भारत में गेमिंग एडिक्शन से हो चुकी हैं इतनी मौतें? इन टास्क बेस्ड Games से कर लें अपने बच्चों को दूर
कोरियन गेम्स की लत ने अब तक कितने बच्चों की जान ली है? यह सवाल बहुत गंभीर है, खासकर हाल ही में गाजियाबाद में तीन सगी बहनों (12, 14 और 16 साल) की मौत के बाद. 4 फरवरी 2026 को यह घटना हुई, जहां तीनों बहनों ने 9वीं मंजिल से छलांग लगाकर सुसाइड कर लिया। पुलिस जांच में सामने आया कि वे 'कोरियन लवर गेम' 'नाम के टास्क-बेस्ड ऑनलाइन गेम की लत में फंस गई थीं. यह गेम कोरियन कल्चर से इंस्पायर्ड है, जिसमें 50 टास्क होते हैं, और कुछ टास्क बहुत खतरनाक या इमोशनल हो सकते हैं. बच्चे खुद को कोरियन समझने लगे थे, और पैरेंट्स द्वारा मोबाइल छीनने या डांटने पर वे इतने परेशान हो गए कि उन्होंने यह कदम उठाया.
सुसाइड नोट में लिखा था, 'Sorry Papa, Korean is our life... हम बहुत अकेले हैं... हमें इससे अलग मत करो, वरना हम अपनी जान दे देंगे.' यह मामला सिर्फ एक नहीं है. भारत में ऑनलाइन गेमिंग की लत (खासकर मोबाइल गेम्स जैसे Free Fire, BGMI/PUBG, और अब कोरियन टास्क गेम्स) से कई मौतें हो चुकी हैं. लेकिन 'कोरियन गेम्स' से सीधे जुड़ी मौतें कम हैं, ज्यादातर केस इंडियन या इंटरनेशनल गेम्स से हैं.
कोरिया में गेमिंग एडिक्शन की स्थिति
साउथ कोरिया दुनिया का सबसे ज्यादा गेमिंग वाला देश है. वहां इंटरनेट और गेमिंग बहुत तेजी से फैला, लेकिन साथ ही एडिक्शन भी बड़ा समस्या बन गया. सरकारी रिपोर्ट्स और स्टडीज से पता चलता है: 2000s में कई हाई-प्रोफाइल केस आए, जहां लोग गेम खेलते-खेलते मर गए.
- Time Magazine रिपोर्ट के मुताबिक, 2005 में 10 मौतें गेमिंग से जुड़ी बताई गईं.
- CNN, Guardian रिपोर्ट्स के मुताबिक, 2010 में एक कपल ने ऑनलाइन गेम (Prius Online) खेलते हुए अपनी 3 महीने की बेबी को भूखा मार दिया, क्योंकि वे वर्चुअल बच्चे की केयर में लगे थे. दोनों को नेग्लिजेंट हॉमिसाइड का दोषी ठहराया गया.
- एक 28 साल के आदमी ने StarCraft 50 घंटे लगातार खेला और हार्ट अटैक से मर गया.
- PMC स्टडी के मुताबिक, 2002-2021 तक गेम खेलते हुए अचानक मौत के 23 केस रिपोर्ट हुए, ज्यादातर नॉन-वायलेंट
- वाईस, रायटर्स के मुताबिक, 10 से 19 के साल बच्चों में इंटरनेट एडिक्शन 10-12% तक पहुंचा, और गेमिंग 90% केस में मुख्य कारण
- सरकार ने 'Cinderella Law' बनाई, जिसमें 16 साल से कम बच्चों को रात 12 से 6 बजे तक गेम खेलने पर रोक लगाई गई. कई ट्रीटमेंट सेंटर्स खुले, जहां 25% एडिक्टेड बच्चों को हॉस्पिटलाइज किया जाता है.
