रामपुर की मोहम्मद जौहर यूनिवर्सिटी को लेकर एक बार फिर विवाद गहरा गया है. रिपोर्ट में दावा किया गया है कि यूनिवर्सिटी परिसर में कई निर्माण कार्यों में अनियमितताएं पाई गई हैं. आरोप है कि तत्कालीन मंत्री आजम खान ने सत्ता में रहते हुए यूनिवर्सिटी परिसर के विशिष्ट अतिथि गृह का निजी इस्तेमाल किया. यह भी दावा किया गया कि अतिथि गृह तक पहुंचने के लिए विशेष सड़क और पुल का निर्माण कराया गया था, जिसका इस्तेमाल आम लोगों के लिए नहीं था. वर्तमान में यह अतिथि गृह प्रशासन के कब्जे में है और परिसर के कुछ हिस्सों को अलग करने के लिए दीवार भी बनाई गई है. स्थानीय स्तर पर यह भी आरोप लगाए गए कि यूनिवर्सिटी की कई इमारतों के नक्शे स्वीकृत नहीं थे और इस संबंध में नोटिस जारी किए गए थे. हालांकि, चर्चा के दौरान यह पक्ष भी सामने आया कि उस समय नियामक व्यवस्था अलग थी और कुछ मामलों में प्रशासनिक प्रक्रिया को लेकर विवाद है. फिलहाल यूनिवर्सिटी से जुड़े कई मामले अदालतों और प्रशासनिक जांच के दायरे में हैं. यह मामला सत्ता के कथित दुरुपयोग, निर्माण नियमों और प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर राजनीतिक बहस का विषय बना हुआ है.