400 लोगों की मौत से टूट गए अफगानी क्रिकेटर्स, राशिद से लेकर नबी तक का सोशल पर छलका दर्द; PAK को लगाई लताड़
काबुल में पाकिस्तान की एयर स्ट्राइक 400 लोगों की जान चली गई. पाकिस्तान की इस घिनौनी हरकत पर अफगानिस्तान के क्रिकेटर्स का गुस्सा देखने को मिला है. राशिद खान से लेकर मोहम्मद नबी तक ने सोशल पर पोस्ट शेयर की है.
Rashid Khan
Pakistan Afghanistan conflict: अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में पाकिस्तान की एयर स्ट्राइक के बाद तनाव और गहरा गया है. सोमवार रात काबुल में एक नशामुक्ति केंद्र को निशाना बनाकर पाकिस्तान ने एयर स्ट्राइक की. इस्लामिक अमीरात ऑफ अफगानिस्तान के उप प्रवक्ता के मुताबिक इस हमले में मरने वालों की संख्या बढ़कर 400 से अधिक हो गई है, जबकि करीब 250 लोग घायल बताए जा रहे हैं.
पाकिस्तान की इस घिनौनी हरकत पर अफगानिस्तान के क्रिकेटर्स का गुस्सा देखने को मिला है. स्टार स्पिनर राशिद खान और अनुभवी ऑलराउंडर मोहम्मद नबी ने नागरिकों की मौत पर गहरा दुख जताते हुए पाकिस्तान की तीखी आलोचना की है.
क्या बोले राशिद खान?
अफगानिस्तान के स्टार क्रिकेटर राशिद खान ने सोशल मीडिया पर इस घटना को लेकर पोस्ट शेयर की. उन्होंने नागरिक इलाकों पर हमले को युद्ध अपराध बताते हुए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से जांच की मांग की.
राशिद ने ट्वीट करके लिखा “काबुल में पाकिस्तानी हवाई हमलों के परिणामस्वरूप आम नागरिकों की मौत की ताज़ा खबरों से मैं बेहद दुखी हूं. जानबूझकर या अनजाने में नागरिकों के घरों, शिक्षण संस्थानों या चिकित्सा सुविधाओं को निशाना बनाना युद्ध अपराध है. विशेषकर रमज़ान के पवित्र महीने के दौरान, मानव जीवन के प्रति घोर उपेक्षा घृणित और बेहद चिंताजनक है. इससे केवल विभाजन और नफरत ही बढ़ेगी. मैं संयुक्त राष्ट्र और अन्य मानवाधिकार एजेंसियों से इस अत्याचार की गहन जांच करने और दोषियों को जवाबदेह ठहराने का आह्वान करता हूं. इस कठिन समय में मैं अपने अफगान लोगों के साथ खड़ा हूं. हम ठीक हो जाएंगे और एक राष्ट्र के रूप में फिर से उठ खड़े होंगे. हम हमेशा ऐसा करते हैं. इंशाल्लाह!”
क्या बोले मोहम्मद नबी?
अफगानिस्तान के अनुभवी क्रिकेटर मोहम्मद नबी ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो साझा करते हुए इस घटना की कड़ी निंदा की. उन्होंने कहा कि अस्पताल में इलाज कराने आए युवाओं की मौत बेहद दर्दनाक है. नबी ने लिखा “आज रात काबुल में एक अस्पताल में उम्मीद की किरण बुझ गई. इलाज के लिए आए युवकों को पाकिस्तानी सैन्य शासन द्वारा बमबारी में मार दिया गया. माताएं अपने बेटों के नाम पुकारते हुए अस्पताल के द्वार पर इंतजार कर रही थीं. रमजान की 28वीं रात को उनकी जिंदगी छीन ली गई.”
क्या बोले अजमतुल्लाह उमरजई?
अजमतुल्लाह उमरजई ने सोशल मीडिया पर लिखा कि "आज रात काबुल में एक जोरदार धमाका हुआ. इसके तुरंत बाद, पाकिस्तानी हवाई हमलों में क्षतिग्रस्त हुए एक अस्पताल से आसमान में आग की लपटें उठने लगीं. रमजान के महीने में, रोज़ा खोलने के बाद, निर्दोष लोगों की जानें चली गईं और कई अन्य घायल हो गए. आज रात शोक मना रहे हर परिवार के साथ मेरी संवेदनाएं हैं. काबुल शोक में डूबा हुआ है. हम न्याय और शांति के लिए प्रार्थना करते हैं."