- भारत में कोरियन गेम्स और गेमिंग से मौतें
भारत में अब तक कितने केस
भारत में कोरियन वेव (K-pop, K-dramas) के साथ कोरियन-इंस्पायर्ड गेम्स भी पॉपुलर हुए, खासकर कोरोना में. लेकिन मौतें ज्यादातर अन्य गेम्स से हुई है. गाजियाबाद केस में तीन बहनें (निशिका 16, प्राची 14, पाखी 12) कोरोना से 5 साल से 'Korean Love Game' खेल रही थीं. टास्क-बेस्ड, जहां टास्क पूरे करने पर रिवार्ड्स, लेकिन कुछ टास्क इमोशनल या रिस्की थे. पैरेंट्स ने मोबाइल रेस्ट्रिक्ट किया, तो सुसाइड. दीवारों पर कोरियन स्क्रिप्ट और 'Korea is our life' लिखा था. यह पहला बड़ा केस है जहां कोरियन गेम से सीधे तीन बच्चों की मौत.
Free Fire, PUBG/BGMI से ज्यादा मौतें
- दैनिक भास्कर के मुताबिक, 2019 में PUBG की वजह से एक 19 साल के लड़के ने सुसाइड कर लिया. वह लड़का काफी समय से अपने घर में 37,000 का फोन मांग रहा था जिसमें वह PUBG खेलना चाहता था.
- आज तक के मुताबिक, 2025 में लखनऊ में 13 साल का लड़का Free Fire खेलते-खेलते मर गया एक्सपर्ट्स ने एडिक्शन बताया.
- न्यूज 18 के मुताबिक, इंदौर में 13 साल का बच्चा गेम में पैसे हारने के बाद सुसाइड कर लिया
- बीते 3 फरवरी को भोपाल के पिपलानी थाना क्षेत्र में एक बेहद दुखद और दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है. यहां 14 साल के एक छात्र अंश साहू ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली. अमर उजाला के मुताबिक, जांच में पता अंश ऑनलाइन गेम ब्लू वेल खेलता था और टास्क पूरा नहीं कर पाया था.
कुल भारत में गेमिंग एडिक्शन से कई मौतें दर्ज की गई है. पिछले 5-10 सालों में ज्यादातर सुसाइड (पेरेंट्स की गेमिंग के प्रति रोक, लॉस, डिप्रेशन की वजह आत्महत्या जैसा कदम उठाया है. अब गाजियाबाद केस ने अलार्म बजा दिया है कि अगर आपका गेमिंग एडिक्शन में फंस चुका है तो उसे फौरन उससे दूर कर लें.
क्यों होती हैं ऐसी मौतें?
- मुख्य कारण गेमिंग एडिक्शन (Internet Gaming Disorder - IGD) WHO ने 2018 में बीमारी माना. जिसके साइडइफ़ेक्ट है-
- दिन-रात खेलना, स्कूल/खाना छोड़ना, इरिटेशन अगर रोका जाए, डिप्रेशन।कोरोना में बच्चों का स्क्रीन टाइम बढ़ा, अकेलापन बढ़ा.
- टास्क-बेस्ड गेम्स (Blue Whale जैसा) में प्रेशर: टास्क फेल होने पर गिल्ट या डर
- कोरियन गेम्स में कल्चरल इमोशंस (लव, फैंटेसी) बच्चे रियल लाइफ से कनेक्ट कर लेते हैं
- पैरेंट्स की अनदेखी या ज्यादा सख्ती दोनों खतरनाक
क्या करें? रोकथाम के उपाय
- पैरेंट्स मोबाइल यूज मॉनिटर करें, लेकिन प्यार से बात करें
- स्कूल में अवेयरनेस, सरकार को सख्त रेगुलेशन (एज रेस्ट्रिक्शन, टाइम लिमिट)
- बच्चे अगर डिप्रेस्ड लगें, काउंसलिंग लें
- गेम कंपनियां टास्क को सेफ रखें, वार्निंग दें
यह दीवानगी जानलेवा बन सकती है. गेम एंटरटेनमेंट है, लेकिन बैलेंस जरूरी. गाजियाबाद केस ने दिखाया कि कोरियन कल्चर की दीवानगी कितनी गहरी हो सकती है. पैरेंट्स, टीचर्स, सोसाइटी सबको अलर्ट रहना होगा. बच्चों की मेंटल हेल्थ पहले.





