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कौन हैं यशवीर सिंह, जिन्हें कहा जा रहा अगला जैवलिन थ्रो स्टार? CWG 2026 में जीता ब्रॉन्ज मेडल, नीरज चोपड़ा को मिला सिल्वर

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में नीरज चोपड़ा ने 85.83 मीटर के थ्रो के साथ सिल्वर मेडल जीता, जबकि यशवीर सिंह ने 85.41 मीटर के पर्सनल बेस्ट के साथ ब्रॉन्ज अपने नाम किया. खास बात यह रही कि दोनों भारतीय एक साथ पोडियम पर खड़े नजर आए.

Neeraj Chopra Yashvir Singh
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 Neeraj Chopra और Yashvir Singh

कॉमनवेल्थ गेम्स में नीरज चोपड़ा का नाम एक बार फिर मेडल के साथ जुड़ा, लेकिन इस बार उनकी खुशी सिर्फ सिल्वर जीतने की नहीं थी. पुरुषों के जैवलिन थ्रो में नीरज ने 85.83 मीटर के सीजन बेस्ट थ्रो के साथ सिल्वर मेडल जीता. वहीं, भारत के युवा जैवलिन थ्रोअर यशवीर सिंह ने अपने कॉमनवेल्थ गेम्स डेब्यू में 85.41 मीटर का पर्सनल बेस्ट थ्रो करके ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम कर लिया. इस तरह पोडियम पर दो भारतीय खिलाड़ी मेडल के साथ खड़े हुए. नीरज के लिए यही बात इस मेडल को और खास बना गई.

श्रीलंका के रुमेश थरंगा पथिरगे ने 89.75 मीटर के सर्वश्रेष्ठ थ्रो के साथ गोल्ड मेडल जीता. वहीं, नीरज भी अब धीरे-धीरे अपने पुराने रंग में लौटते हुए नजर आ रहे हैं, जबकि यशवीर को अब लोग अगला जैवलिन थ्रो स्टार कहने लगे हैं.

नीरज ने सीजन बेस्ट के साथ जीता सिल्वर

नीरज चोपड़ा इस सीजन में अपना सिर्फ दूसरा मुकाबला खेल रहे थे. परिस्थितियां आसान नहीं थीं और मौसम भी उनके लिए चुनौती बना हुआ था. इसके बावजूद नीरज ने अपने दूसरे प्रयास में 85.83 मीटर का थ्रो किया. यह उनका इस सीजन का अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा. यही थ्रो उन्हें सिल्वर मेडल दिलाने के लिए काफी था.

नीरज इससे पहले 2018 गोल्ड कोस्ट कॉमनवेल्थ गेम्स में जैवलिन थ्रो का गोल्ड मेडल जीत चुके हैं. इस बार सिल्वर के साथ उन्होंने कॉमनवेल्थ में अपना एक और मेडल अपने नाम कर लिया. हालांकि, गोल्ड इस बार उनके हाथ नहीं आया, लेकिन नीरज के लिए यह प्रदर्शन वापसी की दिशा में एक सकारात्मक संकेत रहा. उन्होंने खुद भी माना कि उनका कमबैक सही दिशा में आगे बढ़ रहा है और सीजन में अभी कई प्रतियोगिताएं बाकी हैं.

पोडियम पर यशवीर के साथ खड़े होना बना सबसे खास पल

नीरज के लिए इस मुकाबले की सबसे खूबसूरत बात उनका खुद का सिल्वर नहीं, बल्कि यशवीर सिंह के साथ पोडियम शेयर करना रहा. 24 साल के यशवीर ने कॉमनवेल्थ गेम्स में पहली बार हिस्सा लिया और दबाव के बीच अपने करियर का सबसे बेहतरीन थ्रो कर दिया. उन्होंने अपने छठे और अंतिम प्रयास में 85.41 मीटर भाला फेंका. यही आखिरी थ्रो उन्हें सीधे पोडियम तक ले गया और उन्होंने ब्रॉन्ज मेडल पक्का कर लिया. एक तरफ देश के सबसे बड़े जैवलिन स्टार नीरज चोपड़ा थे, तो दूसरी तरफ कॉमनवेल्थ डेब्यू कर रहे यशवीर सिंह. दोनों का एक साथ पोडियम पर खड़ा होना भारतीय एथलेटिक्स के लिए भी खास तस्वीर बन गई.

