अमेरिका और चीन दुनिया की दो बड़ी शक्तियां हैं और दोनों के रिश्तों में नरमी का असर सिर्फ वॉशिंगटन और बीजिंग तक सीमित नहीं रहेगा. शी जिनपिंग के अमेरिका दौरे और डोनाल्ड ट्रंप के गर्मजोशी भरे स्वागत ने एक बार फिर इस सवाल को चर्चा में ला दिया है कि क्या दुनिया G2 यानी अमेरिका-चीन केंद्रित व्यवस्था की ओर बढ़ रही है? अगर दोनों महाशक्तियों के बीच व्यापार और रणनीतिक रिश्ते मजबूत होते हैं, तो इसका असर ताइवान, इंडो-पैसिफिक, रूस-यूक्रेन युद्ध और भारत-चीन समीकरण पर भी पड़ सकता है. ऐसे में सबसे बड़ा सवाल है- अमेरिका-चीन की नजदीकी भारत के लिए नए मौके लेकर आएगी या नई रणनीतिक चुनौती?