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अगर कुंडली में गुरु है कमजोर तो रुक सकता है भाग्य, गुरुवार को करें ये आसान उपाय

अगर कुंडली में गुरु ग्रह कमजोर हो, तो जीवन में कई काम अटक सकते हैं। ऐसे में गुरुवार के दिन किए गए कुछ आसान उपाय शुभ फल देने वाले माने जाते हैं।

अगर कुंडली में गुरु है कमजोर तो रुक सकता है भाग्य, गुरुवार को करें ये आसान उपाय
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( Image Source:  chatgpt )
State Mirror Astro
By: State Mirror Astro3 Mins Read

Updated on: 9 July 2026 6:00 AM IST

वैदिक ज्योतिष में देवगुरु बृहस्पति को ज्ञान, धर्म, भाग्य, शिक्षा, विवाह, संतान और समृद्धि का कारक ग्रह माना गया है. यह ग्रह व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक सोच, सम्मान, आध्यात्मिक उन्नति और शुभ अवसर प्रदान करता है. जब जन्मकुंडली में गुरु मजबूत होता है तो व्यक्ति को किस्मत का साथ मिलता है, शिक्षा और करियर में प्रगति होती है तथा जीवन में सुख-समृद्धि बनी रहती है. वहीं यदि गुरु ग्रह अशुभ या कमजोर स्थिति में हो तो बार-बार मेहनत के बाद भी सफलता मिलने में देरी होती है, भाग्य साथ नहीं देता और जीवन में कई तरह की रुकावटें आने लगती हैं.

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार गुरुवार का दिन भगवान विष्णु और देवगुरु बृहस्पति को समर्पित माना जाता है. इस दिन श्रद्धा और नियमपूर्वक भगवान विष्णु की पूजा तथा गुरु ग्रह से जुड़े उपाय करने से बृहस्पति की कृपा प्राप्त होती है. मान्यता है कि इन उपायों से गुरु दोष कम होता है, भाग्य मजबूत होता है और जीवन में आने वाली बाधाएं धीरे-धीरे दूर होने लगती हैं.

पीली वस्तुओं का करें दान

गुरुवार के दिन पीले रंग की वस्तुओं का दान करना अत्यंत शुभ माना गया है. इस दिन हल्दी, चने की दाल, पीले वस्त्र, केला, आम, केसर या सोने जैसी वस्तुओं का अपनी श्रद्धा के अनुसार दान करें. ऐसा करने से गुरु ग्रह प्रसन्न होते हैं और आर्थिक व पारिवारिक जीवन में शुभ परिणाम मिलने लगते हैं.

भगवान विष्णु को बेसन के लड्डू का भोग लगाएं

गुरुवार के दिन भगवान विष्णु की विधि-विधान से पूजा करें और उन्हें बेसन के लड्डू या पीले रंग की मिठाई का भोग अर्पित करें. इसके बाद प्रसाद परिवार के लोगों में बांटें. मान्यता है कि इससे गुरु ग्रह के अशुभ प्रभाव कम होते हैं और घर में सुख, शांति तथा समृद्धि का वास होता है.

पीले रंग का अधिक प्रयोग करें

इस दिन पीले रंग के वस्त्र पहनना शुभ माना गया है. यदि संभव हो तो भोजन में भी पीले रंग की चीजें जैसे चने की दाल, बेसन से बने व्यंजन, केला, आम या केसरयुक्त भोजन शामिल करें. कई लोग गुरुवार का व्रत रखकर बिना नमक का भोजन भी ग्रहण करते हैं. इससे गुरु ग्रह को बल मिलता है.

केले के वृक्ष की पूजा करें

गुरुवार की शाम केले के वृक्ष के नीचे घी का दीपक जलाएं और हल्दी मिश्रित जल अर्पित करें. यदि संभव हो तो वृक्ष की परिक्रमा कर भगवान विष्णु का स्मरण करें. धार्मिक मान्यता है कि इससे गुरु ग्रह के दोष कम होते हैं और वैवाहिक व पारिवारिक जीवन में सुख-शांति बनी रहती है.

गुरु मंत्र का करें जप

गुरुवार के दिन स्नान और पूजा के बाद कम से कम 108 बार गुरु बीज मंत्र "ॐ बृं बृहस्पतये नमः" का जप करें. नियमित रूप से गुरु के मंत्र का जाप करने से मानसिक शांति मिलती है, आत्मविश्वास बढ़ता है और गुरु ग्रह की शुभता में वृद्धि होती है.

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