैं. ऐसे में हवाई संपर्क बढ़ने से न केवल क्षेत्रीय कनेक्टिविटी मजबूत होगी, बल्कि पर्यटन, व्यापार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी गति मिलेगी.
गुवाहाटी एयरपोर्ट पर 22 फरवरी से क्या बदलेगा?
सीएम हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा कि लोकप्रिय गोपीनाथ बारदोलोई इंटरनेशनल एयरपोर्ट के नए टर्मिनल पर 22 फरवरी से विमान लैंडिंग ऑपरेशन शुरू हो जाएंगे. इसे असम के बढ़ते एविएशन इंफ्रास्ट्रक्चर का बड़ा मील का पत्थर बताया जा रहा है. नया टर्मिनल यात्रियों की क्षमता बढ़ाएगा और ट्रैवल एक्सपीरियंस को बेहतर बनाएगा. सरकार का लक्ष्य गुवाहाटी को पूर्वोत्तर भारत का प्रमुख एविएशन हब बनाना है. ताकि अंतरराष्ट्रीय और घरेलू उड़ानों का नेटवर्क और मजबूत हो सके.
मोरन की इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी पर विवाद क्यों?
डिब्रूगढ़ जिले के मोरन में बनी इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी (ELF) को लेकर उठे सवालों पर मुख्यमंत्री ने तीखी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने साफ कहा कि इसकी तुलना किसी सामान्य सिविलियन इंफ्रास्ट्रक्चर से नहीं की जा सकती. सरमा के अनुसार, यह सुविधा सीधे राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी है. युद्ध या आपातकाल की स्थिति में यह एयरस्ट्रिप रक्षा बलों के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है.
क्या यह सुविधा बाढ़ और आपदा में भी कारगर रहेगी?
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि मोरन ELF को इस तरह डिजाइन किया गया है कि बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं के दौरान भी इसका संचालन संभव रहेगा. असम जैसे बाढ़-प्रभावित राज्य में यह क्षमता बेहद अहम मानी जा रही है. उन्होंने कहा कि देश के रक्षा विशेषज्ञों ने भी इस फैसिलिटी को रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बताया है.
क्या चीन फैक्टर भी है इस रणनीति के पीछे?
सीएम सरमा ने बिना किसी देश का नाम लिए संकेत दिया कि भारत के विरोधी अक्सर ऐसी परियोजनाओं को कमतर दिखाने की कोशिश करते हैं. पूर्वोत्तर क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए यह इलाका सामरिक दृष्टि से संवेदनशील माना जाता है. उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार भविष्य में ऐसी और इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटीज विकसित करने की योजना बना रहे हैं. ताकि डिफेंस लॉजिस्टिक्स और आपदा प्रबंधन दोनों को मजबूत किया जा सके.





