3 ICC ट्रॉफी, बड़े फैसले और कई विवाद; Team India के चीफ सेलेक्टर के रूप में Ajit Agarkar का कैसा रहा कार्यकाल?
अजीत अगरकर का चीफ सेलेक्टर के तौर पर कार्यकाल 4 अक्टूबर 2026 को खत्म होना है. रिपोर्ट्स के मुताबिक उन्होंने आगे जारी न रहने की इच्छा BCCI को बता दी है. अगरकर के कार्यकाल में भारत ने 2024 T20 वर्ल्ड कप, 2025 चैंपियंस ट्रॉफी और 2026 T20 वर्ल्ड कप जीता.
अजित अगरकर और देवजीत सैकिया
भारतीय क्रिकेट टीम के चीफ सेलेक्टर अजित अगरकर का कार्यकाल अब खत्म होने की ओर है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अगरकर ने BCCI को बता दिया है कि वह 4 अक्टूबर 2026 को अपना मौजूदा कार्यकाल खत्म होने के बाद इस पद पर आगे जारी नहीं रहना चाहते. BCCI की AGM में बोर्ड के पदाधिकारियों को अगरकर के भविष्य पर फैसला लेने का अधिकार भी दिया गया है. हालांकि, फिलहाल बोर्ड की ओर से उनके उत्तराधिकारी को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है.
अगरकर जुलाई 2023 में भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम की सीनियर चयन समिति के चेयरमैन बने थे. उनके कार्यकाल की सबसे बड़ी पहचान भारतीय टीम की ICC टूर्नामेंट्स में वापसी रही. उनके कार्यकाल में भारत ने 2024 T20 वर्ल्ड कप, 2025 चैंपियंस ट्रॉफी और 2026 T20 वर्ल्ड कप जीता. यानी अगरकर के चयन समिति प्रमुख रहने के दौरान भारत ने तीन ICC खिताब अपने नाम किए.
2024 के बाद 2026 में भी भारत ने जीता टी-20 वर्ल्ड कप
2024 में भारत ने 11 साल के ICC ट्रॉफी सूखे को खत्म किया. इसके बाद 2025 में चैंपियंस ट्रॉफी जीती गई और मार्च 2026 में भारत ने न्यूजीलैंड को अहमदाबाद में हराकर T20 वर्ल्ड कप का सफलतापूर्वक बचाव किया. 2026 के फाइनल में भारत ने न्यूजीलैंड को 96 रन से हराया और लगातार दूसरी बार T20 वर्ल्ड कप अपने नाम किया.
चयन के फैसले भी रहे सुर्खियों में
- अगरकर के कार्यकाल में सिर्फ ट्रॉफियां ही चर्चा में नहीं रहीं, बल्कि चयन के कई बड़े फैसले भी सुर्खियों में रहे.
- T20 वर्ल्ड कप 2024 के बाद रोहित शर्मा के T20I से संन्यास लेने पर सूर्यकुमार यादव को T20I कप्तान बनाया गया.
- टीम की योजना अगले बड़े टूर्नामेंट को ध्यान में रखकर तैयार करने की कोशिश की गई.
- इसके बाद कप्तानी और टीम संयोजन को लेकर भी बड़े फैसले हुए.
- सूर्यकुमार यादव की बल्लेबाजी में लंबे समय तक खराब फॉर्म के बीच टीम में बदलाव किए गए और श्रेयस अय्यर को दोबारा T20I सेटअप में मौका मिला.
- 2026 T20 वर्ल्ड कप से पहले कप्तानी में भी बदलाव हुआ और श्रेयस अय्यर को टीम की कमान सौंपी गई.
- इन फैसलों ने चयन समिति की सोच और भविष्य की योजना को लेकर काफी चर्चा पैदा की.
गिल को टी-20 सेटअप से किया बाहर
शुभमन गिल को लेकर भी अगरकर के कार्यकाल में एक बड़ा प्रयोग हुआ. रोहित शर्मा के बाद टेस्ट और ODI कप्तानी की जिम्मेदारी गिल को दी गई. T20 क्रिकेट में भी उन्हें टीम के भविष्य के विकल्प के तौर पर देखा गया, लेकिन T20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए उन्हें टीम से बाहर रखा गया. इसके साथ ही ईशान किशन की घरेलू क्रिकेट में वापसी के बाद राष्ट्रीय टीम में वापसी हुई.
