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Commonwealth Games 2026: बिना मैच खेले ही कैसे भारतीय महिला बॉक्सर के नाम हो गया पदक? अब गोल्ड पर होगा निशाना

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में बिना पहला मैच खेले ही भारतीय महिला स्टार बॉक्सर लवलीना के नाम पदक पक्का हो गया. सेमीफाइनल में उतरते ही वे पदक की दावेदार हो जाएगी. इसके अलावा उनके पास अब गोल्ड मेडल जीतने का मौका है.

Lovlina Borgohain
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Lovlina Borgohain

( Image Source:  X/ @India_AllSports )

Commonwealth Games 2026: कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 की आज से शुरुआत होने जा रही है. वहीं पहले ही दिन भारतीय एथलीटों के पास पदक पक्का करने का सुनहरा मौका भी है. नीरज चोपड़ा से लेकर, मीराबाई चानू और लवलीना तक इन खेलों में दिखने वाले हैं, जिनसे भारत को पदक की उम्मीद है. वहीं भारतीय महिला बॉक्सर लवलीना बोर्गोहैन का तो बिना पहला मैच खेले ही पदक पक्का हो गया है.

अब यहां से उनके पास गोल्ड मेडल जीतने का मौका भी है. ओलंपिक, विश्व चैंपियनशिप और एशियाई खेलों में पदक जीत चुकी लवलीना अब तक कॉमनवेल्थ गेम्स में पदक हासिल नहीं कर सकी हैं. इस बार ड्रॉ उनके लिए राहत भरा साबित हुआ है और वह सीधे सेमीफाइनल से अपने अभियान की शुरुआत करेंगी.

कैसे हुआ पहला पदक पक्का?

असम की 28 वर्षीय लवलीना बोर्गोहैन को 75 किलोग्राम वर्ग में पहले राउंड में बाई मिली है. इसका मतलब है कि वह सीधे सेमीफाइनल में उतरेंगी. कॉमनवेल्थ गेम्स के नियमों के अनुसार सेमीफाइनल में पहुंचते ही खिलाड़ी का पदक पक्का हो जाता है। ऐसे में लवलीना को रिंग में उतरते ही कम से कम ब्रॉन्ज मेडल पक्का हो जाएगा.

सेमीफाइनल में किससे होगी भिड़ंत?

लवलीना का पहला मुकाबला तलावु की तारोना ताफाकी के खिलाफ होगा. यदि वह यह मुकाबला जीतने में सफल रहती हैं तो फाइनल में पहुंच जाएंगी और गोल्ड मेडल जीतने की दौड़ में शामिल होंगी. यह पदक उनके लिए बेहद खास होगा, क्योंकि वह तीसरी बार कॉमनवेल्थ गेम्स में हिस्सा ले रही हैं और अब तक इस प्रतियोगिता में पदक जीतने का सपना अधूरा रहा है.

कितने बजे होगा उद्घाटन समारोह?

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के उद्घाटन समारोह में भारतीय महिला खिलाड़ियों को ऐतिहासिक सम्मान मिलने जा रहा है. आज रात 12:30 बजे शुरू होने वाले उद्घाटन समारोह में ओलंपिक पदक विजेता मीराबाई चानू भारत की ध्वजवाहक (Flag Bearer) होंगी, जबकि लवलीना बोर्गोहैन को बैटन बियरर (Baton Bearer) यानी मशाल वाहक की जिम्मेदारी सौंपी गई है. कॉमनवेल्थ गेम्स के इतिहास में पहली बार दोनों सम्मान भारतीय महिला खिलाड़ियों को मिले हैं.

और किस खिलाड़ी का पदक हुआ पक्का?

57 किलोग्राम वर्ग में भारत की जैस्मीन लैम्बोरिया को भी पहले राउंड में बाई मिली है, जिससे उन्होंने सीधे क्वार्टरफाइनल में जगह बना ली है. हालिया फॉर्म को देखते हुए उनसे भी बड़े पदक की उम्मीद की जा रही है. यदि वह पूरी तरह फिट होकर रिंग में उतरती हैं तो स्वर्ण पदक की दावेदारों में शामिल होंगी.

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