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कौन थे प्रेमानंद महाराज के शिष्य रसिक दुलारी शरण, जिन्होंने चार मंजिला इमारत से लगाई छलांग, कटा मिला प्राइवेट पार्ट-जांच में क्या?

वृंदावन में प्रेमानंद महाराज से जुड़े शिष्य रसिक दुलारी शरण की संदिग्ध मौत से सवाल उठे हैं. जानें कौन थे, क्या हुआ और पुलिस की जांच में अब तक क्या सामने आया.

कौन थे प्रेमानंद महाराज के शिष्य रसिक दुलारी शरण, जिन्होंने चार मंजिला इमारत से लगाई छलांग, कटा मिला प्राइवेट पार्ट-जांच में क्या?
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वृंदावन में संत प्रेमानंद महाराज से जुड़े एक शिष्य की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद कई सवाल खड़े हो गए हैं. घटना शुक्रवार को वाराह घाट इलाके में स्थित उस परिसर में हुई, जो श्री हित राधा केली कुंज आश्रम से जुड़ा बताया जा रहा है. मृतक की पहचान पुलिस के अनुसार जबलपुर निवासी दीपक लोधी उर्फ रसिक दुलारी शरण के रूप में हुई है. शुरुआती जानकारी में उनकी उम्र 26 वर्ष बताई गई है.

पुलिस के मुताबिक, युवक गंभीर हालत में मिला था और उसे सर्वोदय अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई. सूचना मिलने के बाद वृंदावन पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची तथा घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए. पुलिस शुरुआती जांच में चौथी मंजिल से गिरने की बात कह रही है, हालांकि हत्या और आत्महत्या दोनों पहलुओं से जांच की जा रही है. मामले में अभी अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच से मौत की वास्तविक परिस्थितियों को समझने में मदद मिलने की उम्मीद है.

कौन थे दीपक लोधी उर्फ रसिक दुलारी शरण?

पुलिस की शुरुआती जानकारी के मुताबिक मृतक का संबंध मध्य प्रदेश के जबलपुर से था. वह संत प्रेमानंद महाराज से जुड़े श्री हित राधा केली कुंज आश्रम से संबंधित गुरु कृपा कुंज परिसर में रह रहे थे. दीक्षा के बाद उन्होंने रसिक दुलारी शरण नाम अपनाया था. आश्रम से जुड़े परिसर में रहने के दौरान वह वहां बिजली से संबंधित काम भी करते थे. यानी उनका जीवन केवल आध्यात्मिक गतिविधियों तक सीमित नहीं था, बल्कि परिसर के रोजमर्रा के कामों में भी उनकी भूमिका बताई जा रही है. हालांकि, उनकी दीक्षा कब हुई थी, इसे लेकर उपलब्ध जानकारी में अंतर है. एक विवरण में सितंबर 2015 का जिक्र है, जबकि एसपी सिटी के बयान में फरवरी 2025 में संत प्रेमानंद महाराज से दीक्षा लेने की बात सामने आई है. इसलिए इस बिंदु की आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है.

आश्रम से जुड़े परिसर में क्या हुआ?

पुलिस के मुताबिक, दीपक लोधी आश्रम के पीछे स्थित एक सोसाइटी के फ्लैट में भी रह रहे थे. एसपी सिटी राजीव कुमार के अनुसार, शुरुआती जांच में सामने आया कि वह सोसाइटी की चौथी मंजिल से नीचे गिरे थे. घटना के बाद उन्हें गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचाया गया. पुलिस को घटना की सूचना सर्वोदय अस्पताल से मिली, जिसके बाद टीम मौके पर पहुंची. यहीं से मामले ने गंभीर रूप ले लिया, क्योंकि युवक की मौत की परिस्थितियां पूरी तरह स्पष्ट नहीं थीं.

क्या चौथी मंजिल से कूदने की बात सामने आई?

पुलिस के शुरुआती बयान के अनुसार, दीपक के चौथी मंजिल की छत से कूदने की आशंका सामने आई है. पुलिस इसे फिलहाल आत्महत्या के एंगल से भी देख रही है. लेकिन महत्वपूर्ण बात यह है कि पुलिस ने अभी इसे अंतिम रूप से आत्महत्या घोषित नहीं किया है. अधिकारियों के अनुसार हत्या और आत्महत्या दोनों पहलुओं से जांच जारी है. इसलिए फिलहाल यह कहना जल्दबाजी होगी कि मौत आत्महत्या ही थी.

