शॉपिंग में उड़ जाते हैं आधे से ज्यादा पैसे? तो ये आसान ट्रिक्स नहीं खाली होने देगी आपकी जेब
कल्पना कीजिए आप बिना ज़रूरत कुछ खरीद लेते हैं, कुछ पल खुशी मिलती है, लेकिन बिल देखते ही पछतावा शुरू हो जाता है. फिर खुद से वादा होता है, “अब नहीं खरीदूंगा,” और कुछ दिन बाद वही कहानी दोहराई जाती है. सच यह है कि शॉपिंग की लत सिर्फ कमज़ोर इच्छाशक्ति की वजह से नहीं होती. अक्सर इसके पीछे इमोशन्स, आदतें और हमारे आसपास का माहौल जिम्मेदार होता है. अगर आप भी बिना सोचे-समझे खर्च कर देते हैं, तो ये दस तरीके आपकी सोच और दोनों बदल सकते हैं.
आज के दौर में शॉपिंग सिर्फ ज़रूरत नहीं, आदत बन चुकी है. सेल, डिस्काउंट और ऑनलाइन ऑफर्स के बीच कब आधी सैलरी खर्च हो जाती है, पता ही नहीं चलता. बाद में बिल देखकर अफसोस होता है और मन में सवाल उठता है कि पैसा आखिर गया कहां?
अगर आप भी हर महीने बजट बिगड़ने से परेशान हैं, तो कुछ छोटे लेकिन असरदार बदलाव आपकी जेब को खाली होने से बचा सकते हैं. ये आसान ट्रिक्स आपको बिना मन मारे खर्च पर कंट्रोल करना सिखाएंगी और फिजूल की शॉपिंग से बचाएंगी.
इमोशन समझना है जरूरी
हर खरीदारी किसी वजह से होती है. कभी बोरियत, कभी तनाव, तो कभी खुद को कमतर महसूस करने का अहसास. जब भी खरीदने का मन करे, खुद से पूछिए “मैं अभी कैसा महसूस कर रहा हूं?” अक्सर जवाब मिलेगा कि ज़रूरत चीज़ की नहीं, इमोशनल राहत की है.
तुरंत खरीदारी पर ब्रेक लगाएं
मन कहता है अभी खरीद लो, वरना मौका चला जाएगा. लेकिन दिमाग को सोचने का वक्त चाहिए. अपने लिए एक नियम बनाइए. 48 घंटे बिना खरीदे इंतज़ार. अक्सर दो दिन बाद वही चीज़ उतनी जरूरी नहीं लगती.
फोन को बनाएं शॉपिंग-फ्री
एक क्लिक और पैसा उड़ जाता है. इसी आसान रास्ते से दूरी बनाना जरूरी है. यानी आपको फोन से शॉपिंग ऐप्स हटाने चाहिए. ऑनलाइन शॉपिंग ही बेफिजूल के खर्च करवाती है. मार्केट में जाकर खरीदारी करना न केवल समय खर्च करने वाला काम है बल्कि इसमें मेहनत लगती है. इतना ही नहीं, अलग से एक दिन भी निकालना पड़ता है.
खुद से करें ये सवाल
हर पसंदीदा चीज़ जरूरी नहीं होती. खरीदने से पहले खुद से पांच सवाल पूछिए. क्या ये सच में काम आएगी? क्या मेरे पास पहले से कुछ ऐसा है? क्या मैं इसे एक महीने बाद भी चाहूंगा? अगर जवाब साफ नहीं है, तो खरीदारी रोक दीजिए.
अकाउंट्स को करें अनफॉलो
इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर दिखने वाली चमक-धमक अक्सर बेवजह खर्च की सबसे बड़ी वजह होती है. जो अकाउंट आपको बार-बार खरीदने के लिए उकसाते हैं, उन्हें अनफॉलो कर दें.
नए अंदाज में करें यूज
कपड़ों और सामान को नए तरीके से सजाइए. अक्सर हमें एहसास ही नहीं होता कि हमारे पास पहले से कितना कुछ है. पुरानी चीज़ों को नए अंदाज़ में इस्तेमाल करना सीखें. ऐसा करने से आपको अलग तरह की सैटिसफैक्शन मिलेगी. आपको लगेगा जैसा आपने कुछ अचीव किया हो.





