क्या आपके भी कान में सुनाई देती है दिल की धड़कन? तो हो जाएं सावधान! ये हो सकती है वजह
क्या आपके भी कान में दिल की धड़कन की आवाज आती है? तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. यह एक तरह की बॉडी के फंक्शन का तरीका है, जिसे टिनिटस कहा जाता है.
कभी-कभी शांति में बैठने पर या रात को सोते समय कुछ लोगों को अपने कानों में धक-धक की आवाज सुनाई देती है, मानो दिल की धड़कन सीधे कान के अंदर गूंज रही हो. बहुत लोग इसे सामान्य ‘कान बजना’ समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन यह एक कंडीशन का साइन हो सकता है.
इसे पल्सेटाइल टिनिटस कहा जाता है. यह साधारण टिनिटस से अलग होता है और शरीर के भीतर हो रहे ब्लड फ्लो से जुड़ा होता है. चलिए जानते हैं आखिर क्या है ये बीमारी?
टिनिटस क्या होता है?
टिनिटस वह कंडीशन है, जब बिना किसी बाहरी आवाज के कानों में घंटी, भनभनाहट या सीटी जैसी आवाज सुनाई देती है. यह एक या दोनों कानों में हो सकता है. नॉर्मल टिनिटस में यह आवाज लगातार या बीच-बीच में आती रहती है और अक्सर किसी साफ फिजिकल सोर्स से जुड़ी नहीं होती.
पल्सेटाइल टिनिटस कैसे अलग है?
पल्सेटाइल टिनिटस में आवाज दिल की धड़कन के साथ तालमेल में होती है. इसे ‘रिदमिक साउंड’ कहा जाता है क्योंकि इसकी गति हार्टबीट जितनी ही होती है. कई बार डॉक्टर स्टेथोस्कोप से भी इस आवाज को सुन सकते हैं, इसलिए इसे ऑब्जेक्टिव टिनिटस की कैटेगरी में रखा जाता है. इसका मतलब है कि यह कोई काल्पनिक साउंड नहीं, बल्कि ब्लड के फ्लो से निकली असली आवाज होती है.
किन लक्षणों से पहचानें?
इस स्थिति में व्यक्ति को कान के अंदर ‘हूश-हूश’, ‘स्विशिंग’, ‘पंपिंग’ या ‘रशिंग’ जैसी आवाज महसूस हो सकती है. यह आवाज अक्सर शांत माहौल में या लेटने पर ज्यादा साफ सुनाई देती है. कई लोगों को यह परेशानी रात में नींद आने के समय ज्यादा खलती है. अगर अपनी नाड़ी (पल्स) देखें और आवाज की गति उससे मेल खाए, तो यह पल्सेटाइल टिनिटस का साइन हो सकता है.
इसके पीछे क्या कारण हो सकते हैं?
पल्सेटाइल टिनिटस आमतौर पर कान के पास की ब्लड वेसेल में बदलाव या ब्लड फ्लो में गड़बड़ी के कारण होता है. गर्दन और सिर के पास मौजूद बड़ी धमनियां और नसें, या कान के आसपास की छोटी रक्त वाहिकाएं इसमें शामिल हो सकती हैं. हाई ब्लड प्रेशर, एथेरोस्क्लेरोसिस (धमनियों में प्लाक जमना), कैरोटिड आर्टरी से जुड़ी समस्याएं, या सिर-गर्दन के कुछ ट्यूमर भी इसके कारण बन सकते हैं. इन कंडीशन में रक्त का बहाव असामान्य हो जाता है, जिससे धड़कन जैसी आवाज सुनाई देती है.
क्या इसका कनेक्शन इंफेक्शन या वैक्सीन से भी है?
Neurosurgeonsofnewjersey के मुताबिक, कुछ शोधों में यह संकेत मिला है कि कोविड-19 संक्रमण या वैक्सीन के बाद भी कुछ लोगों में टिनिटस जैसे लक्षण उभरे हैं. हालांकि यह बहुत रेयर है, लेकिन शरीर में ब्लड फ्लो या नसों की सेंसिटिविटी में बदलाव इसकी वजह हो सकते हैं.
इलाज के क्या हैं ऑप्शन?
पल्सेटाइल टिनिटस में सबसे पहले इसे पहचानना जरूरी है. इसके लिए डॉक्टर ब्लड प्रेशर, धमनियों की स्थिति, और जरूरत पड़ने पर स्कैनिंग के जरिए जांच करते हैं. कारण के अनुसार दवा, लाइफस्टाइल में बदलाव या सर्जिकल ट्रीटमेंट भी सुझाया जा सकता है.
कब डॉक्टर से मिलें?
अगर कान में धड़कन जैसी आवाज लगातार सुनाई दे, नींद पर असर होता है, या सिर-गर्दन में असामान्य लक्षण महसूस हों, तो तुरंत ईएनटी एक्सपर्ट से सलाह लेना जरूरी है. इसे नजरअंदाज करना सही नहीं, क्योंकि यह शरीर में चल रही किसी बड़ी समस्या का साइन हो सकता है. पल्सेटाइल टिनिटस भले ही सुनने में अजीब लगे, लेकिन समय रहते पहचान और इलाज से इसे कंट्रोल किया जा सकता है.





