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साल 2032 तक रहेगा इस राशि पर शनि की साढ़ेसाती का साया, जानिए अशुभ प्रभाव से बचने के उपाय

ज्योतिष शास्त्र में शनि की साढ़ेसाती को जीवन की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक माना जाता है. यह दौर व्यक्ति के कर्म, धैर्य और आत्मबल की कड़ी परीक्षा लेता है. जिस राशि पर शनि की साढ़ेसाती चलती है, वहां मानसिक तनाव, आर्थिक उतार-चढ़ाव, स्वास्थ्य से जुड़ी परेशानियां और कामकाज में रुकावटें देखने को मिल सकती हैं। कहा जा रहा है कि एक खास राशि पर शनि का यह प्रभाव साल 2032 तक बना रहेगा. ऐसे में सवाल उठता है कि इस अशुभ समय से खुद को कैसे सुरक्षित रखा जाए और किन उपायों से शनि के दुष्प्रभाव को कम किया जा सकता है.

साल 2032 तक रहेगा इस राशि पर शनि की साढ़ेसाती का साया, जानिए अशुभ प्रभाव से बचने के उपाय
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( Image Source:  AI SORA )
State Mirror Astro
By: State Mirror Astro

Updated on: 4 Jan 2026 6:30 AM IST

नए साल का आगाज हो चुका है. ज्योतिष शास्त्र में हर वर्ष की वार्षिक भविष्यवाणी का खास महत्व होता है. साल भर में होने वाली ज्योतिषीय घटनाओं के आधार पर भविष्यवाणी की जाती है. आज हम आपको साल 2026 में शनि के गोचर के कारण मेष राशि वालों के ऊपर लगी साढ़ेसाती के प्रभावों के बारे में विस्तार से बताएंगे. इस वर्ष शनि मीन राशि में ही पूरे वर्ष रहेंगे. मेष राशि के जातकों के लिए शनि साढ़ेसाती की शुरुआत 29 मार्च 2025 से हो गई थी जो अब तक जारी है.

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नए साल 2026 में भी मेष राशि पर साढ़ेसाती का प्रभाव रहेगा. शनि के मीन राशि में गोचर करने से मेष राशि के जातकों के लिए शनि 12वें भाव में है जिससे साढ़ेसाती का पहला चरण जारी है. मेष राशि पर साढ़ेसाती का प्रभाव साल 2032 तक रहेगा. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार साढ़ेसाती का पहला चरण जिस किसी के ऊपर होता है उसकी आर्थिक स्थिति पर सीधा प्रभाव पड़ता है. इससे जातकों के जीवन में धन संबंधी परेशानियां रहती हैं. कार्य में विलंब और मानसिक कष्ट बढ़ते हैं. ज्योतिष में शनि के साढ़ेसाती के प्रभाव को कम करने के लिए कुछ उपाय बताए जाते हैं. आइए जानते हैं कुछ कारगर और अचूक उपाय.

शनिदोष से मुक्ति पाने के उपाय

  • शनि दोषों से मुक्ति पाने के लिए भगवान शनि की आराधना और सरसों का तेल अर्पित करना सबसे कारगर उपाय माना जाता है. शनिवार के दिन सुबह एक कटोरी में सरसों का तेल लें और उसमें अपना चेहरा देखें, फिर इस तेल को शनि मंदिर जाकर शनिदेव को अर्पित करें इससे कष्टों में कमी आती है.
  • शनिदोष और साढ़ेसाती के प्रभावों को कम करने के लिए हनुमान चालीसा का पाठ करना बहुत ही कारगर उपाय होता है. एक कथा के अनुसार, शनिदेव ने हनुमानजी को वचन दिया था वो कभी भी हनुमान भक्तों को कष्ट नहीं देंगे. ऐसे में प्रतिदिन हनुमान चालीसा का पाठ करें. विशेष रूप से मंगलवार और शनिवार के दिन चमेली का तेल और सिंदूर अर्पित करें. इसके अलावा गुड़ और मसूर की दाल को अर्पित करें.
  • पीपल के पेड़ में सभी देवी-देवताओं का वास होता है. हिंदू धर्म में पीपल के वृक्ष को बहुत ही पवित्र माना जाता है. ऐसे में शनिवार के दिन पीपल के पेड़ के नीचे सरसों का दीपक जलाएं. इससे शनि संबंधी दोष में कमी आएगी.
  • कौवे को रोटी खिलाने से शनि संबंधी दोष खत्म होते हैं. शनिदेव का वाहन कौवा होता है.
  • शनि दोषों से मुक्ति पाने के लिए गरीबों ,असहायों और जरूरमंद को धन का दान करें और उनको भोजन करवाएं.
धर्म
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