Ramadan 2026: सहरी- इफ्तार में न करें ये गलतियां, वरना तबियत हो सकती है खराब
रमजान का महीना इबादत, सब्र और आत्मअनुशासन का समय होता है. इस दौरान मुसलमान सूर्योदय से सूर्यास्त तक रोज़ा रखते हैं. लंबे समय तक भूखे-प्यासे रहने के कारण शरीर में ऊर्जा की कमी हो सकती है.
Ramadan 2026 में रोज़ा रखने वाले लोगों के लिए सेहत का खास ध्यान रखना बेहद जरूरी है. सहरी और इफ्तार के दौरान की गई छोटी-छोटी गलतियां पूरे दिन की तबियत बिगाड़ सकती हैं. लंबे समय तक भूखे-प्यासे रहने के बाद अगर डाइट बैलेंस न हो, तो कमजोरी, एसिडिटी और डिहाइड्रेशन जैसी समस्याएं हो सकती हैं.
अक्सर लोग सहरी छोड़ देते हैं या इफ्तार में जरूरत से ज्यादा तला-भुना खा लेते हैं, जो सेहत पर भारी पड़ सकता है. इसलिए जरूरी है कि रमजान के इस पवित्र महीने में सही खानपान और रूटीन अपनाई जाए, ताकि इबादत के साथ-साथ हेल्थ भी बेहतर बना रहे.
सहरी क्यों नहीं छोड़नी चाहिए?
कई लोग नींद के कारण सहरी (सुबह का खाना) छोड़ देते हैं या बहुत कम खाते हैं. यह सबसे बड़ी गलती है. सहरी दिनभर की एनर्जी का मुख्य सोर्स होती है. इसमें प्रोटीन, फाइबर और पानी से भरपूर चीजें शामिल करें, जैसे दही, अंडा, दलिया, फल और पर्याप्त पानी. सिर्फ चाय या मीठा खाकर रोज़ा रखना शरीर को कमजोर कर सकता है.
इफ्तार में ज्यादा तले-भुने खाने से क्यों परहेज करें?
पूरा दिन भूखे रहने के बाद अक्सर लोग इफ्तार में जरूरत से ज्यादा तला-भुना या मसालेदार खाना खा लेते हैं. इससे एसिडिटी, गैस और अपच की समस्या हो सकती है. इफ्तार की शुरुआत खजूर और पानी से करें, फिर हल्का और संतुलित भोजन लें. सब्जियां, दाल और सलाद को भी प्लेट में शामिल करें.
क्यों रोज़े में नींद पूरी करना है जरूरी?
रमजान में देर रात तक जागना और सुबह जल्दी उठना आम बात है. लेकिन नींद पूरी न होने से थकान और चिड़चिड़ापन बढ़ सकता है. दिन में थोड़ा आराम करें और अपनी नींद का संतुलन बनाए रखें.
क्यों इस दौरान हैवी एक्सरसाइज नहीं करनी चाहिए?
खाली पेट भारी व्यायाम या ज्यादा मेहनत वाला काम करने से कमजोरी और चक्कर आ सकते हैं. रोज़े के दौरान हल्की गतिविधि करें और शरीर की क्षमता के अनुसार काम करें. रमजान में सेहत का ध्यान रखना भी उतना ही जरूरी है जितना इबादत करना. संतुलित आहार, पर्याप्त पानी और सही दिनचर्या अपनाकर आप इस पवित्र महीने को स्वस्थ और खुशहाल तरीके से पूरा कर सकते हैं.





