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वैज्ञानिक पिता की राफइल चलाने वाली बेटी... एशियन गेम्स में भारत को 1 दिन में दिलाए 2 मेडल; कौन हैं एलावेनिल वलारिवन?

जापान में चल रहे एशियन गेम्स 2026 में भारत की पहले शानदार शुरुआत रही. पहले दिन भारत को एयर राइफल प्रतियोगिता में 2 मेडल मिले. एलावेनिल वलारिवन ने 10 मीटर एयर राइफल प्रतियोगिता में सिल्वर मेडल जीता.

elavenil valarivan
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( Image Source:  X/ @TheKhelIndia )

भारत की स्टार निशानेबाज एलावेनिल वलारिवन ने एशियाई खेलों में शानदार प्रदर्शन करते हुए रविवार, 20 सितंबर को महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल प्रतियोगिता में सिल्वर मेडल अपने नाम किया. साल 2019 विश्व कप की गोल्ड मेडल विजेता एलावेनिल ने फाइनल में 252.4 अंक जुटाए और जापान की हिनाता ताइची के बाद दूसरे स्थान पर रहीं. ताइची ने 253 अंकों के साथ एशियाई खेलों का नया रिकॉर्ड बनाते हुए गोल्ड मेडल जीता, जबकि साउथ कोरिया की ह्योजिन बान ने 230.4 अंक के साथ कांस्य पदक हासिल किया.

एलावेनिल का यह रविवार को दूसरा पदक रहा. व्यक्तिगत प्रतियोगिता से कुछ घंटे पहले ही उन्होंने सोनम मस्कर और विदरसा विनोद के साथ महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल टीम स्पर्धा में भारत को रजत पदक दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी. फाइनल में भी वह गोल्ड मेडल की दौड़ में अंत तक बनी रहीं और आखिरी दो शॉट तक जापानी निशानेबाज को कड़ी टक्कर देती रहीं.

कैसा रहा मुकाबला?

फाइनल के अंतिम चरण में एलावेनिल और हिनाता ताइची के बीच बेहद करीबी मुकाबला देखने को मिला. एलावेनिल आखिरी दो शॉट से पहले ताइची से महज 0.3 अंक पीछे थीं. उन्होंने 10.4 अंक का शॉट लगाया, जबकि ताइची ने 10.6 अंक हासिल किए. इसके बाद दोनों के बीच अंतर बढ़कर 0.5 अंक हो गया.

गोल्ड मेडल हासिल करने के लिए एलावेनिल को आखिरी शॉट में बड़ा स्कोर करना जरूरी था. उन्होंने 10.1 अंक हासिल किए, लेकिन ताइची ने दबाव के बीच 10.2 अंक का शॉट लगाकर बढ़त बरकरार रखी. इस तरह जापानी निशानेबाज ने 253 अंकों के साथ गोल्ड जीता और नया एशियन गेम्स रिकॉर्ड बनाया.

कौन हैं एलावेनिल वलारिवन?

एलावेनिल वलारिवन का जन्म 2 अगस्त 1999 को तमिलनाडु के कुड्डालोर में हुआ था. जब वह करीब तीन साल की थीं, तब उनका परिवार अहमदाबाद, गुजरात चला गया. वह एक शिक्षित परिवार से आती हैं। उनके माता-पिता दोनों पीएचडी स्कॉलर हैं और उनके पिता वैज्ञानिक हैं.

बचपन में एलावेनिल की दिलचस्पी एथलेटिक्स, बैडमिंटन और जूडो जैसे खेलों में थी. करीब 12-13 साल की उम्र में उन्होंने अपने एक दोस्त को राइफल चलाते देखा. इसी दौरान उनके मन में शूटिंग को लेकर उत्सुकता पैदा हुई और उन्होंने पहली बार राइफल हाथ में ली. यहीं से उनके निशानेबाजी करियर की शुरुआत हुई.

कब-कब जीते मेडल?

एलावेनिल भारतीय शूटिंग टीम का हिस्सा बनकर टोक्यो 2020 और पेरिस 2024 ओलंपिक में भी हिस्सा ले चुकी हैं. जूनियर स्तर पर उन्होंने ISSF जूनियर वर्ल्ड कप में कई गोल्ड मेडल जीते. सीनियर स्तर पर भी उनका रिकॉर्ड प्रभावशाली रहा है. उन्होंने रियो डी जेनेरियो में हुए ISSF वर्ल्ड कप और 2025 एशियन शूटिंग चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीता. 2019 विश्व कप में गोल्ड मेडल जीतने के बाद से ही वह भारतीय निशानेबाजी की प्रमुख खिलाड़ियों में शामिल रही हैं.

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