Mother’s Day 2026: क्यों मनाया जाता है मदर्स डे, कब हुई थी शुरुआत, कितना जानते है आप इतिहास?
मदर्स डे सिर्फ कोई जश्न का दिन नहीं है, बल्कि इसको सेलिब्रेट करने का उद्देश्य उन माताओं को याद करना है जिन्होंने अपने परिवार और बच्चों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए अनगिनत बलिदान दिए हैं.
Mother’s Day 2026
Mother’s Day 2026 : आज हर कोई मदर्स डे मना रहा है. हर साल 10 मई को मदर्स डे मनाया जाता है. इस दिन हर कोई अपनी मां को खुश करने, उनको सरप्राइज देकर सेलिब्रेट करते हैं. सोशल मीडिया पर आज के दिन आपको मां के ऊपर शायरी, कहानी, कोट्स आदि देखने को मिल जाएंगे.
मदर्स डे सिर्फ कोई जश्न का दिन नहीं है, बल्कि इसको सेलिब्रेट करने का उद्देश्य उन माताओं को याद करना है जिन्होंने अपने परिवार और बच्चों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए अनगिनत बलिदान दिए हैं. ज्यादातर लोग नहीं जानते होंगे कि आखिर मदर्स डे के पीछे की कहानी क्या है और क्यों इसको मनाया जाता है? चालिए आज हम आपको मदर्स डे का इतिहास बताते हैं.
किससे जुड़ी है मदर्स डे की शुरुआत?
इस दिन के पीछे की कहानी बेहद प्रेरणादायक है, जो एक मां और बेटी के अटूट रिश्ते और समाज के लिए उनके योगदान को दर्शाती है. मदर्स डे का इतिहास अमेरिकी सामाजिक कार्यकर्ता ऐन मारिया रीव्स जार्विस और उनकी बेटी अन्ना जार्विस से जुड़ा हुआ है. ऐन जार्विस ने अपने जीवन में कई बच्चों को डिप्थीरिया और खसरा जैसी बीमारियों के कारण खो दिया था. इस गहरे दुख ने उन्हें समाज में माताओं और बच्चों के स्वास्थ्य के लिए काम करने के लिए प्रेरित किया.
उन्होंने अपने समुदाय में मदर्स वर्क क्लब का गठन किया, जिसका उद्देश्य महिलाओं और परिवारों को स्वच्छता, स्वास्थ्य और जागरूकता के प्रति शिक्षित करना था. इसी पहल के तहत विशेष मदर्स वर्क डे भी आयोजित किए जाते थे, जहां महिलाएं मिलकर सफाई अभियान चलाती थीं और सार्वजनिक स्वास्थ्य सुधार के लिए काम करती थीं.
कब हुई थी मदर्स डे की शुरुआत?
अमेरिकी गृहयुद्ध के समय ऐन जार्विस ने अपने सामाजिक कार्यों को युद्ध प्रभावित लोगों की मदद की ओर मोड़ दिया. उनके नेतृत्व में महिला समूहों ने घायल और बीमार सैनिकों की सेवा की, चाहे वे कॉन्फेडरेट सेना के हों या यूनियन सेना के. युद्ध समाप्त होने के बाद भी उन्होंने समाज में शांति और एकता कायम करने के प्रयास जारी रखे. साल 1868 में उन्होंने “मातृ मित्रता दिवस” का आयोजन किया, जिसका उद्देश्य युद्ध के दोनों पक्षों से जुड़े परिवारों को एक मंच पर लाना और सामाजिक सौहार्द को मजबूत करना था. उस समय हिंसा और विरोध की आशंकाओं के बावजूद उनका यह प्रयास सफल माना गया.
ऐन जार्विस के निधन के बाद उनकी बेटी अन्ना जार्विस ने अपनी मां की विरासत को आगे बढ़ाया. उन्होंने मई के दूसरे रविवार को नेशनल मदर्स डे घोषित कराने के लिए अभियान चलाया. 10 मई 1908 यह वही दिन था, जिस दिन उनकी मां का निधन हुआ था और तबसे मदर्स डे की शुरुआत हुई.
क्यों खास है मदर्स डे?
मदर्स डे केवल एक औपचारिक दिवस नहीं है, बल्कि यह मां के निस्वार्थ प्रेम, देखभाल और त्याग को याद करने का अवसर है. यह दिन हमें यह एहसास कराता है कि मां का योगदान किसी भी व्यक्ति के जीवन में सबसे महत्वपूर्ण होता है. आज दुनियाभर में लोग अपनी माताओं को उपहार, संदेश और विशेष समय देकर इस दिन को यादगार बनाते हैं. वहीं कई लोग इस अवसर पर अपनी मां के प्रति आभार जताने के लिए सामाजिक और पारिवारिक कार्यक्रमों का आयोजन भी करते हैं।




