प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में 23 और 24 सितंबर को केंद्रीय मंत्रिपरिषद की दो दिवसीय चिंतन बैठक हुई, जिसमें सरकार के कामकाज और योजनाओं की समीक्षा की गई. बैठक में मंत्रियों से अपने-अपने मंत्रालय की कमियों, चुनौतियों और सुधार के उपायों पर प्रेजेंटेशन देने को कहा गया. सरकार का जोर इस बात पर रहा कि योजनाओं का लाभ ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचे और मंत्रालयों का काम जमीन पर बेहतर दिखाई दे. ‘विकसित भारत@2047’, प्रशासनिक सुधार, ईज ऑफ लिविंग और जनता से बेहतर संवाद जैसे मुद्दे भी चर्चा के केंद्र में रहे. इसी बीच लंबे समय से मोदी कैबिनेट में फेरबदल की अटकलें भी चल रही हैं, जिससे चिंतन बैठक को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हुई हैं. आइए जानते हैं कि इस मुद्दे पर वरिष्ठ पत्रकार धीरेंद्र पुंडीर ने स्टेटर मिरर से खास बातचीत में क्या-क्या कहा है...