घरेलू क्रिकेट को मिला महत्व
अगरकर की चयन नीति में घरेलू क्रिकेट को भी काफी महत्व दिया गया. उनका जोर रहा कि जब खिलाड़ी राष्ट्रीय टीम के साथ नहीं हों तो उन्हें घरेलू क्रिकेट में उपलब्ध रहना चाहिए. यह नियम बड़े नामों पर भी लागू किया गया और रोहित शर्मा तथा विराट कोहली जैसे खिलाड़ियों को भी घरेलू क्रिकेट खेलने के लिए कहा गया.
शमी को लेकर स्पष्ट रही अगरकर की सोच
तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी को लेकर भी अगरकर की सोच स्पष्ट रही. चयन समिति ने उन्हें लंबे समय तक राष्ट्रीय टीम में वापस नहीं चुना. हालांकि इस तरह के फैसलों पर बहस होती रही. अगरकर ने चयन के पीछे फिटनेस और अंतरराष्ट्रीय स्तर की जरूरतों को प्रमुख आधार बताया.
दक्षिण अफ्रीका और न्यूजीलैंड से घरेलू टेस्ट सीरीज में मिली हार
अगरकर के कार्यकाल में भारतीय टीम को कुछ बड़े झटके भी लगे. न्यूजीलैंड और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ घरेलू टेस्ट सीरीज में भारत को हार का सामना करना पड़ा. 2023-24 के ऑस्ट्रेलिया दौरे में भी टीम का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा, लेकिन इन नतीजों के बाद चयन समिति ने टीम में बदलाव किए. विराट कोहली और रोहित शर्मा के टेस्ट संन्यास के बाद भारतीय टेस्ट टीम का एक नया दौर भी शुरू हुआ.
अगरकर की एक खास बात यह रही कि वह मीडिया के सामने लगातार दिखाई दिए और चयन से जुड़े सवालों का जवाब देते रहे. वह कई मौकों पर टीम चयन के पीछे की वजहों को सार्वजनिक तौर पर समझाते नजर आए. चयनकर्ता की भूमिका में पारदर्शिता और सीधे संवाद को उनके कार्यकाल की प्रमुख विशेषताओं में गिना गया.
हालांकि उनके कार्यकाल को सिर्फ सफलताओं के आधार पर देखना भी पूरी तस्वीर नहीं होगी. कई चयन फैसलों को लेकर विवाद हुए और कुछ खिलाड़ियों को लेकर टीम में जगह देने या बाहर रखने पर सवाल उठे, लेकिन आंकड़ों के स्तर पर देखें तो तीन ICC ट्रॉफियां उनके कार्यकाल की सबसे बड़ी उपलब्धि रहीं. ICC ने 2026 T20 वर्ल्ड कप के बाद भी भारत की सफलता में अगरकर के योगदान का उल्लेख किया था.
कैसा रहा अगरकर का अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट करियर?
- अगरकर खुद भी एक सफल अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर रहे हैं. वह तेज गेंदबाज के तौर पर भारतीय टीम के लिए खेले और 2003 के एडिलेड टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दूसरी पारी में छह विकेट लेकर भारत की जीत में अहम भूमिका निभाई थी. बल्लेबाजी में भी उनके नाम खास रिकॉर्ड हैं.
- अगरकर के नाम भारत के लिए ODI में सबसे तेज अर्धशतक का रिकॉर्ड है. उन्होंने 2000 में जिम्बाब्वे के खिलाफ सिर्फ 21 गेंदों पर फिफ्टी लगाई थी.
- इसके अलावा उन्होंने लॉर्ड्स में नंबर-8 पर बल्लेबाजी करते हुए टेस्ट शतक भी बनाया था.
अगरकर के कार्यकाल को क्यों याद किया जाएगा?
अब अगरकर के कार्यकाल का अंत होता है या नहीं, इसका औपचारिक फैसला BCCI को करना है, लेकिन अगर वह 4 अक्टूबर के बाद पद पर नहीं रहते हैं, तो उनके कार्यकाल की सबसे बड़ी पहचान भारतीय क्रिकेट की ICC ट्रॉफी वाली वापसी और तीन बड़े खिताबों के साथ होगी. साथ ही उनके कई कठिन चयन फैसले भी भारतीय क्रिकेट में चर्चा का हिस्सा बने रहेंगे.




