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भगवान गणेश को प्रसन्न करने के लिए दूर्वा के अलावा अर्पित करें ये चीजें, दूर होंगी बाधाएं

भगवान गणेश को दूर्वा अर्पित करना शुभ माना जाता है, लेकिन इसके अलावा भी कुछ ऐसी वस्तुएं हैं जिन्हें चढ़ाने से गणपति की कृपा मिलती है. मान्यता है कि इन चीजों के साथ पूजा करने से जीवन की बाधाएं दूर होती हैं और शुभ फल प्राप्त होते हैं.

lord ganesh
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( Image Source:  AI SORA )
State Mirror Astro
By: State Mirror Astro

Updated on: 5 Feb 2026 6:30 AM IST

हिंदू धर्म में भगवान गणेश को विघ्नहर्ता, बुद्धि के दाता और मंगल कार्यों के अधिपति के रूप में पूजा जाता है. किसी भी शुभ कार्य से पूर्व गणपति स्मरण का विधान शास्त्रों में वर्णित है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सप्ताह का प्रत्येक दिन किसी न किसी देवता से जुड़ा है और बुधवार का दिन भगवान गणेश को समर्पित माना गया है.

मान्यता है कि इस दिन विशेष रूप से दूर्वा, पीले पुष्प, लड्डू और सिंदूर अर्पित करने से गणेश जी शीघ्र प्रसन्न होते हैं. चलिए जानते हैं भगवान गणेश को प्रसन्न करने के तरीके.

बुधवार और भगवान गणेश का पौराणिक संबंध

ज्योतिष एवं पुराणों के अनुसार भगवान गणेश का संबंध बुध ग्रह से माना गया है. बुध ग्रह बुद्धि, वाणी, तर्कशक्ति, लेखन, व्यापार और गणना का कारक है. भगवान गणेश स्वयं विवेक, ज्ञान और स्मरण शक्ति के प्रतीक हैं. इसी कारण बुधवार के दिन उनकी आराधना करने से बुद्धि प्रखर होती है, निर्णय क्षमता बढ़ती है और जीवन में सकारात्मक सोच का विकास होता है,ऐसा धार्मिक विश्वास है.

दूर्वा का विशेष महत्व

भगवान गणेश को दूर्वा अत्यंत प्रिय है. गणेश पुराण एवं अन्य पौराणिक ग्रंथों में दूर्वा को गणपति की प्रिय अर्पण सामग्री बताया गया है. एक पौराणिक कथा के अनुसार अनलासुर के वध के बाद भगवान गणेश के शरीर की तीव्र ऊष्मा को दूर्वा ने शांत किया था. तभी से दूर्वा को शीतलता, शांति और संतुलन का प्रतीक माना गया.मान्यता है कि दूर्वा अर्पण से मानसिक अशांति दूर होती है और मन एकाग्र रहता है. विशेषकर विद्यार्थियों के लिए इसे अत्यंत लाभकारी माना गया है.

पीले पुष्पों की धार्मिक मान्यता

पीला रंग ज्ञान, समृद्धि और शुभ ऊर्जा का प्रतीक है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पीले पुष्प भगवान गणेश को अत्यंत प्रिय हैं. पीले फूल अर्पित करने से बुध ग्रह की अनुकूलता बढ़ती है और जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आते हैं. शास्त्रों में पीले रंग को सात्त्विक गुणों से युक्त माना गया है, इसलिए इसे गणेश पूजा में विशेष स्थान प्राप्त है.

लड्डू और मोदक

भगवान गणेश को मोदक और लड्डू प्रिय होने के कारण उन्हें “मोदकप्रिय” भी कहा जाता है. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार लड्डू आनंद, तृप्ति और शुभ फल का प्रतीक है. गणेश जी को लड्डू अर्पित करने से जीवन में मधुरता आती है और आर्थिक परेशानियाँ दूर होती हैं. यह भी मान्यता है कि लड्डू भोग से पारिवारिक सुख और ऐश्वर्य में वृद्धि होती है.

सिंदूर अर्पण करना

सिंदूर शक्ति, विजय और सौभाग्य का प्रतीक माना गया है. धार्मिक ग्रंथों के अनुसार भगवान गणेश को सिंदूर अर्पित करने से वे शीघ्र प्रसन्न होते हैं. मान्यता है कि सिंदूर अर्पण से भक्तों के विघ्न दूर होते हैं और कार्यों में सफलता प्राप्त होती है. विशेष रूप से बुध से संबंधित समस्याओंजैसे वाणी दोष, निर्णय में भ्रम या व्यापारिक अड़चन में यह उपाय प्रभावी माना गया है.

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