ऊंची दीवारें- कड़ी निगरानी, वजन कम करने के लिए लोग खुद जाते हैं इस ‘जेल’ में
मोटापे से परेशान लोग अब जिम और डाइट से आगे बढ़कर अलग ऑप्शन चुन रहे हैं. चीन में ऐसे वेट लॉस बूट कैंप चल रहे हैं, जिन्हें लोग ‘फैट प्रिजन’ कहते हैं, जहां ऊंची दीवारों, कड़ी निगरानी और हार्ड रूटीन के बीच लोग अपनी मर्जी से वजन घटाने के लिए रहते हैं.
china fat prison
जिम, डाइट प्लान और योग से जब लोगों को मनचाहा नतीजा नहीं मिलता, तो वे कुछ अलग और सख्त रास्ते तलाशने लगते हैं. इसी तलाश ने चीन में एक अनोखे कॉन्सेप्ट को जन्म दिया है, जिसे लोग मजाक में नहीं बल्कि गंभीरता से ‘फैट प्रिजन’ कहने लगे हैं. जहां लोग अपनी मर्जी से वजन घटाने के लिए ‘जेल’ जैसे माहौल में रहते हैं.
ऊंची कंक्रीट की दीवारें, कंटीले तार, बंद गेट और हर समय निगरानी… यह किसी सजा की जगह नहीं, बल्कि वेट लॉस बूट कैंप है. चलिए जानते हैं आखिर क्या है चीन का फैट प्रिजन? कितनी है फीस और क्या है डाइट प्लान.
क्या है ‘फैट प्रिजन’?
‘फैट प्रिजन’ असल में ऐसे फिटनेस कैंप हैं, जो मिलिट्री डिसिप्लिन की तरह ऑपरेट होते हैं. यहां ऊंची कंक्रीट की दीवारें, कंटीले तार, बंद गेट और कड़ी निगरानी होती है ताकि कोई पार्टिसिपेंट बाहर न जा सके या छिपकर खाना न खा सके. इन कैंप्स का मकसद लोगों को पूरी तरह कंट्रोल माहौल में रखना है, जहां उनका ध्यान सिर्फ वजन घटाने पर फोकस रहे.
कितनी है फीस?
इन बूट कैंपों में 14 से 28 दिन का स्पेशल प्रोग्राम होता है. 28 दिन के पैकेज की फीस लगभग 1000 डॉलर यानी करीब 90 हजार रुपये तक होती है. इस फीस में रहने, खाने और ट्रेनिंग की पूरी अरेंजमेंट शामिल होती है. पार्टिसिपेंट को शेयर डॉर्मिटरी में रहना पड़ता है, जहां एक कमरे में 4 से 5 लोग साथ रहते हैं.
कैसा होती है यहां की डाइट?
यहां का डाइट प्लान सख्ती से तय होता है. सुबह का नाश्ता हल्का लेकिन पोषण से भरपूर होता है, जिसमें टमाटर, खीरा और चार उबले अंडे दिए जाते हैं. दोपहर का खाना दिन का सबसे भरपूर भोजन माना जाता है. इसमें रोस्टेड डक, कमल ककड़ी (लोटस रूट), तली हुई सब्जियां और मिठास के लिए एक केला शामिल होता है. खाने की मात्रा और समय पूरी तरह कंट्रोल रहता है.
कैसे होता है वजन कम?
पार्टिसिपेंट को रोजाना घंटों तक एक्सरसाइज, रनिंग, ड्रिल और फिजिकल ट्रेनिंग कराई जाती है. मोबाइल फोन, बाहर का खाना और आराम की आदतों पर रोक होती है. यहां की हार्ड रूटीन लोगों को डिसिप्लिन में लाता है, जिससे तेजी से वजन कम करने में मदद मिलती है.
क्यों बढ़ रही है इन कैंपस की पॉपुलैरिटी?
जो लोग बार-बार डाइट और जिम के जरिए वजन नहीं घटा पाते हैं, उनके लिए यह कैंप आखिरी उम्मीद बनकर उभर रहे हैं. नियंत्रित माहौल, तय डाइट और मिलिट्री जैसा रूटीन उन्हें अपने गोल पर फोकस रखने में मदद करती है. चीन का यह ‘फैट प्रिजन’ मॉडल दिखाता है कि मोटापे जैसी गंभीर समस्या से निपटने के लिए लोग अब कितने कठोर कदम उठाने को तैयार हैं.