नीरज को याद आए एशियन गेम्स

यशवीर की उपलब्धि से नीरज काफी खुश नजर आए. उन्होंने कहा कि किसी बड़े टूर्नामेंट में एक और भारतीय के साथ पोडियम साझा करना उन्हें एशियन गेम्स के उस पल की याद दिलाता है, जब भारत के दो जैवलिन थ्रोअर ने मेडल जीते थे. नीरज ने यशवीर के प्रदर्शन की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने बेहद महत्वपूर्ण मौके पर अपना पर्सनल बेस्ट दिया. खासकर अंतिम प्रयास में 85.41 मीटर का थ्रो करना उनके दबाव में प्रदर्शन करने की क्षमता को दिखाता है.

नीरज की नजर अब आगे की प्रतियोगिताओं पर

कॉमनवेल्थ गेम्स में सिल्वर जीतने के बाद भी नीरज की नजर सिर्फ इस मेडल पर नहीं है. वह इसे अपने कमबैक की प्रक्रिया का हिस्सा मान रहे हैं. 85.83 मीटर का सीजन बेस्ट उनके लिए अच्छी खबर है। आने वाले मुकाबलों में उनका लक्ष्य प्रदर्शन को और बेहतर करना होगा. नीरज के करियर में पहले ही ओलंपिक गोल्ड और सिल्वर, वर्ल्ड चैंपियनशिप के गोल्ड और सिल्वर, दो एशियन गेम्स गोल्ड, कॉमनवेल्थ गोल्ड और अब सिल्वर जैसे बड़े मेडल शामिल हैं.

नीरज चोपड़ा का मेडल रिकॉर्ड

यशवीर सिंह ने डेब्यू में ही रचा अपना पल

यशवीर सिंह इस मुकाबले में सबसे चौंकाने वाले प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों में रहे. 24 वर्षीय भारतीय ने कॉमनवेल्थ गेम्स में पहली बार हिस्सा लिया और सीधे मेडल जीत लिया. शुरुआती प्रयासों के बाद जब अंतिम मौका आया, तब यशवीर पर दबाव था, लेकिन उन्होंने अपने छठे और आखिरी प्रयास में 85.41 मीटर का थ्रो किया. यह उनके करियर का पर्सनल बेस्ट था और इसी के साथ उन्होंने ब्रॉन्ज मेडल हासिल कर लिया.

यशवीर की कहानी इसलिए भी खास है क्योंकि उन्होंने भारत के सबसे बड़े जैवलिन स्टार नीरज चोपड़ा के साथ पोडियम साझा किया. एक ही इवेंट में भारत के दो खिलाड़ियों का मेडल जीतना आने वाले समय के लिए भारतीय जैवलिन थ्रो की गहराई का संकेत भी माना जा सकता है.

कौन हैं यशवीर सिंह?

यशवीर सिंह भारत के उभरते हुए भाला फेंक खिलाड़ी हैं. उनका जन्म 22 अक्टूबर 2001 को हरियाणा के भिवानी जिले के देवसर गांव में हुआ. यशवीर के पिता राय सिंह राष्ट्रीय स्तर के पूर्व जैवलिन थ्रोअर और कोच रह चुके हैं, जिनकी देखरेख में यशवीर ने यह खेल सीखा. शुरुआत में उन्होंने बांस से बने भाले के साथ अभ्यास किया था. यशवीर ने इंडियन अंडर-20 फेडरेशन कप में नीरज चोपड़ा का मीट रिकॉर्ड तोड़ा था. वर्ष 2022 में उन्होंने 80 मीटर से अधिक दूरी तक भाला फेंककर अपनी खास पहचान बनाई.

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