प्राइवेट पार्ट पर चोट के निशान क्यों महत्वपूर्ण हैं?

शुरुआती जानकारी में पुलिस को मृतक के शरीर पर चोट के निशान मिलने की बात सामने आई है. विशेष रूप से प्राइवेट पार्ट पर चोट के निशान की जानकारी भी दी गई है. हालांकि, केवल चोट के निशान के आधार पर मौत की वजह या किसी अपराध का निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता. यह चोट किस परिस्थिति में लगी, गिरने से आई या उससे पहले की है. इन सवालों का जवाब पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक जांच से ही मिल सकता है. इसलिए इस पहलू को लेकर किसी तरह की अटकल लगाने के बजाय जांच रिपोर्ट का इंतजार करना जरूरी है.

घटना के बाद फॉरेंसिक टीम क्यों बुलाई गई?

मामले की परिस्थितियां स्पष्ट नहीं होने के कारण पुलिस ने फॉरेंसिक टीम को भी घटनास्थल पर बुलाया. टीम ने मौके का निरीक्षण किया और जरूरी साक्ष्य जुटाए. फॉरेंसिक जांच में घटनास्थल की स्थिति, गिरने की जगह और वहां मौजूद अन्य संभावित साक्ष्यों को देखा जाता है. इन साक्ष्यों को पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस की पूछताछ के साथ मिलाकर घटना की कड़ी समझने की कोशिश की जाएगी.

  • पुलिस किन सवालों के जवाब तलाश रही है?
  • जांच में फिलहाल कई सवाल अहम हैं-
  • दीपक चौथी मंजिल तक कैसे पहुंचे?
  • क्या वह अकेले थे?
  • क्या वह खुद छत से नीचे गिरे या किसी अन्य परिस्थिति में यह घटना हुई?
  • घटना से पहले उनकी स्थिति कैसी थी?
  • शरीर पर मिले चोट के निशान कैसे आए?
  • घटनास्थल पर किसी संघर्ष या अन्य गतिविधि के संकेत मिले या नहीं?
  • आश्रम और सोसाइटी में उस समय कौन-कौन लोग मौजूद थे?
  • क्या किसी व्यक्ति ने घटना को देखा था?
  • पोस्टमार्टम में मौत की वास्तविक वजह क्या सामने आती है?
  • इन सवालों के जवाब जांच पूरी होने के बाद ही साफ होंगे.

परिवार को दी गई सूचना

पुलिस के अनुसार मृतक के परिजनों को घटना की जानकारी दे दी गई है. शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद मौत की परिस्थितियों को लेकर जांच आगे बढ़ेगी. फिलहाल पुलिस ने किसी व्यक्ति को आरोपी घोषित नहीं किया है और उपलब्ध जानकारी के मुताबिक मामले में किसी की ओर से तहरीर मिलने की पुष्टि भी नहीं हुई है.

प्रेमानंद महाराज के आश्रम से क्या संबंध था?

मृतक का संबंध संत प्रेमानंद महाराज से जुड़े श्री हित राधा केली कुंज आश्रम से बताया जा रहा है. पुलिस के अनुसार वह गुरु कृपा कुंज परिसर में रह रहे थे. इसलिए घटना के बाद आश्रम से जुड़े परिसर और वहां रहने वाले लोगों की जानकारी भी जांच का हिस्सा बन सकती है. हालांकि, अभी तक ऐसा कोई आधिकारिक निष्कर्ष सामने नहीं आया है जिससे आश्रम या किसी व्यक्ति की भूमिका को इस मौत से जोड़कर देखा जा सके.

मौत की असली वजह कब सामने आएगी?

इस मामले में सबसे अहम कड़ी पोस्टमार्टम रिपोर्ट है. इसके अलावा घटनास्थल से जुटाए गए फॉरेंसिक साक्ष्य और पुलिस की जांच भी महत्वपूर्ण होगी. अभी उपलब्ध जानकारी के आधार पर इतना ही कहा जा सकता है कि प्रेमानंद महाराज से जुड़े शिष्य दीपक लोधी उर्फ रसिक दुलारी शरण की मौत गंभीर और संदिग्ध परिस्थितियों में हुई है. पुलिस चौथी मंजिल से गिरने की घटना को आत्महत्या के एंगल से भी देख रही है, लेकिन हत्या की संभावना को भी जांच से बाहर नहीं किया गया है. अंतिम तस्वीर पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फॉरेंसिक जांच और पुलिस की आगे की जांच के बाद ही साफ होगी.

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