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क्या मशरूम खाने से दिखने लगती हैं ‘उड़ती परियां’? जानें इस जंगली सब्जी के बारे में

क्या आपकी फेवरेट सब्जी मशरूम है, तो यकीनन यह खबर आपको परेशान करेगी, क्योंकि अब मशरूम खाने से उड़ती हुई परियां दिखने लगती हैं!

क्या मशरूम खाने से दिखने लगती हैं ‘उड़ती परियां’? जानें इस जंगली सब्जी के बारे में
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( Image Source:  AI SORA )
हेमा पंत
Edited By: हेमा पंत

Updated on: 5 Feb 2026 12:58 PM IST

कल्पना कीजिए कि खाना खाने के कुछ समय बाद आपको कमरे में नन्हें-नन्हें लोग घूमते दिखने लगें. कोई दीवार पर चढ़ रहा है, कोई दरवाज़े की दरार से अंदर आ रहा है, तो कोई आपके बर्तनों पर बैठा है. सुनने में यह किसी परीकथा जैसा लगता है, लेकिन चीन के युन्नान प्रांत में हर साल ऐसे कई मामले अस्पतालों तक पहुंचते हैं.

इसकी वजह एक खास जंगली मशरूम है, जिसे स्थानीय लोग स्वाद के लिए खाते हैं, लेकिन अगर यह ठीक से न पकाया जाए तो अजीब तरह के भ्रम पैदा कर देता है.

कौन-सा है यह मशरूम?

इस मशरूम का नाम लानमाओआ एशियाटिका है. यह पाइन के पेड़ों वाले जंगलों में पाया जाता है और जून से अगस्त के बीच बाजारों और रेस्टोरेंट्स में बिकता है. स्थानीय व्यंजनों में इसका खास स्थान है, इसलिए लोग इसे बड़े चाव से खाते हैं. स्वादिष्ट होने के बावजूद, इसे खाने का एक सख्त नियम है. इसे पूरी तरह पकाना जरूरी है.

अधपका खाने पर क्या होता है?

अगर यह मशरूम ठीक से पकाया न जाए, तो इसे खाने वाले लोगों को ‘लिलिपुटियन हैलुसिनेशन’ होने लगते हैं. इसका मतलब है कि व्यक्ति को बेहद छोटे इंसान, जानवर या काल्पनिक जीव दिखाई देने लगते हैं. ये भ्रम इतने स्पष्ट होते हैं कि मरीज बताते हैं कि वे छोटे लोग दीवारों, फर्नीचर, कपड़ों और बर्तनों पर चलते-फिरते नजर आते हैं. आंखें बंद करने पर ये दृश्य और साफ दिखते हैं.

रेस्टोरेंट में भी दी जाती है वॉर्निंग

युन्नान के कुछ मशरूम हॉट पॉट रेस्तरां में इसे परोसते समय टाइमर लगाया जाता है और ग्राहकों को सख्त हिदायत दी जाती है कि तय समय से पहले इसे न खाएं. माना जाता है कि समय से पहले खाने पर भ्रम शुरू हो सकते हैं. यह स्थानीय संस्कृति का हिस्सा बन चुका है, जहां लोग इसके स्वाद और जोखिम दोनों से वाकिफ हैं.

वैज्ञानिक क्या खोज रहे हैं?

इस मशरूम को लेकर वैज्ञानिकों में भी उत्सुकता है. शोधकर्ता यह जानने की कोशिश कर रहे हैं कि इसमें कौन-सा रसायन मौजूद है, जो दिमाग पर ऐसा असर डालता है. उनका मानना है कि इसके अध्ययन से मानव मस्तिष्क की कार्यप्रणाली को समझने में मदद मिल सकती है.

क्यों है यह रहस्य बना हुआ?

युन्नान और आसपास के कुछ इलाकों को छोड़ दें, तो दुनिया के ज्यादातर हिस्सों में यह मशरूम और उससे जुड़ी घटनाएं लगभग अनजानी हैं. कई संस्थाएं और शोधकर्ता इसे खोजने और समझने की कोशिश कर चुके हैं, लेकिन अब भी इसके प्रभाव पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो पाए हैं. यह मशरूम स्वाद और रहस्य का अनोखा मेल है, जो सही तरीके से पकाया जाए तो व्यंजन, और लापरवाही हो तो परीकथा जैसे भ्रम का कारण बन सकता है.

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