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Shubh Laabh: नवग्रह अंगूठी बदल सकती है किस्मत या बढ़ा सकती है मुश्किलें? पहनने से पहले जानें पूरा नियम

हर रत्न या ज्योतिषीय अंगूठी सभी लोगों के लिए शुभ नहीं मानी जाती और नवग्रह अंगूठी भी इसका अपवाद नहीं है. मान्यता है कि कुछ लोगों को इसे बिना कुंडली की जांच और विशेषज्ञ की सलाह के बिल्कुल नहीं पहनना चाहिए.

navgrah ring
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किसे नहीं पहननी चाहिए नवग्रह अंगूठी

( Image Source:  chatgpt )
हेमा पंत
Edited By: हेमा पंत4 Mins Read

Updated on: 8 July 2026 2:02 PM IST

Shubh Laabh: नवग्रह अंगूठी को ज्योतिष में खास महत्व दिया जाता है. मान्यता है कि इस अंगूठी में सूर्य, चंद्र, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र, शनि, राहु और केतु से जुड़े रत्न एक साथ जड़े होते हैं. कई लोग इसे ग्रहों के शुभ प्रभाव को बढ़ाने और जीवन में संतुलन बनाए रखने के मकसद से धारण करते हैं. हालांकि, यह अंगूठी हर किसी के लिए उपयुक्त मानी जाए, ऐसा जरूरी नहीं है.

ज्योतिष के अनुसार, नवग्रह अंगूठी पहनने से पहले अपनी कुंडली की जांच कराना और विशेषज्ञ की सलाह लेना जरूरी माना जाता है. गलत तरीके से या बिना सलाह के इसे पहनने पर अपेक्षित लाभ नहीं मिलने की मान्यता है. आइए जानते हैं नवग्रह अंगूठी क्या होती है, इसे किसे पहनना चाहिए, किन लोगों को इससे बचना चाहिए और इसे धारण करने के क्या नियम बताए गए हैं.

क्या होती है नवग्रह अंगूठी?

नवग्रह अंगूठी ऐसी अंगूठी होती है, जिसमें सूर्य, चंद्र, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र, शनि, राहु और केतु से जुड़े नौ रत्न विशेष क्रम में लगाए जाते हैं. अलग-अलग परंपराओं में रत्नों का क्रम थोड़ा अलग हो सकता है. ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार, यह अंगूठी नौ ग्रहों के सामूहिक प्रभाव का प्रतीक मानी जाती है और इसे संतुलन तथा सकारात्मक ऊर्जा के लिए धारण किया जाता है.

किसके लिए अच्छी मानी जाती है?

ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, जिन लोगों की कुंडली में एक से अधिक ग्रह कमजोर हों या ग्रहों के कारण बार-बार रुकावटें महसूस होती हों, उन्हें विशेषज्ञ की सलाह के बाद नवग्रह अंगूठी पहनने की सलाह दी जा सकती है. कुछ लोग इसे मानसिक शांति, आत्मविश्वास और जीवन में संतुलन बनाए रखने के मकसद से भी धारण करते हैं. हालांकि, हर व्यक्ति की कुंडली अलग होती है, इसलिए इसका प्रभाव भी अलग-अलग माना जाता है.

पहनने से पहले किन बातों का रखें ध्यान?

नवग्रह अंगूठी धारण करने से पहले किसी योग्य ज्योतिषी से अपनी जन्म कुंडली का विश्लेषण कराना उचित माना जाता है. अंगूठी में लगे रत्न असली और अच्छी गुणवत्ता के होने चाहिए. इसे धारण करने का दिन, समय और विधि भी कई लोग ज्योतिषीय नियमों के अनुसार तय करते हैं. बिना सलाह के केवल फैशन या दूसरों को देखकर इसे पहनना उचित नहीं माना जाता.

किन लोगों को नहीं पहननी चाहिए?

ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, यदि किसी व्यक्ति की कुंडली में कुछ ग्रह पहले से ही बहुत मजबूत स्थिति में हों, तो बिना सलाह के नवग्रह अंगूठी पहनना उपयुक्त नहीं माना जाता. इसी तरह, जो लोग पहले से अलग-अलग ग्रहों के रत्न धारण कर रहे हैं, उन्हें भी नई अंगूठी पहनने से पहले विशेषज्ञ से सलाह लेनी चाहिए. गलत रत्न या गलत संयोजन धारण करने से अपेक्षित लाभ नहीं मिल सकता.

क्या रखें याद?

नवग्रह अंगूठी को ज्योतिष में एक महत्वपूर्ण उपाय माना जाता है, लेकिन इसे कोई चमत्कारी समाधान नहीं माना जाता. पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार, ग्रहों से जुड़े उपाय तभी अधिक सार्थक माने जाते हैं, जब उनके साथ अच्छे कर्म, अनुशासित जीवन और सकारात्मक सोच भी जुड़ी हो. इसलिए यदि आप नवग्रह अंगूठी धारण करने का विचार कर रहे हैं, तो पहले सही सलाह लें और उसके बाद ही निर्णय करें.

नोट: यह जानकारी सामान्य मान्यताओं पर आधारित है. स्टेट मिरर हिंदी इसकी पूर्ण सत्यता या प्रमाणिकता का दावा नहीं करता है. किसी भी उपाय या जानकारी को अपनाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें.

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