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Explainer: धर्मेंद्र प्रधान की कुर्सी पर बैठे प्रह्लाद जोशी, शिक्षा मंत्रालय का संभाला कार्यभार; जानिए सामने क्या होंगी सबसे बड़ी चुनौतियां

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने शिक्षा मंत्रालय का कार्यभार संभाल लिया है. उन्होंने कहा कि शिक्षा उनके लिए नया विषय है और फिलहाल वह मंत्रालय के कामकाज को समझने के बाद ही बड़े फैसलों या टिप्पणियों पर बात करेंगे.

Pralhad Joshi
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( Image Source:  ANI )

केंद्र सरकार ने शिक्षा मंत्रालय में बड़ा बदलाव करते हुए केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी को नया शिक्षा मंत्री बनाया है. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सलाह पर धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा स्वीकार कर लिया, जिसके बाद प्रह्लाद जोशी को उनके मौजूदा मंत्रालयों के साथ शिक्षा मंत्रालय की अतिरिक्त जिम्मेदारी भी सौंप दी गई.

रविवार को पदभार संभालने के बाद प्रह्लाद जोशी ने कहा कि शिक्षा मंत्रालय उनके लिए नया विषय है. इसलिए वह पहले मंत्रालय की कार्यप्रणाली, चल रही योजनाओं और अधिकारियों के साथ बैठकों के जरिए पूरे विभाग को समझना चाहते हैं. उन्होंने कहा कि मंत्रालय काफी बड़ा है और पूरी जानकारी लेने के बाद ही वह विस्तार से अपनी प्राथमिकताओं पर बात करेंगे.

पदभार संभालते ही क्या बोले प्रह्लाद जोशी?

प्रह्लाद जोशी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताते हुए कहा कि उन्हें इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी के लिए चुना गया है और वह इसे पूरी विनम्रता तथा जिम्मेदारी के साथ निभाएंगे. उन्होंने बताया कि शनिवार रात दिल्ली पहुंचने के बाद रविवार सुबह मंत्रालय का कार्यभार संभाला और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ कई दौर की बैठकें कीं.

आखिर धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा क्यों दिया?

धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा देते हुए कहा कि उन्होंने यह फैसला छात्रों के हित में लिया है. उनका कहना था कि प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर चल रहे विरोध प्रदर्शन का गलत राजनीतिक इस्तेमाल न हो, इसलिए उन्होंने पद छोड़ना उचित समझा.


पिछले कुछ सप्ताह से NEET पेपर लीक समेत कई प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर देशभर में छात्र प्रदर्शन कर रहे थे. छात्रों की मांग थी कि परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी बनाया जाए, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो और भर्ती व प्रवेश परीक्षाओं में सुधार किए जाएं.

प्रह्लाद जोशी के सामने सबसे बड़ी चुनौतियां क्या होंगी?

नए शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी के सामने कई अहम जिम्मेदारियां होंगी. इनमें शामिल हैं;

  • प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता बहाल करना.
  • परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और सुरक्षा बढ़ाना.
  • छात्रों और अभिभावकों का भरोसा दोबारा जीतना.
  • राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) से जुड़े कार्यों को आगे बढ़ाना.
  • डिजिटल शिक्षा और उच्च शिक्षा सुधारों को गति देना.

'कौन हैं प्रह्लाद जोशी?

प्रह्लाद जोशी केंद्र सरकार के वरिष्ठ नेताओं में शामिल हैं. वह फिलहाल उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण तथा नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय का भी कार्यभार संभाल रहे हैं. इससे पहले वह कोयला, खान और संसदीय कार्य मंत्रालय की जिम्मेदारी भी निभा चुके हैं.

क्या बदलेगा शिक्षा मंत्रालय?

फिलहाल सरकार की ओर से शिक्षा नीति या परीक्षा प्रणाली में किसी नए बदलाव का ऐलान नहीं किया गया है. हालांकि, शिक्षा मंत्रालय में नेतृत्व परिवर्तन ऐसे समय हुआ है जब परीक्षा व्यवस्था को लेकर देशभर में बहस चल रही है. ऐसे में आने वाले दिनों में मंत्रालय के फैसलों पर छात्रों, अभिभावकों और शिक्षा जगत की खास नजर रहेगी.

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