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सालों से कर रहे नौकरी पर ग्रोथ जीरो, Gen Z के ये 10 करियर हैक्स से मिल सकती है सिक्स-फिगर से ज्यादा सैलरी

सालों से एक ही नौकरी में अटके हैं और सैलरी में खास बढ़ोतरी नहीं हो रही? अगर ग्रोथ जीरो लग रही है, तो शायद काम नहीं, तरीका बदलने की जरूरत है. Gen Z के ये स्मार्ट करियर हैक्स आपकी इनकम को नई ऊंचाई दे सकते हैं.

सालों से कर रहे नौकरी पर ग्रोथ जीरो, Gen Z के ये 10 करियर हैक्स से मिल सकती है सिक्स-फिगर से ज्यादा सैलरी
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( Image Source:  AI SORA )
हेमा पंत
Edited By: हेमा पंत3 Mins Read

Updated on: 28 Feb 2026 9:00 PM IST

अगर आप सालों से एक ही कुर्सी पर बैठे सोच रहे हैं कि प्रमोशन आखिर आता क्यों नहीं, सैलरी स्लिप में बदलाव दिखता क्यों नहीं और मेहनत के बावजूद ग्रोथ रुक-सी क्यों गई है, तो शायद अब तरीका बदलने का समय आ गया है. आज की Gen Z वही कर रही है जो पहले कम लोग सोचते थे.

सिर्फ डिग्री पर भरोसा नहीं, बल्कि स्किल, नेटवर्क और साइड इनकम पर फोकस. यही वजह है कि कई यंगस्टर्स कुछ ही सालों में सिक्स-फिगर से ज्यादा सैलरी तक पहुंच रहे हैं. चलिए जानते हैं Gen Z के वो 10 करियर हैक्स जिनसे आपकी इनकम हो सकती है दोगुनी.

  • ज्यादातर लोग सिर्फ एक डिग्री के सहारे बैठे रहते हैं, लेकिन Gen Z एक ही डिग्री पर डिपेंड नहीं रहते हैं. वे डेटा, क्लाउड, कोडिंग, UX या सेल्स जैसी हाई-डिमांड स्किल्स छोटे कोर्स और बूटकैंप के जरिए सीखते हैं. इससे वे जल्दी जॉब-रेडी बन जाते हैं और सैलरी ग्रोथ तेज होती है.
  • ये जनरेशन खुद आगे बढ़कर मेंटर ढूंढती है. एक्सपीरियंस लोगों से गाइडेंस लेने से करियर की गलतियां कम होती हैं और सही दिशा जल्दी मिलती है.
  • Gen Z LinkedIn, ऑनलाइन कम्युनिटी, एलुमनाई ग्रुप और प्रोफेशनल इवेंट्स के जरिए मजबूत नेटवर्क बनाती है. रेफरल और पहचान के जरिए बेहतर अवसर जल्दी मिलते हैं.
  • आज के समय में सोशल मीडिया ही नया रिज़्यूमे है. Gen Z अपने प्रोजेक्ट GitHub पर डालती है, केस स्टडी पोस्ट करती है और अपनी स्किल्स ऑनलाइन दिखाती है, जिससे रिक्रूटर्स का ध्यान जल्दी जाता है.
  • सिर्फ एक नौकरी पर निर्भर रहने के बजाय ये लोग फ्रीलांसिंग, ई-कॉमर्स, ट्यूशन या कंटेंट क्रिएशन जैसे साइड हसल भी करते हैं. इससे एक्स्ट्रा कमाई के साथ रिस्क भी कम होता है.
  • इंटर्नशिप, लाइव प्रोजेक्ट और पार्ट-टाइम काम के जरिए Gen Z पढ़ाई के दौरान ही एक्सपीरियंस हासिल करती है. इससे इंटरव्यू में कॉन्फिडेंस बढ़ता है और बेहतर पैकेज मिलता है.
  • डिजिटल टूल्स, AI और ऑटोमेशन का सही इस्तेमाल इन्हें दूसरों से आगे रखता है. टेक-सेवी होने के कारण वे काम जल्दी और बेहतर तरीके से पूरा कर पाते हैं.
  • कम्युनिकेशन, इमोशनल इंटेलिजेंस और प्रॉब्लम-सॉल्विंग जैसी सॉफ्ट स्किल्स पर भी Gen Z काम करती है. यही गुण उन्हें लीडरशिप रोल तक पहुंचाने में मदद करते हैं.
  • यह पीढ़ी सिर्फ पैसा नहीं, बल्कि वर्क-लाइफ बैलेंस भी चाहती है. वे ऐसे करियर चुनते हैं जहां ग्रोथ के साथ मेंटल पीस भी बनी रहे.
  • कई Gen Z युवा खुद का स्टार्टअप या माइक्रो-बिजनेस शुरू कर रहे हैं. डिजिटल प्लेटफॉर्म और कम लागत वाले टूल्स की मदद से वे कम समय में बड़ा स्केल हासिल करने की कोशिश करते हैं.
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