Begin typing your search...

Asian Games 2026: एक को पहलवान, तो दूसरे को बनना था धावक; फिर कैसे थामी पिस्टल; कहानी भारत को दूसरा गोल्ड दिलाने वाले कमलजीत-सुरुचि सिंह की

एशियन गेम्स 2026 में भारत को दूसरा गोल्ड मेडल मिल चुका है. 10 मीटर एयर पिस्टल मिक्स्ड टीम प्रतियोगिता में सुरुचि सिंह और कमलजीत की जोड़ी ने भारत को ये दूसरा गोल्ड मेडल दिलाया है.

Kamaljeet & Suruchi Singh
X

Kamaljeet & Suruchi Singh

( Image Source:  X/ @SportsgramIndia )
विशाल पुंडीर
Edited By:विशाल पुंडीर4 Mins Read

Updated on: 25 Sept 2026 10:05 AM IST

एशियन गेम्स 2026 में भारतीय निशानेबाजों ने एक बार फिर देश को गर्व करने का मौका दिया है. तीन दिन के इंतजार के बाद भारत को दूसरा गोल्ड मेडल मिल गया. शुक्रवार को 10 मीटर एयर पिस्टल मिक्स्ड टीम प्रतियोगिता में सुरुचि सिंह और कमलजीत की जोड़ी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल अपने नाम किया. भारतीय जोड़ी ने फाइनल में 484.6 अंक हासिल कर एशियन रिकॉर्ड भी बनाया.

इस प्रतियोगिता में भारत के लिए यह आखिरी पदक मौका था. इससे पहले 10 मीटर एयर पिस्टल की व्यक्तिगत और टीम प्रतियोगिताओं में भारतीय निशानेबाज पदक हासिल नहीं कर पाए थे. ऐसे में सुरुचि और कमलजीत की जोड़ी ने दबाव के बीच शानदार निशाना लगाकर भारत की झोली में दूसरा गोल्ड डाल दिया.

क्वालीफिकेशन में कैसा रहा प्रदर्शन?

सुरुचि और कमलजीत ने क्वालीफिकेशन में शुरुआत से ही शानदार प्रदर्शन किया. पहली सीरीज में दोनों ने 196 अंक हासिल किए. इसके बाद दूसरी सीरीज में 195 अंक जोड़कर उनका कुल स्कोर 391 हो गया. तीसरी सीरीज में भारतीय जोड़ी ने फिर 196 अंक जुटाए और कुल 587 अंकों के साथ क्वालीफिकेशन में पहला स्थान हासिल किया. इस दौरान दोनों ने 29 इनर-10 लगाए. शीर्ष चार जोड़ियों को फाइनल में जगह मिली थी. भारत के अलावा ईरान, दक्षिण कोरिया और इंडोनेशिया की जोड़ियां फाइनल में पहुंचीं.

कौन हैं सुरुचि सिंह?

सुरुचि सिंह का जन्म 28 अप्रैल 2006 को हरियाणा के झज्जर जिले में हुआ था. उनका परिवार खेल और सेना से जुड़ा रहा है. उनके पिता इंदर सिंह फोगाट भारतीय सेना में हवलदार रह चुके हैं. शुरुआत में उनके पिता चाहते थे कि सुरुचि कुश्ती में करियर बनाएं. सुरुचि ने कुश्ती की ट्रेनिंग भी शुरू की, लेकिन कंधे में चोट लगने के बाद उन्हें यह खेल छोड़ना पड़ा. इसके बाद उन्होंने निशानेबाजी को अपना करियर बनाने का फैसला किया. साल 2019 में महज 13 साल की उम्र में उन्होंने भिवानी की गुरु द्रोणाचार्य शूटिंग एकेडमी में निशानेबाजी की ट्रेनिंग शुरू की. उन्होंने दिग्गज निशानेबाज जीतू राय और कोच सुरेश सिंह के मार्गदर्शन में इस खेल की बारीकियां सीखीं.

सुरुचि के नाम कौनसा रिकॉर्ड?

सुरुचि ने कम उम्र में ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना ली. वह महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल रैंकिंग में दुनिया की नंबर-1 शूटर भी रह चुकी हैं. दोहा में हुए आईएसएसएफ वर्ल्ड कप फाइनल में उन्होंने 245.1 अंक हासिल कर पेरिस ओलंपिक पदक विजेता मनु भाकर का छह साल पुराना जूनियर विश्व रिकॉर्ड तोड़ा था.

कौन हैं कमलजीत?

कमलजीत का जन्म 22 अगस्त 2003 को हरियाणा के रेवाड़ी जिले में हुआ था. निशानेबाजी में करियर शुरू करने के दौरान उनके परिवार को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ा. ट्रेनिंग फीस, पिस्टल और प्रतियोगिताओं से जुड़े खर्चों को पूरा करने के लिए उनके माता-पिता ने काफी त्याग किया. कमलजीत ने अपने खेल करियर की शुरुआत एथलेटिक्स से की थी, लेकिन गंभीर चोट के कारण उन्हें रनिंग छोड़नी पड़ी. इसके बाद उन्होंने हार नहीं मानी और 2019 में पिस्टल शूटिंग को अपने नए करियर के तौर पर चुना.

साल 2023 में साउथ कोरिया के चांगवोन में हुई आईएसएसएफ जूनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप में कमलजीत ने 50 मीटर फ्री पिस्टल की व्यक्तिगत और टीम प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल जीते. इन दो स्वर्ण पदकों ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई. इसके बाद नई दिल्ली में हुई एशियन चैंपियनशिप में सीनियर वर्ग में खेलते हुए उन्होंने व्यक्तिगत प्रतियोगिता में सिल्वर मेडल भी जीता.

अगला लेख