सोने-चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बीच निवेशकों के बीच मुनाफे और नुकसान को लेकर चिंता बढ़ जाती है. लेकिन क्या हर गिरावट को नुकसान मानना सही है? एक्सपर्ट के मुताबिक, सोना-चांदी खरीदने वालों को पहले यह तय करना चाहिए कि उन्होंने निवेश कितने समय के लिए किया है. बाजार में सोने-चांदी के निवेशक मुख्य रूप से दो तरह के होते हैं. एक वे, जो ज्वेलरी, ईटीएफ, बार और कॉइंस के जरिए निवेश करते हैं. वहीं दूसरी ओर डेरिवेटिव मार्केट में स्पेकुलेशन करने वाले लोग होते हैं. कीमतों में तेज उतार-चढ़ाव में डेरिवेटिव मार्केट की भी भूमिका रहती है.