अफगानिस्तान के खिलाफ भारत की वनडे सीरीज की टाइमिंग को लेकर सवालों के घेरे में क्यों है BCCI? 5 Points में जानिए वजह
भीषण गर्मी के बीच भारत-अफगानिस्तान ODI सीरीज में खिलाड़ियों की फिटनेस और चोट को लेकर सवाल उठने लगे हैं. लखनऊ ODI में कई खिलाड़ियों को क्रैम्प और चोट की परेशानी हुई, जिससे BCCI के शेड्यूल पर बहस शुरू हो गई है.
टीम इंडिया
भारत और अफगानिस्तान के बीच चल रही ODI सीरीज भले ही भारतीय टीम के लिए जीत और रिकॉर्ड का मौका लेकर आई हो, लेकिन इस सीरीज के आयोजन को लेकर अब सवाल उठने लगे हैं. वजह है देश में पड़ रही भीषण गर्मी, जिसमें खिलाड़ियों की फिटनेस और चोट का खतरा लगातार बढ़ रहा है. लखनऊ के इकाना क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए दूसरे वनडे मुकाबले में इसका असर साफ दिखाई दिया.
अफगानिस्तान के बल्लेबाज दरवेश रसूली फील्डिंग के दौरान चोटिल हो गए. वह बाद में बल्लेबाजी करने उतरे, लेकिन दर्द के कारण ज्यादा देर टिक नहीं पाए और उन्हें दोबारा मैदान छोड़ना पड़ा. रसूली का यह पहला ODI मुकाबला था.
IND Vs AFG ODI Series पर क्यों उठ रहे सवाल?
1- भीषण गर्मी में शरीर से लगातार पसीने के जरिए पानी और जरूरी मिनरल्स निकलते हैं, जिससे डिहाइड्रेशन का खतरा बढ़ जाता है. विशेषज्ञों के मुताबिक, ऐसी स्थिति में मांसपेशियों में खिंचाव और चोट लगने की संभावना सामान्य से ज्यादा हो जाती है.
2- भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने शानदार 154 रनों की पारी खेलकर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया, लेकिन लंबे समय तक बल्लेबाजी करने के बाद वह भी गर्मी से परेशान दिखे. गिल को कई बार क्रैम्प की समस्या हुई और इलाज के बाद वह दोबारा बल्लेबाजी कर पाए. हालांकि इसके बाद उनकी रनिंग और शॉट खेलने की क्षमता प्रभावित हुई. वह पारी के अंत में एक अजीब शॉट खेलकर आउट हुए और फिर फील्डिंग के लिए मैदान पर नहीं उतरे.
3- मैच में शतक लगाने वाले ईशान किशन को भी पारी के आखिरी हिस्से में परेशानी का सामना करना पड़ा. अब सीरीज का अगला मुकाबला चेन्नई में होना है, जहां इस समय गर्मी खिलाड़ियों के लिए बड़ी चुनौती बन सकती है.
4- सवाल यह उठ रहा है कि क्या इस सीरीज का आयोजन सही समय पर किया गया? भारत में जून के महीने में कई हिस्सों में तापमान बेहद ज्यादा रहता है. माना जा रहा है कि अगर यही सीरीज किसी ठंडे मौसम में कराई जाती तो खिलाड़ियों के लिए परिस्थितियां बेहतर होतीं.
5- भारतीय खिलाड़ी पिछले कई महीनों से लगातार क्रिकेट खेल रहे हैं. फरवरी में टी20 वर्ल्ड कप, उसके बाद दो महीने लंबा IPL और फिर टेस्ट, A टीम की सीरीज और अब ODI मुकाबले. ज्यादातर खिलाड़ी लगातार मैदान पर हैं और शरीर को रिकवरी का पर्याप्त समय नहीं मिल पाया है. यही वजह है कि अब चिंता सिर्फ एक मैच जीतने की नहीं, बल्कि खिलाड़ियों को लंबे समय तक फिट रखने की है. अगर किसी बड़े खिलाड़ी को चोट लगती है और वह महीनों बाहर हो जाता है, तो इसका असर आने वाली अहम सीरीज पर पड़ सकता है.
आलोचकों का कहना है कि BCCI को शेड्यूल बनाते समय खिलाड़ियों की सुरक्षा और आराम को सबसे ऊपर रखना चाहिए... क्योंकि क्रिकेट का लगातार बढ़ता दबाव सिर्फ खिलाड़ियों को ही नहीं, बल्कि फैंस के लिए भी एक चुनौती बन सकता है.




