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अब असम विधानसभा में हिंदी भी होगी आधिकारिक भाषा, लेकिन क्या बोडो को हटा दिया जाएगा? CM सरमा ने दिया यह जवाब

असम विधानसभा ने आगामी बजट सत्र से हिंदी को भी आधिकारिक भाषा के रूप में शामिल करने का फैसला किया है. हालांकि, मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने साफ किया कि असमिया, अंग्रेजी और बोडो पहले की तरह जारी रहेंगी. बोडो भाषा को हटाने का कोई प्रस्ताव नहीं है.

Himanta Biswa Sarma
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 Himanta Biswa Sarma 

( Image Source:  File Photo )

असम विधानसभा के आगामी बजट सत्र से अब सदन की कार्यवाही में हिंदी का भी आधिकारिक भाषा के तौर पर इस्तेमाल किया जाएगा. रविवार को विधानसभा अध्यक्ष रंजीत कुमार दास ने इसकी घोषणा करते हुए बताया कि सामान्य प्रयोजन समिति (General Purpose Committee) की बैठक में यह फैसला लिया गया है. इसके बाद अब सदन में असमिया, अंग्रेजी, बोडो और हिंदी, चारों भाषाओं का उपयोग किया जा सकेगा.

यह फैसला ऐसे समय आया है जब विधानसभा में बोडो भाषा के भविष्य को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही थीं. हालांकि, मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने तुरंत स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि बोडो भाषा को विधानसभा की कार्यवाही या किसी भी आधिकारिक कामकाज से हटाने का कोई प्रस्ताव नहीं है.

विधानसभा अध्यक्ष ने क्या कहा?

विधानसभा अध्यक्ष रंजीत कुमार दास ने कहा कि हिंदी को सम्मान देने के उद्देश्य से इसे सदन की आधिकारिक भाषाओं में शामिल किया गया है. उन्होंने यह भी घोषणा की कि विधानसभा की कार्यवाही का प्रसारण करने वाले ALA TV का नाम बदलकर अब Assam Bidhan Sabha TV रखा जाएगा.

मुख्यमंत्री सरमा ने क्या कहा?

मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि बोडो असम की सांस्कृतिक विरासत और पहचान का अभिन्न हिस्सा है. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार बोडो भाषा के संरक्षण और विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और आने वाली पीढ़ियों तक इसे मजबूत बनाने के लिए हर संभव प्रयास जारी रहेंगे.

संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल है बोडो भाषा

गौरतलब है कि बोडो भाषा संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल है और वर्ष 2020 में असम आधिकारिक भाषा (संशोधन) अधिनियम के तहत इसे विधानसभा की एसोसिएट ऑफिशियल लैंग्वेज का दर्जा दिया गया था. अब हिंदी जुड़ने के बाद विधानसभा की कार्यवाही चार भाषाओं में संचालित की जा सकेगी,.

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