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करीब 10 साल बाद सैलरी रिव्यू, Assam 8th Pay Commission का गठन, क्या-क्या होंगे बड़े बदलाव?

असम सरकार ने कर्मचारियों की सैलरी, पेंशन और सेवा शर्तों में संशोधन के लिए 8वें वेतन आयोग का गठन किया है. करीब 10 साल बाद शुरू हुई इस प्रक्रिया में आयोग को 18 महीने में अपनी सिफारिशें देने का समय मिला है. सरकार का कहना है कि इस बार सिर्फ वेतन बढ़ोतरी ही नहीं, बल्कि प्रशासनिक सुधार और पेंशन ढांचे का भी रिव्यू किया जाएगा.

Formation of Assam 8th Pay Commission know what is going to be change
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( Image Source:  AI GENERATED IMAGE- SORA )

Assam 8th Pay Commission: असम सरकार ने अपने कर्मचारियों की सैलरी, पेंशन स्ट्रक्चर और सेवा शर्तों में संशोधन के लिए 8वें असम वेतन आयोग का गठन किया है. करीब एक दशक बाद राज्य में सैलरी रिविज़न का प्रोसेस शुरू किया गया है.

नए आयोग की अध्यक्षता पूर्व अतिरिक्त मुख्य सचिव सुभाष चंद्र दास करेंगे. आयोग में उनके अलावा सात अन्य सदस्य भी शामिल होंगे. वित्त विभाग की अधिसूचना के अनुसार, आयोग को अपनी सिफारिशें पेश करने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है.

पहले कब लागू हुआ था वेतन संशोधन?

राज्य कर्मचारियों के लिए पिछला वेतन संशोधन 1 अप्रैल 2016 से लागू हुआ था, जो 7वें असम वेतन एवं उत्पादकता वेतन आयोग की सिफारिशों के आधार पर था.

Assam 8th Pay Commission में क्या है सरकार का टारगेट?

  • सरकार का कहना है कि इस बार केवल वेतन और भत्तों को अपडेट करना ही मकसद नहीं है, बल्कि ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट के स्ट्रक्चर में सुधार, तकनीक का बेहतर इस्तेमाल और परिणाम आधारित प्रशासन को भी बढ़ावा देना टारगेट है.
  • नोटिफिकेशन में कहा गया है कि सरकार फाइनेंशियल स्टेबिलिटी को मजबूत करने, सर्विस डिलीवरी के नतीजों में सुधार और प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है.
  • सरकार का मानना है कि सैलरी स्ट्रक्चर में संशोधन के साथ-साथ कर्मचारियों की तादाद के तार्किक पुनर्गठन जैसे स्ट्रक्चरल सुधार भी जरूरी हैं.
  • वेतन के अलावा आयोग पेंशन और पारिवारिक पेंशन के स्ट्रक्चर की भी रिव्यू करेगा.
  • इस कमीशन में महंगाई और कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स को ध्यान में रखते हुए महंगाई राहत और पेंशन संशोधन की व्यवस्था पर भी सिफारिशें दी जाएंगी.

किन लोगों पर लागू नहीं होगा Assam 8th Pay Commission?

हालांकि, 8वां वेतन आयोग अखिल भारतीय सेवाओं के अधिकारियों, यूजीसी/एआईसीटीई के तकनीकी वेतनमान के तहत आने वाले पदों और उन न्यायिक सेवा अधिकारियों पर लागू नहीं होगा जिनका वेतन नेशनल जुडीशियल पे कमीशन के जरिए तय किा जाता है.

असम न्‍यूज
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