349 रन, 37 छक्के और सबसे बड़ी जीत! जब इंदौर में आई थी रनों की सुनामी, क्रिकेट ‘हाईवे’ बना और गेंदें ‘हवाई जहाज’
Syed Mushtaq Ali Trophy में 5 दिसंबर 2024 को Baroda ने Sikkim के खिलाफ 349 रन ठोककर इतिहास रच दिया. भानु पानिया के तूफानी शतक ने मैच को रिकॉर्ड बुक में दर्ज कर दिया.
भानु पानिया ने जड़ा नाबाद शतक
Baroda vs Sikkim Record Breaking Historic T20 Match Highlights: यह कहानी है उस दिन की, जब क्रिकेट की पिच पर रनों की सुनामी आई थी. विकेटों का अकाल पड़ गया और गेंदबाज सिर्फ गेंदों को बाउंड्री लाइन के बाहर जाते हुए ही देख रहे थे... 5 दिसंबर 2024 का वह सूरज, जब इंदौर के एमरल्ड हाई स्कूल ग्राउंड पर उगा, तो किसी को अंदाज़ा नहीं था कि आज टी-20 क्रिकेट का नया इतिहास लिखा जाएगा. सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी (SMAT) में बड़ौदा और सिक्किम की टीमें आमने-सामने थीं... लेकिन खेल खत्म होते-होते यह मुकाबला खेल खत्म होते-होते यह मुकाबला सिर्फ एक मैच नहीं, बल्कि 'रन बनाने की फैक्ट्री' बन गया .
कहते हैं कि टी-20 क्रिकेट बल्लेबाजों का खेल है, लेकिन उस दिन बड़ौदा के बल्लेबाजों ने इस कहावत को एक नई परिभाषा दे दी. टॉस जीतकर बड़ौदा ने पहले बल्लेबाजी चुनी और फिर जो हुआ, उसने दुनिया भर के क्रिकेट सांख्यिकीविदों (Statisticians) को कैलकुलेटर उठाने पर मजबूर कर दिया. 20 ओवरों का खेल और स्कोरबोर्ड पर 349 रन! यह स्कोर सुनकर ही पसीने छूट जाते हैं, लेकिन इसे हकीकत में बदलते देखना किसी चमत्कार से कम नहीं था.
मैच में क्या-क्या हुआ?
शुरुआत और तूफान का आगाज
पारी की शुरुआत करने आए शाश्वत रावत और अभिमन्यु सिंह... सिक्किम के गेंदबाजों को लगा था कि वे शुरुआती झटके देकर दबाव बनाएंगे, लेकिन हुआ इसका उलटा... शाश्वत ने 16 गेंद में 4 छक्के और 4 चौकों की मदद से 43 रन बनाए. उन्होंने पहले विकेट के लिए महज 31 गेंद में 92 रन की पार्टनरशिप कर डाली. इसके बाद भानु पानिया और शिवालिक के बीच तीसरे विकेट के लिए 33 गेंद में 94 रन की तूफानी साझेदारी हुई, जिसने मैच का रुख बदल दिया. भानु पानिया ने पहले ही ओवर से इरादे साफ कर दिए. उन्होंने महज 51 गेंदों में 134 रन ठोक दिए. उनकी इस पारी में 5 चौके और 15 गगनचुंबी छक्के शामिल थे.
अभिमन्यु, शिवालिक और विष्णु की आतिशबाजी
भानु का साथ देने आए अभिमन्यु सिंह ने तो जैसे गाबा (Gabba) की याद दिला दी. उन्होंने सिक्किम के हर गेंदबाज को रिमांड पर लिया. अभिमन्यु ने सिर्फ 17 गेंदों का सामना किया और 53 रनों की शानदार पारी खेली. उनकी स्ट्राइक रेट 300 के पार थी. इस पारी में उन्होंने 5 छक्के और 4 चौके जड़े. उनके अलावा, शिवालिक शर्मा ने 17 गेंद में 55 रन बनाए, जिसमें 6 छक्के और 3 चौके शामिल हैं. वहीं, विष्णु सोलंकी ने 16 गेंद में 6 छक्के और 2 चौके जड़ते हुए 50 रन बनाए. दोनों का स्ट्राइक रेट 300 के पार रहा.
कौन-कौन से रिकॉर्ड बने?
इस मैच ने न केवल भारतीय घरेलू क्रिकेट, बल्कि विश्व टी-20 क्रिकेट के कई बड़े रिकॉर्ड्स को ताश के पत्तों की तरह ढहा दिया.
- टी-20 इतिहास का सबसे बड़ा स्कोर: बड़ौदा ने 20 ओवर में 5 विकेट पर 349 रन बनाए. इससे पहले अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में जिम्बाब्वे का 344 रनों का रिकॉर्ड सबसे बड़ा था, जिसे बड़ौदा ने पार कर लिया.
- एक पारी में सबसे ज्यादा छक्के: बड़ौदा के बल्लेबाजों ने मिलकर पूरी पारी में 37 छक्के लगाए. यह किसी भी आधिकारिक टी-20 मैच में एक टीम द्वारा लगाए गए सबसे ज्यादा छक्के हैं.
सिक्किम की गेंदबाजी (कत्लेआम का मंजर)
सिक्किम के गेंदबाजों के लिए यह मैच किसी डरावने सपने जैसा था. चार गेंदबाजों की इकॉनमी 20 के ऊपर रही. Lee Yong Lepcha ने तो 2 ओवर में 27.50 की इकॉनमी से 55 रन लुटा दिए. वहीं, पलजोर ने 4 ओवर में 45 रन, अंकुर ने 4 ओवर में 51 रन और सपतुला ने 2 ओवर में 36 रन दे डाले. इसके अलावा, रोशन ने 4 ओवर में 81 रन, तरुण शर्मा ने 2 ओवर में 50 और पार्थ ने 2 ओवर में 41 रन दिए.
महज 86 रन ही बना सकी सिक्किम की टीम
रनों के इस पहाड़ के नीचे सिक्किम की टीम दब गई. बड़ौदा के गेंदबाजों ने भी कोई रहम नहीं दिखाया. सिक्किम की टीम 20 ओवर में 7 विकेट के नुकसान पर 86 रन ही बना सकी. उसके 4 बल्लेबाज दहाई का आंकड़ा नहीं छू पाए.
बड़ौदा और सिक्किम के इस मैच में जिस तरह से पावर-हिटिंग और रेंज-हिटिंग का इस्तेमाल हुआ, उसने भविष्य के क्रिकेट की एक झलक दिखाई. बड़ौदा की इस जीत ने सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी के उस सीजन में उन्हें 'फेवरेट' बना दिया था. आज भी जब टी-20 में बड़े स्कोर्स की बात होती है, तो 5 दिसंबर 2024 की वो तारीख और इंदौर का वो मैदान जेहन में खुद-ब-खुद आ जाता है, जहां क्रिकेट की गेंदें बादलों से बातें कर रही थी.




