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'सिर्फ हैंगओवर' समझा गया सिरदर्द बना जानलेवा! पैरासिटामोल खाने से हो गई 19 साल की लड़की की मौत, अब पछता रहा परिवार

एक सामान्य हैंगओवर समझा गया तेज सिरदर्द यूके के 19 साल की किशोरी के लिए जानलेवा साबित हुआ. पैरासिटामोल लेने के बाद उसकी हालत तेजी से बिगड़ी और दिमाग में खतरनाक ब्लड क्लॉट से मौत हो गई. जांच में गर्भनिरोधक गोली को संभावित कारण माना गया है. यह कहानी चेतावनी देती है कि गंभीर सिरदर्द को नजरअंदाज न करें और हार्मोनल दवाओं के जोखिमों को समझें.

सिर्फ हैंगओवर समझा गया सिरदर्द बना जानलेवा! पैरासिटामोल खाने से हो गई 19 साल की लड़की की मौत, अब पछता रहा परिवार
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( Image Source:  sora ai )
नवनीत कुमार
Edited By: नवनीत कुमार

Published on: 11 Jan 2026 1:46 PM

कई बार जो दर्द हमें मामूली लगता है, वही सबसे बड़ा खतरा साबित हो सकता है. यूके की 19 साल की लड़की ने दोस्तों के साथ रात बिताने के बाद सुबह तेज सिरदर्द को “सामान्य हैंगओवर” समझ लिया. उसने सोचा कि थोड़ी दवा और आराम से सब ठीक हो जाएगा. लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि यह दर्द उसकी जिंदगी का आखिरी संकेत साबित होगा. महज 48 घंटे के भीतर उसकी मौत हो गई और पूरा परिवार सदमे में डूब गया.

मार्च की शुरुआत में जब वह तेज सिरदर्द के साथ जागी, तो उसने इसे ज्यादा गंभीर नहीं समझा. दर्द कम न होने पर वह अपनी मां के पास गई. मां ने पैरासिटामोल दी, आंखों पर मास्क लगाया और आराम करने को कहा. शुरुआत में सब कुछ सामान्य लग रहा था, लेकिन दर्द तेजी से बढ़ता चला गया. यही वह पल था, जब स्थिति हाथ से निकलने लगी.

अचानक बिगड़ी हालत

कुछ ही घंटों में उसकी तबीयत इतनी बिगड़ गई कि मां को मेडिकल हेल्पलाइन पर कॉल करनी पड़ी. कॉल के दौरान ही वह अचानक बेहोश हो गई. आनन-फानन में एंबुलेंस बुलाई गई और उसे अस्पताल ले जाया गया. डॉक्टरों की शुरुआती जांच के बाद परिवार को जो बताया गया, उसने सबको तोड़कर रख दिया. यह सिर्फ सिरदर्द नहीं, बल्कि दिमाग में खतरनाक ब्लड क्लॉट था.

दिमाग में जमा खून का थक्का

डॉक्टरों ने बताया कि उसे cerebral venous sinus thrombosis हुआ था, यानी दिमाग की नसों में खून का थक्का जम गया था. यह बीमारी दुर्लभ होती है, लेकिन बेहद जानलेवा साबित हो सकती है. डॉक्टरों ने परिवार को पहले ही चेताया कि बचने की संभावना बेहद कम है. दो दिन बाद जीवन रक्षक सिस्टम हटाया गया और उसने मां की बाहों में दम तोड़ दिया.

गर्भनिरोधक गोली से जुड़ा सुराग

जांच में सामने आया कि वह पिछले कुछ समय से कॉम्बाइंड ओरल कॉन्ट्रासेप्टिव पिल ले रही थी. पहले हाई ब्लड प्रेशर के कारण उसे यह दवा बंद कराई गई थी, लेकिन बाद में दोबारा शुरू कर दी गई. परिवार को कभी अंदाजा नहीं था कि यही गोली इतना बड़ा खतरा बन सकती है. बाद में यही दवा उसकी मौत का एक संभावित कारण मानी गई.

मां को आ रहा पछतावा

मां ने बताया कि उन्हें दोबारा दवा शुरू किए जाने पर थोड़ी चिंता जरूर हुई थी, लेकिन उन्होंने डॉक्टर की सलाह पर भरोसा किया. अब वह खुद को कोसती हैं कि काश उन्होंने सवाल उठाया होता. उनका कहना है कि उनकी बेटी समझदार और जिम्मेदार थी. अगर उसे जरा भी अंदाजा होता कि उसकी जान को खतरा है, तो वह कभी वह दवा नहीं लेती.

दर्द के बाद उम्मीद की किरण

इस दर्दनाक हादसे के बाद परिवार ने एक फाउंडेशन की शुरुआत की, ताकि दूसरी युवा लड़कियों को जागरूक किया जा सके. उनका मकसद है कि कोई भी लड़की गंभीर सिरदर्द जैसे लक्षणों को हल्के में न ले. मां का कहना है कि उनकी बेटी तो लौटकर नहीं आएगी, लेकिन अगर उसकी कहानी किसी और की जान बचा सके, तो यही सबसे बड़ी श्रद्धांजलि होगी.

विशेषज्ञों की चेतावनी

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक, हार्मोनल गर्भनिरोधक गोलियों से जुड़ा ब्लड क्लॉट का खतरा दुर्लभ जरूर है, लेकिन असंभव नहीं. NHS जैसी संस्थाएं भी ब्लड प्रेशर और अन्य जोखिमों की नियमित जांच पर जोर देती हैं. यह कहानी एक साफ संदेश देती है. तेज और असामान्य सिरदर्द को कभी “सिर्फ हैंगओवर” समझकर नजरअंदाज न करें. समय पर सतर्कता ही जिंदगी बचा सकती है.

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