Begin typing your search...

हर खाने का स्वाद बढ़ाए उत्तराखंड स्पेशल भांग की चटनी, खाते ही हर कोई पूछेगा रेसिपी

उत्तराखंड की मशहूर भांग की चटनी अपने अनोखे स्वाद और खुशबू के लिए जानी जाती है. भांग के बीज को पीसकर इसमें धनिया-पुदीना लहसुन डालकर बनाई गई यह चटनी का तीखा-नट्टी फ्लेवर इतना लाजवाब होता है कि एक बार चखने के बाद हर कोई इसकी रेसिपी जरूर पूछता है.

हर खाने का स्वाद बढ़ाए उत्तराखंड स्पेशल भांग की चटनी, खाते ही हर कोई पूछेगा रेसिपी
X

कैसे बनाएं भांग की चटनी

हेमा पंत
Edited By: हेमा पंत2 Mins Read

Updated on: 22 May 2026 9:00 AM IST

उत्तराखंड की रसोई अपने सादे लेकिन गहरे स्वाद के लिए जानी जाती है, जहां हर डिश में पहाड़ों की मिट्टी की खुशबू बसती है. यहां क भट्ट की चुड़कानी हो या चैंसू भात, हर डिश में उत्तराखंड का स्वाद है. इन डिशेज़ का असली मज़ा तब और बढ़ जाता है जब साथ में परोसी जाए भांग की चटनी.

चाहे गरम दाल-भात हो या भट्ट की चुड़कानी और चैंसू जैसे भारी पहाड़ी पकवान, इस चटनी का एक चम्मच ही हर डिश को ऐसा बना देता है कि खाने वाला तुरंत इसकी रेसिपी पूछने पर मजबूर हो जाता है.

भांग की चटनी क्या है?

इस चटनी को भांग के बीज से बनाया जाता है, जिन्हें भूनकर और मसालों के साथ पीसा जाता है. ध्यान रहे, इसमें किसी तरह का नशा नहीं होता, बल्कि यह पूरी तरह हेल्दी और स्वाद से भरपूर होती है. सिल-बट्टे पर पीसी गई यह चटनी पुराने पहाड़ी घरों की खुशबू आज भी जिंदा रखती है.

चटनी बनाने के लिए सामान

  • भांग के बीज
  • हरा धनिया
  • पुदीना
  • हरी मिर्च
  • लहसुन
  • जीरा
  • नींबू का रस या आंवला
  • नमक

भांग की चटनी बनाने का क्या है तरीका?

  • सबसे पहले भांग के बीजों को हल्की आंच पर भून लिया जाता है ताकि उनकी खुशबू खुलकर आए.
  • इसके बाद इन्हें ठंडा करके हरा धनिया, पुदीना, हरी मिर्च, लहसुन और जीरे के साथ सिल-बट्टे या मिक्सी में दरदरा पीसा जाता है.
  • आखिर में नींबू का रस और नमक मिलाकर इसका स्वाद और निखारा जाता है. यह चटनी जितनी सरल है, उतनी ही जबरदस्त भी.

सेहत के फायदे

भांग के बीजों में हेल्दी फैट्स, प्रोटीन और फाइबर होता है जो डाइजेशन को बेहतर बनाता है. यह चटनी भूख बढ़ाने में मदद करती है और भारी खाने जैसे भट्ट की चुड़कानी और चैंसू को आसानी से पचाने में मदद करती है. हरा धनिया और पुदीना शरीर को ठंडक देते हैं, जबकि लहसुन इम्युनिटी को मजबूत करता है.

उत्तराखंड का खाना बिना इस चटनी के अधूरा लगता है. जब इसे गरम दाल-भात, भट्ट की चुड़कानी या चैंसू के साथ खाया जाता है, तो स्वाद कई गुना बढ़ जाता है. यह सिर्फ एक चटनी नहीं, बल्कि पहाड़ों की मिट्टी से जुड़ा हुआ एक भावनात्मक स्वाद है जो हर बार यादों में बस जाता है.

अगला लेख